{"_id":"6a0387cb7ca1e088e2074005","slug":"20-day-flute-playing-workshop-begins-at-geeta-gyan-sansthanam-kurukshetra-news-c-45-1-kur1010-154756-2026-05-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: गीता ज्ञान संस्थानम में 20 दिवसीय बांसुरी वादन कार्यशाला शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: गीता ज्ञान संस्थानम में 20 दिवसीय बांसुरी वादन कार्यशाला शुरू
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। गीता ज्ञान संस्थानम में बांसुरी वादन कार्यशाला में बांसुरी वादन का अभ्यास करते प्र
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। हरियाणा कला परिषद के तत्वावधान में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद के प्रेरणा दिवस के उपलक्ष्य में गीता ज्ञान संस्थानम् के गीता मंथन कक्ष में बांसुरी वादन कार्यशाला शुरू हुई। प्रथम दिवस का शुभारंभ संस्थान के स्वामी गोविंद शरण, शिक्षा प्रमुख डॉ. विवेक कोहली, कार्यशाला संयोजक डॉ. सचिंद्र कुमार, मुख्य प्रशिक्षक डॉ. मनीश कुकरेजा, सह प्रशिक्षक देवेंद्र की ओर से गुरुकुल के विद्यार्थियों को बांसुरी प्रदान कर किया गया।
कार्यशाला में विशिष्ट अतिथि के रूप में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त फाइन आर्ट विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. राम विरंजन ने शुभकामनाएं देते हुए सभी को आशीर्वाद दिया और बांसुरी पर मधुर तान बजा कर सभी का मन मोह लिया। स्वामी ज्ञानानंद भी मौजूद रहे। हरियाणा योग आयोग के चेयरमैन डॉ. जयदीप आर्य, सदस्य डॉ. पवन गुप्ता, हरियाणा पतंजलि प्रभारी ईश आर्य व भारतीय योग संस्थान के प्रांतीय संगठन मंत्री गुलशन ग्रोवर ने भी प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया।
डॉ. विवेक कोहली ने सुंदर भजन प्रस्तुत किए और कार्यशाला संयोजक डॉ. सचिंद्र कुमार ने कार्यशाला के बारे में विस्तार से बताया। गुरुकुल के विद्यार्थियों ने गीता के 15वें अध्याय पुरुषोत्तम योग के श्लोकों का सुंदर पाठ किया। मुख्य प्रशिक्षक डॉ. मनीश कुकरेजा और सहशिक्षक पवन गुंबर ने सुर व ताल की जानकारी देते हुए बांसुरी पर तालयुक्त सरगम बजाने की जानकारी दी।
स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि ब्रजभूमि में भगवान श्री कृष्ण ने बांसुरी वादन किया और इस बांसुरी के स्वर को शब्द रूप देकर कुरुक्षेत्र में अर्जुन के माध्यम से विश्व को गीता ज्ञान दिया। उन्होंने दो नारे दिए वृंदावन का बंसी बजैया कुरुक्षेत्र का गीता गवैया। मुरली की तान गीता का ज्ञान। कार्यशाला प्रतिभागियों को एकाग्रता से बांसुरी वादन सीखने का आह्वान करते हुए उन्होंने डॉ. मनीष के बांसुरी वादन कार्यशालाओं के आयोजन की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
Trending Videos
कार्यशाला में विशिष्ट अतिथि के रूप में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त फाइन आर्ट विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. राम विरंजन ने शुभकामनाएं देते हुए सभी को आशीर्वाद दिया और बांसुरी पर मधुर तान बजा कर सभी का मन मोह लिया। स्वामी ज्ञानानंद भी मौजूद रहे। हरियाणा योग आयोग के चेयरमैन डॉ. जयदीप आर्य, सदस्य डॉ. पवन गुप्ता, हरियाणा पतंजलि प्रभारी ईश आर्य व भारतीय योग संस्थान के प्रांतीय संगठन मंत्री गुलशन ग्रोवर ने भी प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
डॉ. विवेक कोहली ने सुंदर भजन प्रस्तुत किए और कार्यशाला संयोजक डॉ. सचिंद्र कुमार ने कार्यशाला के बारे में विस्तार से बताया। गुरुकुल के विद्यार्थियों ने गीता के 15वें अध्याय पुरुषोत्तम योग के श्लोकों का सुंदर पाठ किया। मुख्य प्रशिक्षक डॉ. मनीश कुकरेजा और सहशिक्षक पवन गुंबर ने सुर व ताल की जानकारी देते हुए बांसुरी पर तालयुक्त सरगम बजाने की जानकारी दी।
स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि ब्रजभूमि में भगवान श्री कृष्ण ने बांसुरी वादन किया और इस बांसुरी के स्वर को शब्द रूप देकर कुरुक्षेत्र में अर्जुन के माध्यम से विश्व को गीता ज्ञान दिया। उन्होंने दो नारे दिए वृंदावन का बंसी बजैया कुरुक्षेत्र का गीता गवैया। मुरली की तान गीता का ज्ञान। कार्यशाला प्रतिभागियों को एकाग्रता से बांसुरी वादन सीखने का आह्वान करते हुए उन्होंने डॉ. मनीष के बांसुरी वादन कार्यशालाओं के आयोजन की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।

कुरुक्षेत्र। गीता ज्ञान संस्थानम में बांसुरी वादन कार्यशाला में बांसुरी वादन का अभ्यास करते प्र