सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Road accidents are taking lives, government should fill the potholes

Kaithal News: सड़क हादसों में जा रही जान, गड्ढे भरवा दो सरकार

संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Tue, 07 Apr 2026 01:43 AM IST
विज्ञापन
Road accidents are taking lives, government should fill the potholes
जर्जर हो चुके चीका रोड से गुजरती स्कूटी सवार महिला।
विज्ञापन
नरेंद्र पंडित
Trending Videos


कैथल। देहात से शहर तक सड़कों में गड्ढों की भरमार है। नतीजा... हादसों भी खूब होते हैं। पिछले तीन साल में 947 सड़क हादसे हुए हैं, इनमें घायल 537 लोगों को अपनी जिंदगी से हाथ धोना पड़ा। दो महीने पहले पांच फरवरी को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दौरे पर सड़कों की तस्वीर उजागर हो चुकी पर व्यवस्था में सुधार नहीं हो सका है।

आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में सबसे अधिक 320 हादसे और 202 मौतें दर्ज की गईं, जबकि 2026 के शुरुआती दो महीनों में ही 32 हादसों में 20 लोगों की मौत हो चुकी है। कुल मिलाकर जनता के वाहन जर्जर सड़कों में हिचकोले खा रहे हैं, जबकि अफसरों के पास समाधान को लेकर समय और बजट दोनों नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नाराज लोगों का कहना है कि विकास जर्जर सड़कों के गड्ढों में दब चुका है। इन गड्ढों में लोग हादसे का शिकार होकर बेशकीमती जिंदगी गंवा रहे हैं। आलम यह है कि सड़कों पर गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क, इसका पता लगाना मुश्किल हो गया है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मूकदर्शक बने बैठे हैं।

सड़क के बीचों-बीच बने दो से तीन फीट गहरे गड्ढे आए दिन सड़क हादसों का कारण बन रहे हैं। दुपहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जो इन गड्ढों से अनियंत्रित होकर गिर रहे हैं। बारिश के समय तो जलभराव के कारण गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे राहगीरों की जान पर बन आती है।

वीआईपी दौरे पर दौड़ता प्रशासन : जिले की सड़कों की हालत यह संकेत देती है कि प्रशासन सामान्य दिनों में सुस्त रहता है, लेकिन वीआईपी दौरे के दौरान अचानक सक्रिय हो जाता है। पांच फरवरी को परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम के बाद जब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को चीका-पटियाला रोड से पंजाब जाना था, तो वर्षों से जर्जर पड़े मार्ग पर प्रशासन सक्रिय हो गया। रातों-रात पैचवर्क कर सड़क को दुरुस्त दिखा दिया गया था लेकिन बाद में हालात फिर पहले जैसे हो गए। संवाद
शहरवासी बोले
शहर की सड़कों का बुरा हाल है। अफसर केवल तभी जागते हैं जब किसी वीआईपी ने आना हो। -रामेश्वर नीमवाला, रजनी कॉलोनी

प्रशासन को जर्जर सड़कों की मरम्मत करानी चाहिए, लेकिन अधिकारी ध्यान न देकर जी-हुजूरी में व्यस्त रहते हैं। -प्रवेश, समाजसेवी

बदहाल सड़कें
बस स्टैंड से ढांड बायपास, ढांड-करनाल रोड, जींद रोड, नागरिक अस्पताल क्षेत्र, सेक्टर-18, रेलवे रोड, अटेला रोड, पाई से करोड़ा और कई कॉलोनियों की मुख्य सड़कें।
वर्ष
हादसे
मौत

2023
299
154

2024
296
161

2025
320
202

2026
32
20

(जनवरी व फरवरी)
नई सड़क भी बनी मजाक
शहर के कमेटी चौक, तितरम मोड़, राजौंद, ढांड रोड पर सड़कों की मरम्मत का काम और कमेटी चौक पर निकासी की दिक्कत का समाधान हाल में कराया गया है। वहीं संबंधित विभाग के अधिकारियों को सड़कों की मरम्मत और जरूरत पड़ने पर टेंडर लगा कर नई बनाने के सख्ती से निर्देश दिए गए हैं। कहीं पर दिक्कत है तो उनसे से रिपोर्ट ली जाएगी और प्राथमिकता से समाधान कराया जाएगा। जनता को सुविधाएं उपलब्ध कराना ही मुख्य मकसद है। -अपराजिता, उपायुक्त


पाई से करोड़ा गांव की हाल ही में बनी सड़क की गुणवत्ता पर भी सवाल उठे हैं। एक ग्रामीण द्वारा हाथ से सड़क उखाड़ने का वीडियो वायरल हुआ, जिससे निर्माण कार्य में गड़बड़ी के आरोप लगे। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क में तारकोल कम डालकर घटिया निर्माण किया गया।

जर्जर हो चुके चीका रोड से गुजरती स्कूटी सवार महिला।

जर्जर हो चुके चीका रोड से गुजरती स्कूटी सवार महिला।

जर्जर हो चुके चीका रोड से गुजरती स्कूटी सवार महिला।

जर्जर हो चुके चीका रोड से गुजरती स्कूटी सवार महिला।

जर्जर हो चुके चीका रोड से गुजरती स्कूटी सवार महिला।

जर्जर हो चुके चीका रोड से गुजरती स्कूटी सवार महिला।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed