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Karnal News: कॉमर्शियल सिलिंडरों की कालाबाजारी शुरू... एजेंसी से मिल नहीं रहा, दलाल मांग रहे 2500 रुपये

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 11 Mar 2026 02:02 AM IST
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Black marketing of commercial cylinders has begun... They are not available from the agency, and brokers are demanding 2500 rupees.
चाय की दुकान में रखा सिलेंडर संवाद
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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। कॉमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति बंद होते ही कालाबाजारी शुरू हो गई है। ढाबा, होटल और रेस्तरां संचालकों को अब गैस एजेंसी से सिलिंडर नहीं मिल रहे। दलाल 1962.50 रुपये के सिलिंडर के 2,500 रुपये तक मांग रहे हैं। अमर उजाला टीम ने शहर के अलग-अलग ढाबा और रेस्तरां संचालकों से बात की तो यह तथ्य सामने आए।
सेक्टर-13 और मॉडल टाउन के ढाबा संचालक राहुल, विवेक और अनुज का कहना है कि प्रशासन ने गैस की किल्लत को देखते हुए जो निर्णय लिया है, यह उनके काम पर बड़ा संकट खड़ा करने वाला है। एजेंसियों से गैस मिल नहीं रही और एजेंट ज्यादा रुपये मांग रहे हैं। बड़े ढाबा, होटल और रेस्तरां संचालकों का कहना है कि उनके पास महज एक या दो दिन की एलपीजी का ही स्टॉक है। छोटे चाय और फास्ट फूड सहित अन्य खाद्य पदार्थ के कार्ट या ठेले संचालकों के पास एक सिलिंडर है, जोकि एक या दो सप्ताह तक चलता है।
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इधर, पीएनजी की आपूर्ति में कटौती करने के लिए भी निदेशालय से निर्देश आ गए हैं, इसे लेकर आईजीएल की ओर से व्यवस्था बनाई जा रही है। निर्देशों के अनुसार, 20 से लेकर 40 प्रतिशत तक गैस की आपूर्ति कम की जाएगी। इसे कैसे घटाया जाए, इस पर निर्णय लिया जा रहा है। हालांकि गैस की आपूर्ति अभी सामान्य ही है।
ज्यादातर ढाबा, होटल, मोटल, रेस्तरां और अन्य खाने-पीने के प्रतिष्ठान चलाने वालों के पास एलपीजी ही ईंधन का माध्यम है। पीएनजी पर बहुत कम ही प्रतिष्ठान निर्भर हैं। जिले में विभिन्न कंपनियों की संचालित 42 गैस एजेंसियां के पास कुल 3.01 लाख गैस कनेक्शन दर्ज हैं। इनमें से लगभग 35 हजार कॉमर्शियल गैस कनेक्शन हैं, जबकि बाकी कनेक्शन घरेलू उपभोक्ताओं के नाम पर हैं। शहर में करीब 15 हजार कॉमर्शियल गैस कनेक्शन हैं।

30 प्रतिशत तक होगी कटौती
इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड के वरिष्ठ प्रबंधक शिवम गुप्ता ने बताया कि गैस आपूर्ति की कटौती के लिए अधिसूचना जारी हुई है। मौजूदा समय में पर्याप्त गैस दी जाएगी। घरेलू और परिवहन और छोटे प्रतिष्ठानों को गैस आपूर्ति देना प्राथमिकता में रहेगा। पिछले छह माह की औसत गैस आपूर्ति के आधार पर उर्वरक प्लांट में 70 प्रतिशत, बड़े उद्योग, शहरी क्षेत्र के औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को 80 प्रतिशत आपूर्ति देंगे। यानी 30 से 20 प्रतिशत तक कटौती होगी। जिले में करीब 70 हजार घरेलू और वाणिज्यिक कनेक्शन हैं।

डीजल भट्ठी से स्वाद पर असर
ढाबा संचालक वीरेंद्र और जोगिंद्र ने बताया कि वह फास्ट फूड आयटम और डोसा बनाते हैं। इसके लिए डीजल भट्ठी का इस्तेमाल नहीं कर सकते। इससे धुआं होने से स्वाद पर भी असर पड़ता है। एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण की स्थिति को ध्यान में रखते हुए भी इसके लिए मनाही है। इसलिए विद्युत चलित उपकरणों का ही इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन उनकी आंच कम होती है। इससे काम पर असर पड़ेगा।


26 दिन बीते, फिर भी बुकिंग नहीं
घरेलू उपभोक्ताओं के एलपीजी गैस सिलिंडर की बुकिंग नहीं हो पा रही है। उनके मोबाइल पर भी मैसेज लगे हैं। शिव कॉलोनी के शंभू और प्रेम नगर की प्रीति ने बताया कि उनके पिछले सिलिंडर की बुकिंग हुए 26 दिन का समय हो गया है फिर भी बुकिंग नहीं हुई। एजेंसी से पूछा तो पता चला कि पिछली डिलिवरी के 25 दिन बाद नई बुकिंग होगी। उनकी बुकिंग स्वीकार नहीं हो पाई।


तो दो दिन में बंद हो जाएगा काम
सेक्टर-13 के डोसा रेस्तरां संचालक जोगिंद्र का कहना है कि हम केवल एलपीजी गैस पर ही निर्भर हैं, रोजाना दो या तीन सिलिंडर ही लगते हैं। एजेंसी से जरूरत के हिसाब से गैस ली जाती है, इसके लिए कोई स्टॉक नहीं रखते। यदि गैस नहीं मिलती तो दो दिन में रेस्तरां बंद करना पड़ जाएगा।


पीएनजी बंद होने पर होगी दिक्कत
चाप रेस्तरां संचालक राहुल का कहना है कि उनके प्रतिष्ठान में पीएनजी कनेक्शन है। उनके पास पर्याप्त गैस आ रही है। यदि गैस मिलनी बंद हो गई तो उनके सामने बड़ी दिक्कत आ सकती है। छोटे ढाबा और रेस्तरां संचालकों के लिए यह बड़ी समस्या है, सरकार कोई समाधान निकाले।


रोजी-रोटी का संकट होगा खड़ा
सेक्टर-13 के ढाबा संचालक श्रवण का कहना है कि उनके पास दो दिन की गैस का ही स्टॉक है। उन्होंने एजेंसी से सिलिंडर की मांग की थी तो एक ही सिलिंडर मिल पाया। उनका कहना है कि यदि गैस की किल्लत है तो सरकार समाधान करे, ढाबे बंद होने से कई लोगों की रोजी-रोटी पर संकट आ जाएगा।

वर्जन
कॉमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति और नई बुकिंग दोनों बंद हैं। मुख्यालय से मिलने वाले निर्देश और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। सिलिंडर की कालाबाजारी नहीं कर सकते। ऐसा करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। - मुकेश कुमार, डीएफएससी
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