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Kaithal News: नवरात्र कल से, मंदिरों में सजीं माता की चौकियां
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 18 Mar 2026 01:23 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। चैत्र नवरात्र का शुभारंभ 19 मार्च से होगा। पर्व को लेकर शहर के मंदिरों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और माता के जयकारों से वातावरण भक्तिमय होने लगा है। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना के साथ हवन-यज्ञ का आयोजन किया जाएगा।
शहर के प्रमुख मंदिरों में साफ-सफाई, आकर्षक सजावट और रोशनी की विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर समितियों ने माता रानी के दरबार को भव्य रूप दिया है, ताकि श्रद्धालुओं को पूजा के दौरान आध्यात्मिक माहौल मिल सके। सुबह से ही भक्तजन कलश स्थापना कर विधि-विधान से पूजा आरंभ करेंगे। धार्मिक मान्यता के अनुसार, नवरात्र के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। इस दिन हवन करने का विशेष महत्व माना गया है, जिससे वातावरण शुद्ध होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। श्रद्धालु माता को प्रसन्न करने के लिए लाल चुनरी, नारियल, फल, फूल, मिठाई और श्रृंगार का सामान अर्पित करते हैं। इसके अलावा लौंग, इलायची, बताशे और खीर-पूड़ी का भोग भी लगाया जाता है।
धार्मिक विद्वानों के अनुसार, नवरात्र के दौरान साफ-सफाई, सात्विक जीवनशैली और नियमों का पालन करना जरूरी है। श्रद्धालु व्रत रखकर दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं और जरूरतमंदों की सहायता कर पुण्य अर्जित करते हैं। अष्टमी या नवमी के दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है।
मंदिरों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। प्रमुख मंदिरों पर पुलिस बल तैनात रहेगा और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। महिला श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं।
शहरवासियों में नवरात्र को लेकर खासा उत्साह है। लोग परिवार सहित मंदिर पहुंचकर माता रानी के दर्शन करेंगे, वहीं कई घरों में घट स्थापना कर नौ दिनों तक पूजा और भजन-कीर्तन किए जाएंगे। कुल मिलाकर, कैथल में नवरात्र पर्व को लेकर भक्ति और उल्लास का माहौल बन चुका है।
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कैथल। चैत्र नवरात्र का शुभारंभ 19 मार्च से होगा। पर्व को लेकर शहर के मंदिरों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और माता के जयकारों से वातावरण भक्तिमय होने लगा है। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना के साथ हवन-यज्ञ का आयोजन किया जाएगा।
शहर के प्रमुख मंदिरों में साफ-सफाई, आकर्षक सजावट और रोशनी की विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर समितियों ने माता रानी के दरबार को भव्य रूप दिया है, ताकि श्रद्धालुओं को पूजा के दौरान आध्यात्मिक माहौल मिल सके। सुबह से ही भक्तजन कलश स्थापना कर विधि-विधान से पूजा आरंभ करेंगे। धार्मिक मान्यता के अनुसार, नवरात्र के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। इस दिन हवन करने का विशेष महत्व माना गया है, जिससे वातावरण शुद्ध होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। श्रद्धालु माता को प्रसन्न करने के लिए लाल चुनरी, नारियल, फल, फूल, मिठाई और श्रृंगार का सामान अर्पित करते हैं। इसके अलावा लौंग, इलायची, बताशे और खीर-पूड़ी का भोग भी लगाया जाता है।
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धार्मिक विद्वानों के अनुसार, नवरात्र के दौरान साफ-सफाई, सात्विक जीवनशैली और नियमों का पालन करना जरूरी है। श्रद्धालु व्रत रखकर दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं और जरूरतमंदों की सहायता कर पुण्य अर्जित करते हैं। अष्टमी या नवमी के दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है।
मंदिरों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। प्रमुख मंदिरों पर पुलिस बल तैनात रहेगा और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। महिला श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं।
शहरवासियों में नवरात्र को लेकर खासा उत्साह है। लोग परिवार सहित मंदिर पहुंचकर माता रानी के दर्शन करेंगे, वहीं कई घरों में घट स्थापना कर नौ दिनों तक पूजा और भजन-कीर्तन किए जाएंगे। कुल मिलाकर, कैथल में नवरात्र पर्व को लेकर भक्ति और उल्लास का माहौल बन चुका है।