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Karnal News: मेडिकल कॉलेज में खून की कई जांच ठप, एक्स-रे फिल्म खत्म
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कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के ओपीडी ब्लाॅक में दवाई की लाइन में लगे मरीज। संवाद
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में रक्त की कई जांच नहीं हो पा रही हैं। एक्स-रे फिल्म भी खत्म हो गई है। मरीजों को मोबाइल फोन में एक्स-रे की फोटो खींचकर डॉक्टर को दिखाने के लिए कहा जा रहा है। मजबूरी में मरीज निजी लैब का सहारा ले रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 1500 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें से बड़ी संख्या में मरीजों को उपचार से पहले खून की जांच कराने का परामर्श दिया जाता है। मेडिकल कॉलेज में कई जरूरी रक्त जांच पिछले कई दिनों से नहीं हो पा रही हैं। इनमें सीबीसी, थायरॉयड, विटामिन बी-12, डी-3, शुगर आदि की जांचें हैं। मरीजों का कहना है कि डॉक्टर जांच लिख देते हैं लेकिन अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध नहीं होती। मजबूरन निजी प्रयोगशालाओं में जाकर महंगी जांच करवानी पड़ती है।
मेडिकल कॉलेज के एक्स-रे विभाग में फिल्म खत्म होने से भी मरीजों को परेशानी हो रही है। एक्स-रे तो किया जा रहा है, लेकिन फिल्म उपलब्ध न होने के कारण मरीजों को रिपोर्ट की प्रति नहीं मिल पा रही। कई मामलों में मरीजों से कहा जा रहा है कि वे एक्स-रे स्क्रीन की फोटो मोबाइल फोन में खींच लें और वही तस्वीर डॉक्टर को दिखा दें। हालांकि यह व्यवस्था सभी मरीजों के लिए संभव नहीं है। कई बुजुर्ग मरीजों के पास मोबाइल फोन नहीं होते या वह इसका उपयोग करना नहीं जानते।
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जांच ही नहीं हो पा रही
मेडिकल कॉलेज आने से पहले सोचा था कि सस्ता और बेहतर इलाज मिल सकेगा। लेकिन यहां तो जांच ही नहीं हो पा रही हैं। इस कारण अब निजी प्रयोगशाला पर ही जांच करानी पड़ेगी। - सोनी, खुडक जहांगीर
एक्सरे की फोटो दिखा दें
कुछ दिनों पहले चोट लगी थी। दर्द नहीं गया था। आज डॉक्टर को दिखाया है। उन्होंने एक्सरे कराने के लिए कहा था। यहां बोला गया है कि एक्सरे की फिल्म नहीं है इसका फोटो डॉक्टर को दिखा देना। - सनोज, वसंत विहार
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वर्जन :
कुछ किटों की कमी है। इस कमी को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। वित्तीय क्षमता के अनुसार लगातार बेहतरी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। - डॉ. एमके गर्ग, निदेशक, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज
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करनाल। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में रक्त की कई जांच नहीं हो पा रही हैं। एक्स-रे फिल्म भी खत्म हो गई है। मरीजों को मोबाइल फोन में एक्स-रे की फोटो खींचकर डॉक्टर को दिखाने के लिए कहा जा रहा है। मजबूरी में मरीज निजी लैब का सहारा ले रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 1500 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें से बड़ी संख्या में मरीजों को उपचार से पहले खून की जांच कराने का परामर्श दिया जाता है। मेडिकल कॉलेज में कई जरूरी रक्त जांच पिछले कई दिनों से नहीं हो पा रही हैं। इनमें सीबीसी, थायरॉयड, विटामिन बी-12, डी-3, शुगर आदि की जांचें हैं। मरीजों का कहना है कि डॉक्टर जांच लिख देते हैं लेकिन अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध नहीं होती। मजबूरन निजी प्रयोगशालाओं में जाकर महंगी जांच करवानी पड़ती है।
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मेडिकल कॉलेज के एक्स-रे विभाग में फिल्म खत्म होने से भी मरीजों को परेशानी हो रही है। एक्स-रे तो किया जा रहा है, लेकिन फिल्म उपलब्ध न होने के कारण मरीजों को रिपोर्ट की प्रति नहीं मिल पा रही। कई मामलों में मरीजों से कहा जा रहा है कि वे एक्स-रे स्क्रीन की फोटो मोबाइल फोन में खींच लें और वही तस्वीर डॉक्टर को दिखा दें। हालांकि यह व्यवस्था सभी मरीजों के लिए संभव नहीं है। कई बुजुर्ग मरीजों के पास मोबाइल फोन नहीं होते या वह इसका उपयोग करना नहीं जानते।
जांच ही नहीं हो पा रही
मेडिकल कॉलेज आने से पहले सोचा था कि सस्ता और बेहतर इलाज मिल सकेगा। लेकिन यहां तो जांच ही नहीं हो पा रही हैं। इस कारण अब निजी प्रयोगशाला पर ही जांच करानी पड़ेगी। - सोनी, खुडक जहांगीर
एक्सरे की फोटो दिखा दें
कुछ दिनों पहले चोट लगी थी। दर्द नहीं गया था। आज डॉक्टर को दिखाया है। उन्होंने एक्सरे कराने के लिए कहा था। यहां बोला गया है कि एक्सरे की फिल्म नहीं है इसका फोटो डॉक्टर को दिखा देना। - सनोज, वसंत विहार
वर्जन :
कुछ किटों की कमी है। इस कमी को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। वित्तीय क्षमता के अनुसार लगातार बेहतरी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। - डॉ. एमके गर्ग, निदेशक, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज