सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   Waited four hours for one member; the meeting had to be cancelled as the quorum could not be met.

Kurukshetra News: चार घंटे तक किया एक सदस्य का इंतजार, नहीं हो पाया कोरम पूरा तो बैठक करनी पड़ी रद्द

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 17 Jun 2026 02:18 AM IST
विज्ञापन
Waited four hours for one member; the meeting had to be cancelled as the quorum could not be met.
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी का जनरल इजलास आखिरकार मंगलवार को भी कोरम पूरा न होने पर रद्द करना पड़ा। महज एक सदस्य के न पहुंचने के चलते दो तिहाई कोरम पूरा नहीं हो सका। पिछले एक वर्ष के दौरान यह चौथा मौका था जब कोरम पूरा न होने पर जनरल इजलास को रद्द करना पड़ा। ऐसे में विरोधी गुट के निशाने पर आए चार सदस्यों को बाहर का रास्ता नहीं दिखाया जा सका, इनमें दो सदस्य व दो पदाधिकारी शामिल है।


कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झींडा व समर्थित सदस्यों को पूरी उम्मीद थी कि इस बार एक्ट में किए प्रावधान के अनुसार 49 में से 33 सदस्य जरूर पहुंचेंगे। इसके लिए पिछले कई दिनों से भरसक प्रयास भी किए जा जर हे थे लेकिन चार घंटे तक इंतजार के बाद भी कोरम नियमानुसार पूरा नहीं हो पाया तो विरोधी गुट के चार सदस्यों को बाहर किए जाने का एजेंडा भी अटक गया। प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने कुछ पदाधिकारियों व सदस्यों के साथ गुप्त बैठक की। हालांकि इसमें क्या मुद्दा रहा यह स्पष्ट नहीं हो सका लेकिन चर्चा है कि इस बैठक में भी कमेटी के बने वर्तमान हालात पर ही मंथन किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रदेश में 22 साल के कड़े संघर्ष के बाद पहली बार बनी हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी की कमान 23 मई 2025 को बलजीत सिंह दादूवाल के साथ मिलकर जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा के हाथों सौंपी गई थी लेकिन कुछ समय बाद ही झींडा व दादूवाल गुट में आपसी खींचतान बढ़ गई, जिसके चलते आज तक कमेटी कोई अहम फैसला नहीं ले पाई। यहां तक कि कमेटी का बजट तक अटका हुआ है, जिसके चलते गुरुघरों व अन्य संस्थानों के संचालन पर भी असर पड़ता दिखाई देने लगा है, इससे छुटकारा पाने के लिए मंगलवार को कमेटी का जनरल इजलास बुलाया गया था, ताकि विरोध में उतरे चार सदस्यों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सके। हालांकि विरोधी गुट की ओर से सीनियर मीत प्रधान गुरमीत सिंह की ओर से न्यायिक आयोग में इस इजलास पर रोक लगाने की मांग की थी लेकिन आयोग ने इससे इन्कार करते हुए कमेटी को इजलास की वीडियोग्राफी व पूरी कार्रवाई 19 जून को पेश करने के आदेश दिए थे। इजलास के लिए प्रधान की ओर से वीडियोग्राफी व अन्य सभी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए तैयारी की गई थी लेकिन कोरम पूरा न होने के चलते यह धरी की धरी रह गईं।
विज्ञापन



अब संगत के बीच जाएंगे : झींडा
प्रधान जगदीश सिंह झींडा का कहना है कि कुछ सदस्य है, जो कमेटी के कार्यों में रोड़ा बने हुए हैं। इस बार फिर पहले की तरह ही कोरम पूरा नहीं होने दिया गया, जो संगत के साथ अन्याय है। 32 सदस्य उनके साथ थे लेकिन एक की जरूरत पूरी नहीं हो सकी। ऐसे सदस्यों से जवाब लेने के लिए अब संगत के बीच जाएंगे और एक-एक सदस्य के घर दस्तक देकर संगत की ओर से जवाब लिया जाएगा कि चुने जाने के बावजूद भी कमेटी के कार्यों में क्यों नहीं भागीदार हो रहे। उन्होंने कहा कि विरोधी गुट हमें पाठ पढ़ा रहा है जबकि वह खुद अपनी नैतिकता खो चुका है।


नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दें झींडा : गुरमीत सिंह
कमेटी के सीनियर मीत प्रधान गुरमीत सिंह का कहना है कि सदस्यों ने साबित कर दिया है कि जगदीश सिंह झींडा का नेतृत्व कमजोर है। आज तक वे कोरम पूरा नहीं कर पाए और न ही कोई काम कर पा रहे। झींडा सिर्फ झूठ बोलकर संगत को गुमराह कर रहे हैं। उन्हें नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed