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Palwal News: झोलाछाप के उपचार के बाद युवक की मौत
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सदर थाने के सामने दुकान में चल रहा था क्लीनिक, हालत बिगड़ने पर नलहड़ मेडिकल कॉलेज किया था रेफर
संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। सदर थाना के सामने एक दुकान में चल रहे क्लीनिक में उपचार के बाद रविवार को युवक की हालत बिगड़ गई। परिजनों का आरोप है कि गलत उपचार के कारण युवक की हालत गंभीर हुई और बाद में उसकी मौत हो गई। युवक की मौत के बाद आरोपी दुकान बंद कर भाग गया। इतना ही नहीं दुकान पर लगे बोर्ड को भी हटा दिया गया।
मृत युवक की पहचान शमीम (36), निवासी झारोखडी गांव के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार शमीम की तबीयत खराब होने पर उसे सदर थाना के सामने क्लीनिक चलाने वाले सद्दाम के पास उपचार के लिए ले जाया गया था। उपचार के बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद उसे नलहड़ स्थित शहीद हसन खान मेवाती राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। वहां उपचार के दौरान शमीम की मौत हो गई।
सिटी थाना के जांच अधिकारी भीम ने बताया कि पुलिस ने फिलहाल मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 174 के तहत कार्रवाई की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही युवक की मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
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स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
क्षेत्र में कई स्थानों पर छोटे कमरों और दुकानों में क्लीनिक संचालित किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इनमें से कई जगहों पर मरीजों को उपचार और दवाइयां दी जाती हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से नियमित जांच नहीं की जाती। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से ऐसे क्लीनिकों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि मरीजों की जान से खिलवाड़ न हो।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। सदर थाना के सामने एक दुकान में चल रहे क्लीनिक में उपचार के बाद रविवार को युवक की हालत बिगड़ गई। परिजनों का आरोप है कि गलत उपचार के कारण युवक की हालत गंभीर हुई और बाद में उसकी मौत हो गई। युवक की मौत के बाद आरोपी दुकान बंद कर भाग गया। इतना ही नहीं दुकान पर लगे बोर्ड को भी हटा दिया गया।
मृत युवक की पहचान शमीम (36), निवासी झारोखडी गांव के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार शमीम की तबीयत खराब होने पर उसे सदर थाना के सामने क्लीनिक चलाने वाले सद्दाम के पास उपचार के लिए ले जाया गया था। उपचार के बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद उसे नलहड़ स्थित शहीद हसन खान मेवाती राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। वहां उपचार के दौरान शमीम की मौत हो गई।
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सिटी थाना के जांच अधिकारी भीम ने बताया कि पुलिस ने फिलहाल मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 174 के तहत कार्रवाई की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही युवक की मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
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स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
क्षेत्र में कई स्थानों पर छोटे कमरों और दुकानों में क्लीनिक संचालित किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इनमें से कई जगहों पर मरीजों को उपचार और दवाइयां दी जाती हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से नियमित जांच नहीं की जाती। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से ऐसे क्लीनिकों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि मरीजों की जान से खिलवाड़ न हो।