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Kaithal News: विजिलेंस करेगी शहर के सात पार्कों के रखरखाव और सुरक्षा टेंडर के भ्रष्टचार मामले की जांच
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कलायत। कलायत शहर मेंं पार्कों के रखरखाव और सुरक्षा से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में सरकार ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग हरियाणा की विभागीय विजिलेंस को कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। वार्ड नंबर 6 के पार्षद प्रदीप राणा की ओर से सीएम नायब सिंह सैनी को भेजी गई शिकायत के बाद शहरी स्थानीय निकाय विभाग के मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) ने उन्हें सुनवाई के लिए 6 अगस्त को पंचकूला बुलाया है।
यह नगर पालिका का ऐसा पहला मामला है जिसमें विजिलेंस ने जांच का निर्णय लिया है। पार्षद प्रदीप राणा ने बताया कि नगर पालिका में सात पार्कों के रखरखाव और सुरक्षा के लिए जारी किए गए करीब 30 लाख रुपये के टेंडर में भ्रष्टाचार हुआ है। कागजों में कर्मियों की फर्जी नियुक्ति कर सरकार के साथ-साथ नागरिकों के साथ मजाक किया गया है। एडीसी की जांच व एसडीएम की निरीक्षण रिपोर्ट में पार्कों के रखरखाव की आड़ में गोलमाल की परतें खुल चुकी हैं।
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शहर के सात पार्कों के टेंडर के नाम पर फर्जीवाड़े के मामले की जांच कैथल एडीसी की ओर से डीसी को सौंपी जा चुकी है। इसमें कलायत एसडीएम की पार्कों की निरीक्षण रिपोर्ट भी शामिल है। इसमें पार्कों में न तो कर्मियोंं की नियुक्ति समय अनुरूप साफ हो पाई है औैर न ही पेयजल व सफाई कार्य संतोषजनक मिला। सभी सात पार्कों में एक भी कूड़ेदान नहीं है। इसके साथ ही सात में से छह पार्कों में पेयजल सुविधा का न होना भी गंभीर विषय है। इन हालातों में पार्कों के रखरखाव के टेंडर पूरी तरह से जांच के घेरे में है।
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जारी पत्र मेंं ये हैं आदेश :
शहरी स्थानीय निकाय विभाग चीफ विजिलेंस अधिकारी रामेश्वर मेहरा के पत्र मेंं यह साफ किया है कि कलायत शहर के पार्कों के रखरखाव व सिक्योरिटी से जुड़े टेंडर की जांच प्रक्रिया के तहत सुनवाई के लिए पार्षद प्रदीप राणा को पंचकूला कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत 6 अगस्त को कार्यालय में सुनवाई की कार्यवाही होगी।
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यह नगर पालिका का ऐसा पहला मामला है जिसमें विजिलेंस ने जांच का निर्णय लिया है। पार्षद प्रदीप राणा ने बताया कि नगर पालिका में सात पार्कों के रखरखाव और सुरक्षा के लिए जारी किए गए करीब 30 लाख रुपये के टेंडर में भ्रष्टाचार हुआ है। कागजों में कर्मियों की फर्जी नियुक्ति कर सरकार के साथ-साथ नागरिकों के साथ मजाक किया गया है। एडीसी की जांच व एसडीएम की निरीक्षण रिपोर्ट में पार्कों के रखरखाव की आड़ में गोलमाल की परतें खुल चुकी हैं।
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शहर के सात पार्कों के टेंडर के नाम पर फर्जीवाड़े के मामले की जांच कैथल एडीसी की ओर से डीसी को सौंपी जा चुकी है। इसमें कलायत एसडीएम की पार्कों की निरीक्षण रिपोर्ट भी शामिल है। इसमें पार्कों में न तो कर्मियोंं की नियुक्ति समय अनुरूप साफ हो पाई है औैर न ही पेयजल व सफाई कार्य संतोषजनक मिला। सभी सात पार्कों में एक भी कूड़ेदान नहीं है। इसके साथ ही सात में से छह पार्कों में पेयजल सुविधा का न होना भी गंभीर विषय है। इन हालातों में पार्कों के रखरखाव के टेंडर पूरी तरह से जांच के घेरे में है।
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जारी पत्र मेंं ये हैं आदेश :
शहरी स्थानीय निकाय विभाग चीफ विजिलेंस अधिकारी रामेश्वर मेहरा के पत्र मेंं यह साफ किया है कि कलायत शहर के पार्कों के रखरखाव व सिक्योरिटी से जुड़े टेंडर की जांच प्रक्रिया के तहत सुनवाई के लिए पार्षद प्रदीप राणा को पंचकूला कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत 6 अगस्त को कार्यालय में सुनवाई की कार्यवाही होगी।