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Kaithal News: जड़ौला के ग्रामीणों ने टूटी सड़क के विरोध में नारेबाजी कर रोष प्रकट किया
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22 ढांड 01 टूटी सड़क के विरोध में नारेबाजी करते जड़ौला के ग्रामीण।
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ढांड। करनाल- पिहोवा रोड स्थित रेलवे फाटक से गांव जड़ौला जाने वाली रेलवे लाइन के साथ लगती करीब 380 मीटर लंबी टूटी सड़क के लिए ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। सड़क की बदहाल स्थिति से परेशान ग्रामीणों ने विधायक सतपाल जांबा, जिला परिषद अध्यक्ष, ढांड मार्केट कमेटी चेयरमैन और हरियाणा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष प्रदर्शन किया और जल्द से जल्द सड़क का निर्माण कराने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट के अधिवक्ता रजत प्रदीप मेहला ने बताया कि रेलवे लाइन के साथ बनी यह सड़क लंबे समय से जर्जर हालत में है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं जिससे वाहनों की आवाजाही तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि स्कूल आने-जाने वाले छोटे बच्चे कई बार इन गहरे गड्ढों में गिरकर चोटिल हो चुके हैं जिससे ग्रामीणों में लगातार रोष बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की मांग पर हाईकोर्ट में रेलवे विभाग के खिलाफ रिट याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान रेलवे विभाग की ओर से अदालत में हलफनामा देकर 31 जुलाई तक सड़क को दुरुस्त करने का आश्वासन दिया गया था। जुलाई माह समाप्त होने को है लेकिन अब तक सड़क की मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हुआ। इसी कारण ग्रामीणों को मजबूर होकर संबंधित विभाग और पुंडरी हल्के के जनप्रतिनिधियों के खिलाफ प्रदर्शन करना पड़ा।
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ब्लाॅक समिति सदस्य परविंदर सिंह, आत्मा राम, राम कुमार, राजेंद्र सिंह, कर्ण सिंह, चंद्रमोहन, कुलदीप मैहला, कर्म सिंह, रमेश कुमार, यशपाल, आदर्श मैहला, मुकेश कुमार, अंकुश मैहला और साहिल मैहला ने कहा कि वे कई बार विधायक सतपाल जांबा और जिला परिषद अध्यक्ष कर्मबीर कौल से मिलकर सड़क निर्माण की मांग कर चुके हैं लेकिन आज तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। उनका कहना था कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है लेकिन इस मामले में लगातार अनदेखी की जा रही है।
टूटी हुई सड़क पर फिलहाल पैचवर्क कराकर गड्ढों को भरवाया जाएगा, ताकि लोगों को कुछ राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि विभाग से आवश्यक दिशा-निर्देश और बजट जारी होते ही सड़क का नए सिरे से निर्माण कराया जाएगा। - नरेश कटारिया, सीनियर सेक्शन इंजीनियर, रेलवे कुरुक्षेत्र
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प्रदर्शन के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट के अधिवक्ता रजत प्रदीप मेहला ने बताया कि रेलवे लाइन के साथ बनी यह सड़क लंबे समय से जर्जर हालत में है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं जिससे वाहनों की आवाजाही तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि स्कूल आने-जाने वाले छोटे बच्चे कई बार इन गहरे गड्ढों में गिरकर चोटिल हो चुके हैं जिससे ग्रामीणों में लगातार रोष बढ़ता जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की मांग पर हाईकोर्ट में रेलवे विभाग के खिलाफ रिट याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान रेलवे विभाग की ओर से अदालत में हलफनामा देकर 31 जुलाई तक सड़क को दुरुस्त करने का आश्वासन दिया गया था। जुलाई माह समाप्त होने को है लेकिन अब तक सड़क की मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हुआ। इसी कारण ग्रामीणों को मजबूर होकर संबंधित विभाग और पुंडरी हल्के के जनप्रतिनिधियों के खिलाफ प्रदर्शन करना पड़ा।
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ब्लाॅक समिति सदस्य परविंदर सिंह, आत्मा राम, राम कुमार, राजेंद्र सिंह, कर्ण सिंह, चंद्रमोहन, कुलदीप मैहला, कर्म सिंह, रमेश कुमार, यशपाल, आदर्श मैहला, मुकेश कुमार, अंकुश मैहला और साहिल मैहला ने कहा कि वे कई बार विधायक सतपाल जांबा और जिला परिषद अध्यक्ष कर्मबीर कौल से मिलकर सड़क निर्माण की मांग कर चुके हैं लेकिन आज तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। उनका कहना था कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है लेकिन इस मामले में लगातार अनदेखी की जा रही है।
टूटी हुई सड़क पर फिलहाल पैचवर्क कराकर गड्ढों को भरवाया जाएगा, ताकि लोगों को कुछ राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि विभाग से आवश्यक दिशा-निर्देश और बजट जारी होते ही सड़क का नए सिरे से निर्माण कराया जाएगा। - नरेश कटारिया, सीनियर सेक्शन इंजीनियर, रेलवे कुरुक्षेत्र

22 ढांड 01 टूटी सड़क के विरोध में नारेबाजी करते जड़ौला के ग्रामीण।