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Palwal News: जलभराव से गांधी पार्क बना तालाब
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नालियों और जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से नारकीय हालात।
संवाद न्यूज एजेंसी नूंह।
नूंह शहर में बारिश के बाद जलभराव की समस्या लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। शहर का गांधी पार्क इन दिनों बारिश के पानी से लबालब है और तालाब का रूप ले चुका है। पार्क के आसपास और मुख्य रास्तों पर पानी जमा होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण कई घंटे और कई बार दिनों तक पानी जमा रहता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नूंह शहर में जलभराव की समस्या कोई नई नहीं है। हर साल बरसात के मौसम में शहर के अनेक हिस्सों में यही स्थिति देखने को मिलती है, लेकिन इसके बावजूद नगर परिषद की ओर से स्थायी जल निकासी की व्यवस्था नहीं की जा रही। लोगों का कहना है कि शहरवासी जलभराव और गंदगी के बीच नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।
गांधी पार्क में पानी जमा होने के कारण पार्क में आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। पानी जमा रहने से मच्छरों और अन्य कीटों का प्रकोप बढ़ने की आशंका बनी हुई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पानी की निकासी नहीं हुई तो स्थिति और खराब हो सकती है।
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स्थानीय निवासी आसिफ अली, खलील अहमद, जमील पटवारी व मुकेश ने कहा कि बारिश होते ही नूंह शहर के कई हिस्सों की स्थिति बदतर हो जाती है। गांधी पार्क भी जलभराव से अछूता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर परिषद की ओर से जल निकासी को लेकर केवल अस्थायी इंतजाम किए जाते हैं, जबकि समस्या का स्थायी समाधान आज तक नहीं किया गया।
- नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
लोगों ने आरोप लगाया कि नगर परिषद को जनसुविधाओं से कोई सरोकार नजर नहीं आ रहा। शहर में नालियों की सफाई, जल निकासी और बरसाती पानी की निकासी के लिए प्रभावी व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर जमा हो जाता है। लोगों का कहना है कि जब शहर में मामूली बारिश के बाद ही जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है तो नगर परिषद की ओर से कराए जा रहे विकास कार्यों और जल निकासी व्यवस्था की गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
लोगों ने जिला प्रशासन और नगर परिषद अधिकारियों से गांधी पार्क सहित शहर के जलभराव वाले स्थानों का निरीक्षण कर स्थायी जल निकासी व्यवस्था विकसित करने, नालियों की सफाई कराने और बरसाती पानी की निकासी के लिए उचित इंतजाम करने की मांग की है।
कोट
बारिश अधिक थी, इस कारण जलजमाव हुआ। जल्द ही इस पानी को निकलवाया जाएगा। -संजय मनोचा, चेयरमैन, नगर परिषद
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संवाद न्यूज एजेंसी नूंह।
नूंह शहर में बारिश के बाद जलभराव की समस्या लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। शहर का गांधी पार्क इन दिनों बारिश के पानी से लबालब है और तालाब का रूप ले चुका है। पार्क के आसपास और मुख्य रास्तों पर पानी जमा होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण कई घंटे और कई बार दिनों तक पानी जमा रहता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नूंह शहर में जलभराव की समस्या कोई नई नहीं है। हर साल बरसात के मौसम में शहर के अनेक हिस्सों में यही स्थिति देखने को मिलती है, लेकिन इसके बावजूद नगर परिषद की ओर से स्थायी जल निकासी की व्यवस्था नहीं की जा रही। लोगों का कहना है कि शहरवासी जलभराव और गंदगी के बीच नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।
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गांधी पार्क में पानी जमा होने के कारण पार्क में आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। पानी जमा रहने से मच्छरों और अन्य कीटों का प्रकोप बढ़ने की आशंका बनी हुई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पानी की निकासी नहीं हुई तो स्थिति और खराब हो सकती है।
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स्थानीय निवासी आसिफ अली, खलील अहमद, जमील पटवारी व मुकेश ने कहा कि बारिश होते ही नूंह शहर के कई हिस्सों की स्थिति बदतर हो जाती है। गांधी पार्क भी जलभराव से अछूता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर परिषद की ओर से जल निकासी को लेकर केवल अस्थायी इंतजाम किए जाते हैं, जबकि समस्या का स्थायी समाधान आज तक नहीं किया गया।
- नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
लोगों ने आरोप लगाया कि नगर परिषद को जनसुविधाओं से कोई सरोकार नजर नहीं आ रहा। शहर में नालियों की सफाई, जल निकासी और बरसाती पानी की निकासी के लिए प्रभावी व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर जमा हो जाता है। लोगों का कहना है कि जब शहर में मामूली बारिश के बाद ही जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है तो नगर परिषद की ओर से कराए जा रहे विकास कार्यों और जल निकासी व्यवस्था की गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
लोगों ने जिला प्रशासन और नगर परिषद अधिकारियों से गांधी पार्क सहित शहर के जलभराव वाले स्थानों का निरीक्षण कर स्थायी जल निकासी व्यवस्था विकसित करने, नालियों की सफाई कराने और बरसाती पानी की निकासी के लिए उचित इंतजाम करने की मांग की है।
कोट
बारिश अधिक थी, इस कारण जलजमाव हुआ। जल्द ही इस पानी को निकलवाया जाएगा। -संजय मनोचा, चेयरमैन, नगर परिषद