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Kurukshetra News: गांव के कुछ लोगों पर व्यक्ति को जबरन जहर देने का आरोप, पीड़ित ने पॉक्सो एक्ट में दर्ज मामले में कार्रवाई न होने से लाइव आकर दी थी आत्महत्या करने की धमकी
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कुरुक्षेत्र। केयूके थाना क्षेत्र के गांव में एक युवक को गांव के ही कुछ लोगों के द्वारा जबरन जहर देने के आरोप लगे हैं। पीड़ित की हालत बिगड़ने पर निजी अस्पताल में उपचाराधीन कराया गया, जहां मंगलवार देर रात तक उसकी हालत स्थिर बनी रही। पीड़ित ने सोमवार को ही फेसबुक पर अपनी पत्नी के साथ लाइव आकर वीडियो जारी किया था इसमें नाबालिग बेटी से संबंधित दर्ज पॉक्सो एक्ट में दर्ज प्राथमिकी में दो माह बाद भी पुलिस की निष्क्रियता और आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से आहत होने की बात की थी।
चेतावनी दी थी कि चार बजे तक कोई कार्रवाई नहीं की गई तो वह अपनी मासूम बेटी व बेटे के साथ आत्महत्या कर लेंगे। इसके बाद पीड़ित को मुख्यमंत्री कार्यालय से फोन आने के बाद उन्होंने अपना विचार वापस ले लिया था।
पीड़ित के अनुसार शाम चार बजे बाद आरोपी उन्हें फेसबुक पर उनकी पोस्ट के नीचे कमेंट करके आत्महत्या के लिए मजबूर करने लगे। कोई प्रतिक्रिया नहीं देने पर आरोपी उनके खेत में पहुंचे और जबरदस्ती उन्हें नीचे गिराकर गले में जहर डाल दिया और मौके से भाग गए। पीड़ित ने जैसे-तैसे अपनी पत्नी को फोन करके पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। पत्नी ने डायल 112 को सूचना देकर मौके पर बुलाया और शहर के एक निजी अस्पताल में उन्हें दाखिल करवाया। पुलिस ने पीड़ित की पत्नी की शिकायत पर अस्पताल पहुंचकर चार नामजद व अन्य के खिलाफ हत्या के प्रयास का प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
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थाना केयूके के प्रभारी सुरेंद्र सिद्धु ने कहा कि उन्हें लाइव आकर आत्महत्या की बात कहने की जानकारी नहीं थी। पीड़ित की पत्नी ने एक नई शिकायत दी है, जिसकी जांच जारी है अगर जांच में कोई दाेषी पाया जाता है तो उसे तुरंत गिरफ्तार कर कानून के अनुरूप आगामी कार्रवाई की जाएगी।
आत्महत्या की चेतावनी देने के बाद भी नहीं पहुंची पुलिस
पीड़ित ने जब आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने से आहत होकर परिवार सहित आत्महत्या करने की बात कही, लेकिन पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया। उपचाराधीन पीड़ित ने अस्पताल में बातचीत करते हुए बताया कि उनके चेतावनी देने के बाद भी पुलिस उनके दरवाजे तक नहीं पहुंची। अगर उनकी लाइव वीडियो पर सीएमओ की टीम के द्वारा कोई संज्ञान लेकर उन्हें रोकने का प्रयास नहीं किया जाता तो वह अवश्य ही परिवार सहित आत्महत्या कर लेते।
लाइव के दौरान पुलिस और आरोपियों पर मिलीभगत लगाया आरोप
पीड़ित दंपती ने लाइव वीडियो में पुलिस व आरोपियों पर मिलीभगत करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि शिकायत देने के बाद आरोपियों द्वारा बार-बार गाली-गलौज और धमकियां दी जा रही हैं। दंपती ने एक सुसाइड नोट तैयार कर फेसबुक पर पोस्ट किया, जिसमें कई व्यक्तियों के नाम लिखे गए हैं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों के नाम भी उजागर करते हुए उन्हें जिम्मेदार ठहराया।
नाबालिग से ऑनलाइन अश्लील बातें करवाने का अरोप
पीड़ित दपंती ने पहले दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया था कि आरोपी पक्ष में उनकी पड़ोसी एक महिला उनकी बेटी को बहला-फुसला कर अपने घर बुलाती थी, जहां वह उसे डरा-धमकाकर ऑनलाइन अनजान लोगों से अश्लील बातें करवाती थी और इसके बदले में सामने वाले लोगों से मोटी रकम वसूल करती थी। आरोप है कि जब पीड़ित पक्ष को इस बात का पता चला तो आरोपी पक्ष ने उन्हें नाबालिग की अपने फोन में एक अश्लील वीडियो दिखाई और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करने की धमकी दी। इसके बाद जब पीड़ित पक्ष ने थाने में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई तो उन्हें 40 लाख रुपये में समझौता करने का दबाव भी बनाने का आरोप है।
पीड़ित ने बताया कि पहले भी रात को डीएसपी के घर के बाहर बैठ करवाई प्राथमिकी दर्ज
पीड़ित ने बताया कि पुलिस आरोपियों से मिली हुई है। वह किसी भी प्रकार से कार्रवाई करने से खुश नहीं है। उन्होंने बताया कि शुरूआत में भी उन्हें प्राथमिकी दर्ज करवाने के लिए रातभर पिहोवा रोड पर स्थित डीएसपी के घर के बाहर धरना देना पड़ा। इसके बाद उनकी शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस इस पूरे मामले में कार्रवाई नहीं कर रही है। वहीं उन्होंने आईजी से मुलाकात करके मामला अंबाला के बराड़ा में ट्रांसफर करवा लिया, जहां पर भी कोई उचित कार्रवाई न होने का आरोप है।
चेतावनी दी थी कि चार बजे तक कोई कार्रवाई नहीं की गई तो वह अपनी मासूम बेटी व बेटे के साथ आत्महत्या कर लेंगे। इसके बाद पीड़ित को मुख्यमंत्री कार्यालय से फोन आने के बाद उन्होंने अपना विचार वापस ले लिया था।
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पीड़ित के अनुसार शाम चार बजे बाद आरोपी उन्हें फेसबुक पर उनकी पोस्ट के नीचे कमेंट करके आत्महत्या के लिए मजबूर करने लगे। कोई प्रतिक्रिया नहीं देने पर आरोपी उनके खेत में पहुंचे और जबरदस्ती उन्हें नीचे गिराकर गले में जहर डाल दिया और मौके से भाग गए। पीड़ित ने जैसे-तैसे अपनी पत्नी को फोन करके पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। पत्नी ने डायल 112 को सूचना देकर मौके पर बुलाया और शहर के एक निजी अस्पताल में उन्हें दाखिल करवाया। पुलिस ने पीड़ित की पत्नी की शिकायत पर अस्पताल पहुंचकर चार नामजद व अन्य के खिलाफ हत्या के प्रयास का प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
थाना केयूके के प्रभारी सुरेंद्र सिद्धु ने कहा कि उन्हें लाइव आकर आत्महत्या की बात कहने की जानकारी नहीं थी। पीड़ित की पत्नी ने एक नई शिकायत दी है, जिसकी जांच जारी है अगर जांच में कोई दाेषी पाया जाता है तो उसे तुरंत गिरफ्तार कर कानून के अनुरूप आगामी कार्रवाई की जाएगी।
आत्महत्या की चेतावनी देने के बाद भी नहीं पहुंची पुलिस
पीड़ित ने जब आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने से आहत होकर परिवार सहित आत्महत्या करने की बात कही, लेकिन पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया। उपचाराधीन पीड़ित ने अस्पताल में बातचीत करते हुए बताया कि उनके चेतावनी देने के बाद भी पुलिस उनके दरवाजे तक नहीं पहुंची। अगर उनकी लाइव वीडियो पर सीएमओ की टीम के द्वारा कोई संज्ञान लेकर उन्हें रोकने का प्रयास नहीं किया जाता तो वह अवश्य ही परिवार सहित आत्महत्या कर लेते।
लाइव के दौरान पुलिस और आरोपियों पर मिलीभगत लगाया आरोप
पीड़ित दंपती ने लाइव वीडियो में पुलिस व आरोपियों पर मिलीभगत करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि शिकायत देने के बाद आरोपियों द्वारा बार-बार गाली-गलौज और धमकियां दी जा रही हैं। दंपती ने एक सुसाइड नोट तैयार कर फेसबुक पर पोस्ट किया, जिसमें कई व्यक्तियों के नाम लिखे गए हैं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों के नाम भी उजागर करते हुए उन्हें जिम्मेदार ठहराया।
नाबालिग से ऑनलाइन अश्लील बातें करवाने का अरोप
पीड़ित दपंती ने पहले दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया था कि आरोपी पक्ष में उनकी पड़ोसी एक महिला उनकी बेटी को बहला-फुसला कर अपने घर बुलाती थी, जहां वह उसे डरा-धमकाकर ऑनलाइन अनजान लोगों से अश्लील बातें करवाती थी और इसके बदले में सामने वाले लोगों से मोटी रकम वसूल करती थी। आरोप है कि जब पीड़ित पक्ष को इस बात का पता चला तो आरोपी पक्ष ने उन्हें नाबालिग की अपने फोन में एक अश्लील वीडियो दिखाई और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करने की धमकी दी। इसके बाद जब पीड़ित पक्ष ने थाने में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई तो उन्हें 40 लाख रुपये में समझौता करने का दबाव भी बनाने का आरोप है।
पीड़ित ने बताया कि पहले भी रात को डीएसपी के घर के बाहर बैठ करवाई प्राथमिकी दर्ज
पीड़ित ने बताया कि पुलिस आरोपियों से मिली हुई है। वह किसी भी प्रकार से कार्रवाई करने से खुश नहीं है। उन्होंने बताया कि शुरूआत में भी उन्हें प्राथमिकी दर्ज करवाने के लिए रातभर पिहोवा रोड पर स्थित डीएसपी के घर के बाहर धरना देना पड़ा। इसके बाद उनकी शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस इस पूरे मामले में कार्रवाई नहीं कर रही है। वहीं उन्होंने आईजी से मुलाकात करके मामला अंबाला के बराड़ा में ट्रांसफर करवा लिया, जहां पर भी कोई उचित कार्रवाई न होने का आरोप है।