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Kurukshetra News: खाद्य विभाग के दो अधिकारियों पर लटकी कार्रवाई की तलवार
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कुरुक्षेत्र। पिहोवा के नीमवाला स्थित मैसर्स चौधरी राइस मिल में सामने आए धान घोटाले के मामले में अब खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के दो अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
विभाग ने थाना सदर पिहोवा में दर्ज प्राथमिकी में सहायक खाद्य एवं पूर्ति अधिकारी जसबीर सिंह और निरीक्षक खाद्य एवं पूर्ति रिंकू जांगडा के नाम शामिल करने की सिफारिश की है। इस संबंध में जिला खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियंत्रक ने पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजा है।
मामला खरीफ सीजन 2025-26 के दौरान चौधरी राइस मिल में रखे धान के स्टाक की भौतिक जांच से जुड़ा है। विभागीय जांच में 33,122.25 क्विंटल धान कम पाया गया था। विभाग के अनुसार इतनी मात्रा में धान कम मिलने से करीब 10 करोड़ 76 लाख 78 हजार 945 रुपये की वित्तीय हानि हुई है। विभाग की ओर से कम पाए गए स्टॉक के संबंध में सहायक खाद्य एवं पूर्ति अधिकारी जसबीर सिंह और निरीक्षक रिंकू जांगडा को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे।
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दोनों अधिकारियों ने अपने जवाब विभाग के समक्ष प्रस्तुत किए लेकिन विभाग ने इन्हें संतोषजनक नहीं माना इसके बाद दोनों को निलंबित कर दिया था। विभागीय पत्र में कहा गया है कि संबंधित अधिकारियों की ओर से समय पर राइस मिल की भौतिक जांच नहीं की गई इसके अलावा प्रस्तुत की गई भौतिक जांच रिपोर्ट भी पिछली तारीख में तैयार किए जाने की बात सामने आई है।
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विभाग ने थाना सदर पिहोवा में दर्ज प्राथमिकी में सहायक खाद्य एवं पूर्ति अधिकारी जसबीर सिंह और निरीक्षक खाद्य एवं पूर्ति रिंकू जांगडा के नाम शामिल करने की सिफारिश की है। इस संबंध में जिला खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियंत्रक ने पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजा है।
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मामला खरीफ सीजन 2025-26 के दौरान चौधरी राइस मिल में रखे धान के स्टाक की भौतिक जांच से जुड़ा है। विभागीय जांच में 33,122.25 क्विंटल धान कम पाया गया था। विभाग के अनुसार इतनी मात्रा में धान कम मिलने से करीब 10 करोड़ 76 लाख 78 हजार 945 रुपये की वित्तीय हानि हुई है। विभाग की ओर से कम पाए गए स्टॉक के संबंध में सहायक खाद्य एवं पूर्ति अधिकारी जसबीर सिंह और निरीक्षक रिंकू जांगडा को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे।
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दोनों अधिकारियों ने अपने जवाब विभाग के समक्ष प्रस्तुत किए लेकिन विभाग ने इन्हें संतोषजनक नहीं माना इसके बाद दोनों को निलंबित कर दिया था। विभागीय पत्र में कहा गया है कि संबंधित अधिकारियों की ओर से समय पर राइस मिल की भौतिक जांच नहीं की गई इसके अलावा प्रस्तुत की गई भौतिक जांच रिपोर्ट भी पिछली तारीख में तैयार किए जाने की बात सामने आई है।