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Mahendragarh-Narnaul News: गैर इरादतन हत्या के प्रयास के दो दोषियों को साढ़े 6 साल की सजा
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नारनौल। सेशन जज नरेंद्र सूरा ने घर में घुसकर मारपीट करने और गैर-इरादतन हत्या के प्रयास के आरोपी बिजेंद्र और सुनील को साढ़े 6 साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़ित मनोज को 20 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
नांगल चौधरी थाना क्षेत्र में 9 अप्रैल 2017 को रात करीब 9:15 बजे शिकायतकर्ता गांव तोताहेड़ी निवासी मनोज कुमार के घर में गांव के ही बिजेन्द्र और सुनील डंडे लेकर आए, उसके घर का दरवाजा तोड़ा और उसके साथ बुरी तरह मारपीट की। बिजेन्द्र ने उसकी पीठ पर और सुनील ने उसके पेट पर डंडे से वार किया जिससे उसे गंभीर अंदरूनी चोटें आईं।
अदालत ने आरोपियों को चोट पहुंचाने की तैयारी के साथ घर में घुसना, जानबूझकर चोट पहुंचाना और गैर इरादतन हत्या का प्रयास के तहत दोषी पाया। अदालत ने माना कि आरोपियों के पास डंडे थे और उन्होंने सिर जैसे किसी घातक अंग पर वार नहीं किया। इसलिए, उनका इरादा हत्या करने का नहीं था।
अदालत ने पीड़ित मनोज की गवाही को विश्वसनीय माना, क्योंकि एक घायल झूठ बोलकर असली हमलावर को छोड़ने और किसी निर्दोष को फंसाने की संभावना कम रखता है। डॉक्टर की रिपोर्ट ने भी चोटों की पुष्टि की।
चोट पहुंचाने की तैयारी के साथ घर में घुसना के तहत 6 महीने का साधारण कारावास व 1,000 का जुर्माना, जानबूझकर चोट पहुंचाना में 3 वर्ष का कठोर कारावास व 2,000 जुर्माना व गैर इरादतन हत्या का प्रयास के तहत 3 वर्ष का कठोर कारावास व 10,000 के जुर्माने की सजा सुनाई है और दोनों को जेल भेज दिया।
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नांगल चौधरी थाना क्षेत्र में 9 अप्रैल 2017 को रात करीब 9:15 बजे शिकायतकर्ता गांव तोताहेड़ी निवासी मनोज कुमार के घर में गांव के ही बिजेन्द्र और सुनील डंडे लेकर आए, उसके घर का दरवाजा तोड़ा और उसके साथ बुरी तरह मारपीट की। बिजेन्द्र ने उसकी पीठ पर और सुनील ने उसके पेट पर डंडे से वार किया जिससे उसे गंभीर अंदरूनी चोटें आईं।
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अदालत ने आरोपियों को चोट पहुंचाने की तैयारी के साथ घर में घुसना, जानबूझकर चोट पहुंचाना और गैर इरादतन हत्या का प्रयास के तहत दोषी पाया। अदालत ने माना कि आरोपियों के पास डंडे थे और उन्होंने सिर जैसे किसी घातक अंग पर वार नहीं किया। इसलिए, उनका इरादा हत्या करने का नहीं था।
अदालत ने पीड़ित मनोज की गवाही को विश्वसनीय माना, क्योंकि एक घायल झूठ बोलकर असली हमलावर को छोड़ने और किसी निर्दोष को फंसाने की संभावना कम रखता है। डॉक्टर की रिपोर्ट ने भी चोटों की पुष्टि की।
चोट पहुंचाने की तैयारी के साथ घर में घुसना के तहत 6 महीने का साधारण कारावास व 1,000 का जुर्माना, जानबूझकर चोट पहुंचाना में 3 वर्ष का कठोर कारावास व 2,000 जुर्माना व गैर इरादतन हत्या का प्रयास के तहत 3 वर्ष का कठोर कारावास व 10,000 के जुर्माने की सजा सुनाई है और दोनों को जेल भेज दिया।