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Kaithal News: फरियादियाें को समाधान शिविर में मिला सिर्फ आश्वासन

संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Tue, 20 Jan 2026 02:03 AM IST
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Complainants got only assurances in the solution camp
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। जिला सचिवालय में सोमवार को प्रशासन की ओर से समाधान शिविर का आयोजन किया गया। प्रशासन का दावा था कि शिविर में आमजन की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आई। कुछ शिकायतों का निपटारा जरूर हुआ, मगर अधिकांश मामलों में फरियादियों को एक बार फिर आश्वासन ही थमा दिए गए। वही पुरानी तस्वीर सामने आई- अधिकारियों के चेहरों पर आश्वासन की मुस्कान और फरियादियों के चेहरों पर मायूसी।

सुबह 10 बजे से ही शिविर में लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। ठंड के बावजूद दूर-दराज के गांवों से लोग इस उम्मीद में पहुंचे थे कि लंबे समय से अटकी उनकी समस्याओं का आज अंत होगा। शिविर में सीटीएम, डीएसपी, राजस्व, बिजली विभाग, समाज कल्याण, स्वास्थ्य विभाग और नगर निकाय समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन का कहना था कि शिकायत दर्ज होते ही संबंधित विभाग मौके पर ही समाधान करेगा, लेकिन दोपहर ढलते-ढलते लोगों का उत्साह निराशा में बदल गया।
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सबसे अधिक परेशान वे बुजुर्ग नजर आए, जिनकी परिवार पहचान पत्र में आय बढ़ने के कारण पेंशन काट दी गई है। हाथों में दस्तावेज थामे कई बुजुर्ग सभागार से मायूस लौटते दिखाई दिए। फरियादियों का कहना था कि पहले दफ्तरों के चक्कर काटे गए और अब समाधान शिविर में भी केवल “जांच कराई जाएगी” और “देखा जाएगा” जैसे जवाब मिले।

प्रशासन की ओर से बताया गया कि शिविर में कुल 12 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से छह परिवार पहचान पत्र से संबंधित थीं। प्रशासन का दावा है कि इन सभी का समाधान कर दिया गया, जबकि शेष छह शिकायतों के समाधान के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं। अब सवाल यह है कि ये निर्देश कब धरातल पर उतरेंगे या फिर अगली बार फिर से आश्वासनों का ही शिविर लगेगा।

समस्याओं का बोझ वापस लेकर लौटे फरियादी ः शिविर के दौरान अधिकारियों ने आवेदन तो उत्साह से स्वीकार किए, लेकिन समाधान की बारी आई तो अधिकांश फरियादियों को रटे-रटाए जवाब ही मिले। जब शिविर समाप्त हुआ, तो अधिकतर लोग अपनी समस्याओं का बोझ वापस लेकर लौटते दिखाई दिए। लोगों का कहना है कि प्रशासन केवल यह दिखाने में लगा है कि कितने आवेदन प्राप्त हुए, जबकि वास्तविक समाधान की दर बेहद कम है। यह लापरवाही जैसा ही है।

कैथल निवासी राज दुलारी ने बताया कि वह पिछले 30 वर्षों से विधवा पेंशन ले रही थीं, लेकिन अब आय बढ़ा दिखाकर उनकी पेंशन बंद कर दी गई है। बताया गया कि राशन नहीं लेने के कारण

आय बढ़ी है, जबकि उन्होंने कभी राशन लिया ही नहीं। इतने वर्षों से पेंशन मिल रही थी, अब अचानक बंद कर दी गई। अब समझ नहीं आ रहा कि कहां जाएं।

छौत निवासी जय प्रकाश ने बताया कि उनके परिवार पहचान पत्र में पांच लाख रुपये की आय दर्शा दी गई है, जबकि परिवार की इतनी आमदनी है ही नहीं। आय कम करवाने के लिए कई बार एडीसी कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं। अब समाधान शिविर में कहा गया है कि आय कम हो जाएगी। देखते हैं यह आश्वासन कब तक हकीकत बनता है।

करोड़ा निवासी राजपाल ने बताया कि उनकी उम्र 60 वर्ष है। वृद्धावस्था पेंशन बनवाने के लिए समाज कल्याण विभाग के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ। वहां से समाधान शिविर में भेज दिया गया। यहां पेंशन जल्द शुरू होने का आश्वासन मिला है। सरकार घर बैठे पेंशन देने की बात करती है, लेकिन हकीकत में चक्कर कटवाए जा रहे हैं।

जनकपुरी कॉलोनी निवासी बिल्लू जांगड़ा ने बताया कि गली नंबर सात काफी समय से कच्ची पड़ी है। बारिश में गली से निकलना मुश्किल हो जाता है और वाहन फंस जाते हैं। नगर परिषद को कई बार शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। समाधान शिविर में गली बनवाने का आश्वासन मिला है, अब देखना है कि आगे क्या होता है।

समाधान शिविर में नियमानुसार शिकायतों का निस्तारण किया जाता है। परिवार पहचान पत्र से जुड़ी शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया है। बैंक संबंधी शिकायतें भी शिविर में ही निपटा दी गईं। शिकायतकर्ताओं को सीएम कार्यालय से फीडबैक के लिए फोन किया जाता है और प्रक्रिया पूरी होने के बाद शिकायत आर्काइव में चली जाती है। सरकार और प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। -गुरविंद्र सिंह, सीटीएम
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