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Karnal News: बिदक्यार झील में गंदगी का आलम, पक्षी भी आने हुए बंद
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Wed, 10 Jun 2026 11:05 PM IST
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रितेश पिलानी
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अंबर
कैथल। शहर के मध्य स्थित जवाहर पार्क की बिदक्यार झील इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। कभी विदेशी पक्षियों की चहचहाहट और लोगों की आवाजाही से गुलजार रहने वाली यह झील आज गंदगी, कचरे और दुर्गंध की चपेट में है।
झील के बीचों-बीच स्थापित भगवान शिव की प्रतिमा के पास भी कचरा फैला हुआ है। न केवल पर्यावरण के लिए चिंता का विषय है बल्कि श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंचा रही है। कैथल की सबसे बड़ी झील मानी जाने वाली बिदक्यार झील वर्षों से शहरवासियों के आकर्षण का केंद्र रही है। सुबह-शाम यहां सैर करने वालों, बच्चों और प्रकृति प्रेमियों की भीड़ लगी रहती थी। बड़ी संख्या में विदेशी पक्षी भी यहां पहुंचते थे, जिससे झील का नजारा और भी मनमोहक बन जाता था, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं।
झील के पानी में जगह-जगह कूड़ा-कचरा तैरता दिखाई देता है। कई स्थानों पर काई जमा हो चुकी है। पानी से उठने वाली बदबू के कारण लोगों का वहां रुकना भी मुश्किल हो गया है। यहां तक कि यहां लगाए गए कुछ डस्टबिन भी टूटे हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित सफाई नहीं होने से झील का प्राकृतिक सौंदर्य लगातार नष्ट हो रहा है।
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यह बोले लोग
- रितेश पिलानी ने बताया कि कुछ साल पहले तक बिदक्यार झील कैथल की पहचान हुआ करती थी। यहां बड़ी संख्या में विदेशी पक्षी आते थे और सुबह-शाम लोगों की अच्छी-खासी भीड़ रहती थी। अब झील में गंदगी और बदबू के कारण लोग यहां अधिक समय तक रुकना भी पसंद नहीं करते।
- मनदीप ने कहा कि झील के बीच भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित है, लेकिन उसके आसपास भी गंदगी दिखाई देती है। धार्मिक स्थल के आसपास स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है। प्रशासन को नियमित सफाई की व्यवस्था करनी चाहिए।
- ओमप्रकाश ने कहा कि बिदक्यार झील केवल एक पर्यटन स्थल नहीं बल्कि शहर की धरोहर है। यहां पहले सर्दियों में विभिन्न प्रजातियों के प्रवासी पक्षी दिखाई देते थे। गंदगी बढ़ने से पक्षियों का आना भी कम हो गया है। प्रशासन को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
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इस संबंध में नगर परिषद के एमई वरुण शर्मा ने कहा कि बिदक्यार झील के लिए जल्द ही झील की सफाई का कार्य करवाया जाएगा और लोगोंं को कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी।
कैथल। शहर के मध्य स्थित जवाहर पार्क की बिदक्यार झील इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। कभी विदेशी पक्षियों की चहचहाहट और लोगों की आवाजाही से गुलजार रहने वाली यह झील आज गंदगी, कचरे और दुर्गंध की चपेट में है।
झील के बीचों-बीच स्थापित भगवान शिव की प्रतिमा के पास भी कचरा फैला हुआ है। न केवल पर्यावरण के लिए चिंता का विषय है बल्कि श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंचा रही है। कैथल की सबसे बड़ी झील मानी जाने वाली बिदक्यार झील वर्षों से शहरवासियों के आकर्षण का केंद्र रही है। सुबह-शाम यहां सैर करने वालों, बच्चों और प्रकृति प्रेमियों की भीड़ लगी रहती थी। बड़ी संख्या में विदेशी पक्षी भी यहां पहुंचते थे, जिससे झील का नजारा और भी मनमोहक बन जाता था, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं।
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झील के पानी में जगह-जगह कूड़ा-कचरा तैरता दिखाई देता है। कई स्थानों पर काई जमा हो चुकी है। पानी से उठने वाली बदबू के कारण लोगों का वहां रुकना भी मुश्किल हो गया है। यहां तक कि यहां लगाए गए कुछ डस्टबिन भी टूटे हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित सफाई नहीं होने से झील का प्राकृतिक सौंदर्य लगातार नष्ट हो रहा है।
यह बोले लोग
- रितेश पिलानी ने बताया कि कुछ साल पहले तक बिदक्यार झील कैथल की पहचान हुआ करती थी। यहां बड़ी संख्या में विदेशी पक्षी आते थे और सुबह-शाम लोगों की अच्छी-खासी भीड़ रहती थी। अब झील में गंदगी और बदबू के कारण लोग यहां अधिक समय तक रुकना भी पसंद नहीं करते।
- मनदीप ने कहा कि झील के बीच भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित है, लेकिन उसके आसपास भी गंदगी दिखाई देती है। धार्मिक स्थल के आसपास स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है। प्रशासन को नियमित सफाई की व्यवस्था करनी चाहिए।
- ओमप्रकाश ने कहा कि बिदक्यार झील केवल एक पर्यटन स्थल नहीं बल्कि शहर की धरोहर है। यहां पहले सर्दियों में विभिन्न प्रजातियों के प्रवासी पक्षी दिखाई देते थे। गंदगी बढ़ने से पक्षियों का आना भी कम हो गया है। प्रशासन को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
इस संबंध में नगर परिषद के एमई वरुण शर्मा ने कहा कि बिदक्यार झील के लिए जल्द ही झील की सफाई का कार्य करवाया जाएगा और लोगोंं को कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी।

रितेश पिलानी

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