{"_id":"69d412f8f00af4be500129dd","slug":"a-pile-of-garbage-in-the-pond-near-the-school-in-pyuda-village-kaithal-news-c-245-1-kht1013-147532-2026-04-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: प्यौदा गांव में स्कूल के पास तालाब में लगा गंदगी का ढेर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: प्यौदा गांव में स्कूल के पास तालाब में लगा गंदगी का ढेर
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 07 Apr 2026 01:39 AM IST
विज्ञापन
प्योदा में तालाब के घाट पर गंदगी व आस पास मौजूद गंदा पानी।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। प्यौदा गांव में सरकारी स्कूल के पास स्थित तालाब गंदगी का अड्डा बन चुका है। तालाब के घाट और आसपास प्लास्टिक व घरेलू कचरे का अंबार लगा है, जिससे पूरे क्षेत्र में बदबू फैल रही है। हालात ऐसे हैं कि आसपास रहने वाले लोगों का घरों में रहना तक मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार सुबह और शाम के समय बदबू इतनी तेज हो जाती है कि लोगों को नाक ढककर निकलना पड़ता है। राजबीर ने बताया कि यह तालाब गांव का प्रमुख जल स्रोत होने के साथ धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़ा है, लेकिन लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण यह बीमारी फैलाने का केंद्र बन गया है।
तालाब के पास स्थित सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को भी इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। गंदगी और दुर्गंध के कारण बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार ग्राम पंचायत को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बरसात के मौसम में हालात और खराब हो जाते हैं, जब गंदा पानी किनारों तक फैल जाता है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। इससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बना रहता है।ॉॉ
कचरा डालने पर रोक हो
ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत और प्रशासन से मांग की है कि तालाब के घाट और आसपास की तुरंत सफाई करवाई जाए। साथ ही कचरा डालने पर रोक, नियमित सफाई व्यवस्था और तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। नाराज ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
Trending Videos
कैथल। प्यौदा गांव में सरकारी स्कूल के पास स्थित तालाब गंदगी का अड्डा बन चुका है। तालाब के घाट और आसपास प्लास्टिक व घरेलू कचरे का अंबार लगा है, जिससे पूरे क्षेत्र में बदबू फैल रही है। हालात ऐसे हैं कि आसपास रहने वाले लोगों का घरों में रहना तक मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार सुबह और शाम के समय बदबू इतनी तेज हो जाती है कि लोगों को नाक ढककर निकलना पड़ता है। राजबीर ने बताया कि यह तालाब गांव का प्रमुख जल स्रोत होने के साथ धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़ा है, लेकिन लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण यह बीमारी फैलाने का केंद्र बन गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
तालाब के पास स्थित सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को भी इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। गंदगी और दुर्गंध के कारण बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार ग्राम पंचायत को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बरसात के मौसम में हालात और खराब हो जाते हैं, जब गंदा पानी किनारों तक फैल जाता है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। इससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बना रहता है।ॉॉ
कचरा डालने पर रोक हो
ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत और प्रशासन से मांग की है कि तालाब के घाट और आसपास की तुरंत सफाई करवाई जाए। साथ ही कचरा डालने पर रोक, नियमित सफाई व्यवस्था और तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। नाराज ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।