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Jind News: मेक इन इंडिया नीति से विकसित है हाइड्रोजन ट्रेन, 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी
Sun, 12 Jul 2026 01:26 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sun, 12 Jul 2026 01:26 AM IST
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फोटो 11जेएनडी24-अधिकारियों के साथ जंक्शन का दौरा करते हुए रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार। स
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जींद। भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन पूरी तरह मेक इन इंडिया नीति से विकसित है। 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाइड्रोजन ट्रेन के लोकार्पण के साथ ही रेलवे के इतिहास में नया अध्याय जुड़ जाएगा। शुरुआत में इसे 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से संचालित किया जाएगा। भविष्य में तकनीकी अनुभव के आधार पर इसके संचालन का दायरा बढ़ाया जाएगा।
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने शनिवार को जींद जंक्शन और हाइड्रोजन प्लांट का निरीक्षण करने और तैयारियों का जायजा लेने के बाद मीडिया से यह बात कही। उन्होंने बताया कि देशभर में 1377 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इसमें केवल बड़े शहरों के स्टेशन ही नहीं, बल्कि छोटे स्टेशन भी शामिल हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 17 जुलाई को ही प्रधानमंत्री मोदी जालंधर से देशभर के 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण करेंगे। इनमें जींद और नरवाना रेलवे स्टेशन भी शामिल हैं। जींद रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है।
हाइड्रोजन की दोहरी व्यवस्था, फिलहाल जींद पर फोकस : हाइड्रोजन प्लांट में गैस उत्पादन नहीं होने के सवाल पर रेलवे बोर्ड चेयरमैन ने कहा कि ऐसी कोई समस्या नहीं है। इस परियोजना में दोहरी व्यवस्था की गई है। आवश्यकता पड़ने पर हाइड्रोजन गैस प्लांट में भी तैयार की जा सकती है और बाहरी स्रोत से भी उपलब्ध कराई जा सकती है। इसी व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्लांट का निर्माण किया गया था। क्या दूसरी हाइड्रोजन ट्रेनें भी चलेंगी, इस सवाल के जवाब में बोर्ड चेयरमैन ने कहा कि अभी सिर्फ जींद की बात करेंगे।
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रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने शनिवार को जींद जंक्शन और हाइड्रोजन प्लांट का निरीक्षण करने और तैयारियों का जायजा लेने के बाद मीडिया से यह बात कही। उन्होंने बताया कि देशभर में 1377 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इसमें केवल बड़े शहरों के स्टेशन ही नहीं, बल्कि छोटे स्टेशन भी शामिल हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 17 जुलाई को ही प्रधानमंत्री मोदी जालंधर से देशभर के 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण करेंगे। इनमें जींद और नरवाना रेलवे स्टेशन भी शामिल हैं। जींद रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है।
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हाइड्रोजन की दोहरी व्यवस्था, फिलहाल जींद पर फोकस : हाइड्रोजन प्लांट में गैस उत्पादन नहीं होने के सवाल पर रेलवे बोर्ड चेयरमैन ने कहा कि ऐसी कोई समस्या नहीं है। इस परियोजना में दोहरी व्यवस्था की गई है। आवश्यकता पड़ने पर हाइड्रोजन गैस प्लांट में भी तैयार की जा सकती है और बाहरी स्रोत से भी उपलब्ध कराई जा सकती है। इसी व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्लांट का निर्माण किया गया था। क्या दूसरी हाइड्रोजन ट्रेनें भी चलेंगी, इस सवाल के जवाब में बोर्ड चेयरमैन ने कहा कि अभी सिर्फ जींद की बात करेंगे।
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