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Mahendragarh-Narnaul News: ग्राम सचिवों के लिए डिजिटल प्रशिक्षण शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 26 Mar 2026 12:01 AM IST
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फोटो संख्या:64- बीडीपीओ कार्यालय में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में मौजूद ग्राम सचिव--स्रोत- वि
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महेंद्रगढ़। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) के तहत पंचायती राज संस्थानों को अधिक सक्षम व डिजिटल रूप से सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से बुधवार को बीडीपीओ कार्यालय में ग्राम सचिवों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया। इससे पूर्व 23 व 24 मार्च को सरपंचों को प्रशिक्षण दिया गया था।
खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्राम स्तर पर प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाना और पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाना है। जब ग्राम सचिव तकनीकी रूप से दक्ष और आत्मनिर्भर बनेंगे, तभी ग्राम पंचायतें मजबूत होंगी और राष्ट्र का ग्राम स्वराज का सपना साकार होगा।
उन्होंने वर्तमान डिजिटल युग के बारे में कहा कि अब अधिकांश सरकारी कार्य ऑनलाइन हो चुके हैं। इसलिए इन प्रणालियों में निपुणता हासिल करना समय की मांग है। उन्होंने बताया कि आगामी चरण में 27 व 28 मार्च को सीपीएलओ के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
जिला परियोजना प्रबंधक नितिन शर्मा ने विभिन्न डिजिटल पोर्टलों के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि सरकारी पोर्टलों के सही उपयोग से न केवल कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही आएगी बल्कि रियल टाइम मॉनिटरिंग के माध्यम से शासन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों से अपील की कि वे इन तकनीकों का दैनिक कार्यों में अधिकतम उपयोग करें ताकि ग्रामीणों तक सरकारी सेवाओं का लाभ त्वरित और पारदर्शी तरीके से पहुंच सके।
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खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्राम स्तर पर प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाना और पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाना है। जब ग्राम सचिव तकनीकी रूप से दक्ष और आत्मनिर्भर बनेंगे, तभी ग्राम पंचायतें मजबूत होंगी और राष्ट्र का ग्राम स्वराज का सपना साकार होगा।
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उन्होंने वर्तमान डिजिटल युग के बारे में कहा कि अब अधिकांश सरकारी कार्य ऑनलाइन हो चुके हैं। इसलिए इन प्रणालियों में निपुणता हासिल करना समय की मांग है। उन्होंने बताया कि आगामी चरण में 27 व 28 मार्च को सीपीएलओ के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
जिला परियोजना प्रबंधक नितिन शर्मा ने विभिन्न डिजिटल पोर्टलों के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि सरकारी पोर्टलों के सही उपयोग से न केवल कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही आएगी बल्कि रियल टाइम मॉनिटरिंग के माध्यम से शासन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों से अपील की कि वे इन तकनीकों का दैनिक कार्यों में अधिकतम उपयोग करें ताकि ग्रामीणों तक सरकारी सेवाओं का लाभ त्वरित और पारदर्शी तरीके से पहुंच सके।