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Kurukshetra News: धान का बीज लेने के लिए दुकान खुलने से घंटों पहले लगने लगीं लाइनें
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कुरुक्षेत्र। धान का बीज लेने के लिए दुकान खुलने से घंटों पहले लाइन में लगे किसान। संवाद
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कुरुक्षेत्र। किसानों को पीआर धान के 7501 किस्म का बीज नहीं मिल पा रहा है। इसके लिए वे दुकानें खुलने से भी घंटोंभर पहले से ही लाइनों में लग रहे हैं। मंगलवार को भी शहर में ऐसे ही हालात देखने को मिले, जहां सैकड़ों किसान अलसुबह से ही दुकान के बाहर लाइनों में लगे रहे। भले ही दुकान सुबह आठ बजे के बाद खुली लेकिन किसान सुबह छह बजे से ही पहुंचने लगे थे। कई किसान पिछले तीन दिनों से बीज के लिए भटकते रहे।
किसानाें ने बताया कि उन्हें कभी बीज के लिए तो कभी खाद के लिए इस तरह से परेशान होना पड़ता है। जब इस किस्म का बीज बाजार में उतारा है तो सरकार को इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करानी चाहिए।
किसान बोले- 1950 का भाव 2600 रुपये तक बिक रहा
किसानों ने कहा कि पूरे शहर में एक या दो दुकानों पर ही यह बीज तय रेट 1950 रुपये प्रति थैली मिल रहा है। एक थैली में तीन किलोग्राम बीज होता है, जो एक एकड़ के लिए प्रयोग किया जा सकता है। शहर में ही कई जगह पर बीज की कालाबाजारी की जा रही है और 2600 रुपये तक बेचा जा रहा है। यह किसानों का शोषण है।
सबसे ज्यादा उत्पादन इसी बीज से
किसानों ने बताया कि अब तक पीआर किस्म के बीजों में से सबसे ज्यादा उत्पादन 7501 किस्म के बीज से मिल रहा है। यह 40 क्विंटल तक उत्पादन दे देता है। इसलिए इस बीज की मांग ज्यादा है।
कई दिनों से लग रहीं लाइनें, समाधान नहीं : कृष्ण कुमार
गांव कौल से धान का बीज लेने पहुंचे कृष्ण कुमार ने कहा कि वे सुबह पांच बजे घर से चले थे ताकि बीज खरीद सकें। बीज के लिए कई दिनों से लाइनें लग रही हैं लेकिन उपलब्धता पूरी नहीं हो पा रही है। कृषि विभाग को इसमें उचित कदम उठाना चाहिए, ताकि कालाबाजारी भी न हो सके।
एमआरपी से ज्यादा रेट पर बीज बेचने पर तत्काल करेंगे कार्रवाई : डीडीए
डीडीए आदित्य प्रताप डबास ने कहा कि अभी तक उनके पास पीआर धान के 7501 किस्म बीज की कमी व कालाबाजारी के संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है। जांच कराई जाएगी और यदि एमआरपी से अधिक रेट पर किसी भी डीलर्स की ओर से किसान को बीज बेचा गया तो तत्काल लाइसेंस रद्द करने के साथ कानूनी कार्रवाई भी कराई जाएगी।
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किसानाें ने बताया कि उन्हें कभी बीज के लिए तो कभी खाद के लिए इस तरह से परेशान होना पड़ता है। जब इस किस्म का बीज बाजार में उतारा है तो सरकार को इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करानी चाहिए।
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किसान बोले- 1950 का भाव 2600 रुपये तक बिक रहा
किसानों ने कहा कि पूरे शहर में एक या दो दुकानों पर ही यह बीज तय रेट 1950 रुपये प्रति थैली मिल रहा है। एक थैली में तीन किलोग्राम बीज होता है, जो एक एकड़ के लिए प्रयोग किया जा सकता है। शहर में ही कई जगह पर बीज की कालाबाजारी की जा रही है और 2600 रुपये तक बेचा जा रहा है। यह किसानों का शोषण है।
सबसे ज्यादा उत्पादन इसी बीज से
किसानों ने बताया कि अब तक पीआर किस्म के बीजों में से सबसे ज्यादा उत्पादन 7501 किस्म के बीज से मिल रहा है। यह 40 क्विंटल तक उत्पादन दे देता है। इसलिए इस बीज की मांग ज्यादा है।
कई दिनों से लग रहीं लाइनें, समाधान नहीं : कृष्ण कुमार
गांव कौल से धान का बीज लेने पहुंचे कृष्ण कुमार ने कहा कि वे सुबह पांच बजे घर से चले थे ताकि बीज खरीद सकें। बीज के लिए कई दिनों से लाइनें लग रही हैं लेकिन उपलब्धता पूरी नहीं हो पा रही है। कृषि विभाग को इसमें उचित कदम उठाना चाहिए, ताकि कालाबाजारी भी न हो सके।
एमआरपी से ज्यादा रेट पर बीज बेचने पर तत्काल करेंगे कार्रवाई : डीडीए
डीडीए आदित्य प्रताप डबास ने कहा कि अभी तक उनके पास पीआर धान के 7501 किस्म बीज की कमी व कालाबाजारी के संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है। जांच कराई जाएगी और यदि एमआरपी से अधिक रेट पर किसी भी डीलर्स की ओर से किसान को बीज बेचा गया तो तत्काल लाइसेंस रद्द करने के साथ कानूनी कार्रवाई भी कराई जाएगी।

कुरुक्षेत्र। धान का बीज लेने के लिए दुकान खुलने से घंटों पहले लाइन में लगे किसान। संवाद