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Jind News: डोहाना खेड़ा में जंगीर की मौत से मां और दो बेटे हुए बेसहारा
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22जेएनडी48: मृतक जंगीर के बेटे अभि का हौसला बंधाते हुए एसडीएम उचाना दलजीत सिंह। संवाद
- फोटो : 1
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नरवाना। डोहाना खेड़ा गांव में वीरवार दोपहर एक बजकर 5 मिनट पर दो मंजिला मकान की छत अचानक गिर गई। इसके नीचे दबने से मकान मालिक जंगीर की मौके पर ही मौत हो गई।
दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया। जंगीर की मौत से 60 वर्षीय मां राजपति, बेटे अभि और कीमत बेसहारा हो गए। जंगीर की पत्नी का कई साल पहले ही निधन हो चुका है। घटना के बाद गांव में शोक की लहर है।
जानकारी के अनुसार जंगीर पशुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक लाने-ले जाने के कार्य में सहायक के रूप में काम करता थे। इस काम के कारण कई-कई दिनों तक बाहर रहना पड़ता था। करीब ढ़ाई माह बाद वह बुधवार को अपने बड़े बेटे अभि के साथ हांसी से गांव लौटे थे।
लंबे समय तक लगातार काम करने के कारण वह बेहद थके हुए थे। घर पहुंचने के बाद नीचे वाले कमरे में खाना खाया और आराम करने के लिए लेट गए। इसी दौरान दोपहर को अचानक दो मंजिला मकान की छत गिर गई। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मलबा हटाने का प्रयास शुरू किया। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद जंगीर को बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।
बच्चों के सिर से छिन गई छत
कुलदीप, सुनील श्योकंद ने बताया कि परिवार बेहद गरीब है। मकान पूरी तरह गिर चुका है और बच्चों के सिर से छत भी छिन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार को परिवार की मदद करनी चाहिए ताकि मकान का पुनर्निर्माण हो सके और बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।
वर्जन
डोहाना खेड़ा गांव में मकान की छत गिरने की सूचना मिली थी। इसके बाद घटना स्थल पर पहुंचे और पता चला कि मकान मालिक जंगिर की छत के मलबे में दबने से दर्दनाक मौत हो गई। परिवार में उनके दो छोटे बेटे और एक बूढ़ी मां रह गई है। जंगिर घर के एकमात्र कमाने वाले थे। पीड़ित परिवार की आर्थिक सहायता करवाई जाएगी। इस दुख की घड़ी में प्रशासन परिवार के साथ है।–दलजीत सिंह, एसडीम, उचाना।
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दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया। जंगीर की मौत से 60 वर्षीय मां राजपति, बेटे अभि और कीमत बेसहारा हो गए। जंगीर की पत्नी का कई साल पहले ही निधन हो चुका है। घटना के बाद गांव में शोक की लहर है।
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जानकारी के अनुसार जंगीर पशुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक लाने-ले जाने के कार्य में सहायक के रूप में काम करता थे। इस काम के कारण कई-कई दिनों तक बाहर रहना पड़ता था। करीब ढ़ाई माह बाद वह बुधवार को अपने बड़े बेटे अभि के साथ हांसी से गांव लौटे थे।
लंबे समय तक लगातार काम करने के कारण वह बेहद थके हुए थे। घर पहुंचने के बाद नीचे वाले कमरे में खाना खाया और आराम करने के लिए लेट गए। इसी दौरान दोपहर को अचानक दो मंजिला मकान की छत गिर गई। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मलबा हटाने का प्रयास शुरू किया। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद जंगीर को बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।
बच्चों के सिर से छिन गई छत
कुलदीप, सुनील श्योकंद ने बताया कि परिवार बेहद गरीब है। मकान पूरी तरह गिर चुका है और बच्चों के सिर से छत भी छिन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार को परिवार की मदद करनी चाहिए ताकि मकान का पुनर्निर्माण हो सके और बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।
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डोहाना खेड़ा गांव में मकान की छत गिरने की सूचना मिली थी। इसके बाद घटना स्थल पर पहुंचे और पता चला कि मकान मालिक जंगिर की छत के मलबे में दबने से दर्दनाक मौत हो गई। परिवार में उनके दो छोटे बेटे और एक बूढ़ी मां रह गई है। जंगिर घर के एकमात्र कमाने वाले थे। पीड़ित परिवार की आर्थिक सहायता करवाई जाएगी। इस दुख की घड़ी में प्रशासन परिवार के साथ है।–दलजीत सिंह, एसडीम, उचाना।

22जेएनडी48: मृतक जंगीर के बेटे अभि का हौसला बंधाते हुए एसडीएम उचाना दलजीत सिंह। संवाद- फोटो : 1