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Jind News: आरटीए की टीम ने 11 स्कूली बसों की जांची व्यवस्था
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23जेएनडी26-उचाना क्षेत्र के एक निजी स्कूल में बसों की जांच करती टीम। स्रोत टीम
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जीं। जिला परिवहन विभाग की टीम ने वीरवार को स्कूली बसों की जांच की। टीम ने पांच किड्स प्ले स्कूलों के निरीक्षण के दौरान कोई बस स्कूल परिसर में नहीं मिली। उचाना क्षेत्र के निजी स्कूल में 11 बसों की जांच की गई जिसमें सभी बस निर्धारित मानकों पर मिली।
सप्ताह में हर वीरवार को जिला परिवहन विभाग की टीम स्कूली बसों की जांच को लेकर अभियान चलाती है। जांच के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया है, जिसमें जिला परिवहन विभाग कार्यालय से इंस्पेक्टर, एमवीआइ, ट्रैफिक पुलिस से सब इंस्पेक्टर व जिला शिक्षा अधिकारी से एक प्रतिनिधि को शामिल किया जाता है।
जांच के दौरान बसों में सुरक्षा मानकों की जांच की जाती है, जिसमें रिफ्लेक्टर, फायर सिलिंडर, सहित चालक व परिचालकों के लाइसेंस की जांच की जाती है। जिले में 350 से ज्यादा निजी स्कूल हैं। इसमें एक लाख से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। विद्यार्थियों को स्कूल व घर पर ले जाने के लिए बसों की व्यवस्था होती है।
नियमानुसार इसमें एक सहायक भी तैनात होता है। इसके अलावा बस में जीपीएस व सीसीटीवी कैमरे भी लगे होना अनिवार्य होते हैं। बस का परमिट व चालक के पास हैवी लाइसेंस जैसे कागजात भी जरूरी होते हैं, लेकिन प्राइवेट बस चालक कई बार इन नियमों का पालन नहीं करते, उनके खिलाफ टीम कार्रवाई करती है।
वर्जन
वर्जनपांच किड्स प्ले स्कूल और उचाना क्षेत्र में एक निजी स्कूल में बसों की जांच के लिए टीम गई थी। किड्स प्ले स्कूलों में कोई बस नहीं मिली जबकि उचाना क्षेत्र के निजी स्कूल में 11 बसों की जांच गई थी जिसमें निर्धारित सभी मानक पूरे मिले।-- बलजीत सिंह, इंस्पेक्टर, जिला परिवहन विभाग, जींद
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सप्ताह में हर वीरवार को जिला परिवहन विभाग की टीम स्कूली बसों की जांच को लेकर अभियान चलाती है। जांच के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया है, जिसमें जिला परिवहन विभाग कार्यालय से इंस्पेक्टर, एमवीआइ, ट्रैफिक पुलिस से सब इंस्पेक्टर व जिला शिक्षा अधिकारी से एक प्रतिनिधि को शामिल किया जाता है।
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जांच के दौरान बसों में सुरक्षा मानकों की जांच की जाती है, जिसमें रिफ्लेक्टर, फायर सिलिंडर, सहित चालक व परिचालकों के लाइसेंस की जांच की जाती है। जिले में 350 से ज्यादा निजी स्कूल हैं। इसमें एक लाख से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। विद्यार्थियों को स्कूल व घर पर ले जाने के लिए बसों की व्यवस्था होती है।
नियमानुसार इसमें एक सहायक भी तैनात होता है। इसके अलावा बस में जीपीएस व सीसीटीवी कैमरे भी लगे होना अनिवार्य होते हैं। बस का परमिट व चालक के पास हैवी लाइसेंस जैसे कागजात भी जरूरी होते हैं, लेकिन प्राइवेट बस चालक कई बार इन नियमों का पालन नहीं करते, उनके खिलाफ टीम कार्रवाई करती है।
वर्जन
वर्जनपांच किड्स प्ले स्कूल और उचाना क्षेत्र में एक निजी स्कूल में बसों की जांच के लिए टीम गई थी। किड्स प्ले स्कूलों में कोई बस नहीं मिली जबकि उचाना क्षेत्र के निजी स्कूल में 11 बसों की जांच गई थी जिसमें निर्धारित सभी मानक पूरे मिले।

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