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Panchkula News: महेशपुर में 70 साल पुराना गोगा जी मंदिर गिराया
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निर्माण को तोड़ती जेसीबी।
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एनएचएआई-पीएमडीए की कार्रवाई, पुलिस तैनाती के बीच ग्रामीणों ने जताया विरोध
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सेक्टर-21 स्थित गांव महेशपुर में हाईवे किनारे बने करीब 70 साल पुराने गोगा जी महाराज मंदिर को मंगलवार को एनएचएआई और पीएमडीए की संयुक्त टीम ने ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा और स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध जताया।
सुबह करीब नौ बजे टीम मौके पर पहुंची और पुलिस की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर मंदिर को गिरा दिया गया। मंदिर करीब आठ मरले में बना था और सड़क के दायरे में आने के कारण इसे हटाया गया।
कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों ने विरोध करते हुए दावा किया कि मंदिर के पास वैध दस्तावेज मौजूद थे, इसके बावजूद इसे तोड़ा गया। लोगों ने प्रशासन के फैसले पर सवाल उठाए और कहा कि वे इस संबंध में मुख्यमंत्री से भी मिले, लेकिन केवल आश्वासन मिला।
वहीं पीएमडीए अधिकारी रूबी मोहन के अनुसार यह कार्रवाई अदालत के निर्देश पर की गई है और पहले भी कई बार नोटिस दिए जा चुके थे। एनएचएआई के टेक्निकल मैनेजर ऋषभ गोयल ने बताया कि मंदिर सड़क क्षेत्र में आ रहा था, जिसे कोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण मानते हुए हटाया गया।
सनातन टास्क फोर्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट गर्वेश राणा ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे मामलों से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों की मांग है कि अगर मंदिर हटाना जरूरी था तो पहले वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाना चाहिए था।
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सेक्टर-21 स्थित गांव महेशपुर में हाईवे किनारे बने करीब 70 साल पुराने गोगा जी महाराज मंदिर को मंगलवार को एनएचएआई और पीएमडीए की संयुक्त टीम ने ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा और स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध जताया।
सुबह करीब नौ बजे टीम मौके पर पहुंची और पुलिस की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर मंदिर को गिरा दिया गया। मंदिर करीब आठ मरले में बना था और सड़क के दायरे में आने के कारण इसे हटाया गया।
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कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों ने विरोध करते हुए दावा किया कि मंदिर के पास वैध दस्तावेज मौजूद थे, इसके बावजूद इसे तोड़ा गया। लोगों ने प्रशासन के फैसले पर सवाल उठाए और कहा कि वे इस संबंध में मुख्यमंत्री से भी मिले, लेकिन केवल आश्वासन मिला।
वहीं पीएमडीए अधिकारी रूबी मोहन के अनुसार यह कार्रवाई अदालत के निर्देश पर की गई है और पहले भी कई बार नोटिस दिए जा चुके थे। एनएचएआई के टेक्निकल मैनेजर ऋषभ गोयल ने बताया कि मंदिर सड़क क्षेत्र में आ रहा था, जिसे कोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण मानते हुए हटाया गया।
सनातन टास्क फोर्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट गर्वेश राणा ने भी इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे मामलों से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों की मांग है कि अगर मंदिर हटाना जरूरी था तो पहले वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाना चाहिए था।