{"_id":"6a78c15426367f1f10015cef","slug":"gumat-bihari-and-the-tawdu-dome-will-be-preserved-palwal-news-c-25-1-mwt1001-114405-2026-08-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Palwal News: गुमट बिहारी और तावडू के गुंबद होंगे संरक्षित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Palwal News: गुमट बिहारी और तावडू के गुंबद होंगे संरक्षित
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। हरियाणा सरकार ने प्रदेश की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विरासत एवं पर्यटन विभाग ने नूंह जिले की दो महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहरों नगीना स्थित गुमट बिहारी और तावडू के गुंबदों के समूह समेत प्रदेश के 9 जिलों की 15 ऐतिहासिक इमारतों को संरक्षित करने के संबंध में अधिसूचना जारी की है। विभाग के आयुक्त एवं सचिव अमित कुमार अग्रवाल ने 8 अगस्त को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।
1576 में बना था गुमट बिहारी
नगीना का गुमट बिहारी करीब 450 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक धरोहर है। बताया जाता है कि यह संरचना 1576 में निर्मित तीन मंजिला मुगलकालीन इमारत है। अपने अनूठे गुंबददार और मेहराबदार तहखाने के कारण इसकी अलग पहचान है। पुरातत्व विभाग द्वारा इसके संरक्षण और जीर्णोद्धार के प्रयास भी शुरू किए जा चुके हैं।
सरकार के फैसले से स्थानीय लोगों में खुशी है। ग्रामीण जुबेर और वसीम ने कहा कि इस कदम से नगीना की ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। वहीं, बीडीपीओ विशाल आजाद ने बताया कि प्रशासनिक आदेशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और ग्रामीणों को इसके प्रावधानों के बारे में जागरूक किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगीना। हरियाणा सरकार ने प्रदेश की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विरासत एवं पर्यटन विभाग ने नूंह जिले की दो महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहरों नगीना स्थित गुमट बिहारी और तावडू के गुंबदों के समूह समेत प्रदेश के 9 जिलों की 15 ऐतिहासिक इमारतों को संरक्षित करने के संबंध में अधिसूचना जारी की है। विभाग के आयुक्त एवं सचिव अमित कुमार अग्रवाल ने 8 अगस्त को इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।
1576 में बना था गुमट बिहारी
नगीना का गुमट बिहारी करीब 450 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक धरोहर है। बताया जाता है कि यह संरचना 1576 में निर्मित तीन मंजिला मुगलकालीन इमारत है। अपने अनूठे गुंबददार और मेहराबदार तहखाने के कारण इसकी अलग पहचान है। पुरातत्व विभाग द्वारा इसके संरक्षण और जीर्णोद्धार के प्रयास भी शुरू किए जा चुके हैं।
विज्ञापन
सरकार के फैसले से स्थानीय लोगों में खुशी है। ग्रामीण जुबेर और वसीम ने कहा कि इस कदम से नगीना की ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। वहीं, बीडीपीओ विशाल आजाद ने बताया कि प्रशासनिक आदेशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और ग्रामीणों को इसके प्रावधानों के बारे में जागरूक किया जाएगा।
विज्ञापन