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Panchkula News: कालका अस्पताल की सुरक्षा वेंटिलेटर पर
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तीन सुरक्षाकर्मियों के भरोसे है अस्पताल की जिम्मेदारी
सुरक्षाकर्मियों की स्वीकृत पोस्ट आठ, तैनाती सिर्फ तीन की
संवाद न्यूज एजेंसी
कालका। कालका अस्पताल में सुरक्षाकर्मियों की भारी कमी एक अत्यंत गंभीर और चिंताजनक मुद्दा है, जो स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की रीढ़ को कमजोर कर रहा है। यह स्थिति न केवल स्वास्थ्यकर्मियों, बल्कि मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बनी हुई है। बता दें कि कालका अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था महज 3 सुरक्षाकर्मियों के भरोसे चल रही है।
असुरक्षा का माहौल:
एसडीएच कालका में रात के समय केवल एक सुरक्षाकर्मी तैनात रहता है, जिसके भरोसे पूरे अस्पताल की जिम्मेदारी रहती है। सुरक्षाकर्मियों की कमी के कारण अस्पताल के वार्डों और परिसर में असुरक्षा का खतरा बढ़ जाता है। इतना ही नहीं, ऐसे में खासकर रात्रि के समय स्वास्थ्यकर्मियों के साथ हिंसा की घटनाएं बढ़ने का भी भय बना रहता है। सुरक्षाकर्मियों की कमी के कारण अवांछित लोगों का प्रवेश, चोरी और मरीजों की जान को जोखिम जैसी घटनाओं की संभावना बनी रहती है।
3 सुरक्षाकर्मी करते हैं देखरेख:
अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, अस्पताल में सुरक्षाकर्मियों की स्वीकृत पोस्ट तो 8 हैं, लेकिन स्टाफ की कमी के चलते यहां पिछले कई वर्षों से केवल 3 ही सुरक्षाकर्मी कार्य कर रहे हैं। इनमें एक सुरक्षाकर्मी सुबह 8 से शाम 4 बजे तक ड्यूटी पर तैनात रहता है, जबकि शाम 4 से सुबह 8 बजे तक दूसरा सुरक्षाकर्मी ड्यूटी करता है। रात्रि शिफ्ट में ड्यूटी करने वाले कर्मचारी को अगले दिन विश्राम दिया जाता है, जिसकी जगह तीसरा सुरक्षाकर्मी नाइट ड्यूटी संभालता है।
पहले भी घटित हो चुकी हैं कई घटनाएं:
गत रविवार रात को अस्पताल में एक युवक घूम रहा था, जिसने लेबर रूम में पड़े बच्चों की सिरिंज उठा ली थी। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मी ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया और मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को शिकायत दी थी। दो माह पहले भी अस्पताल के एक डॉक्टर के बैग से जरूरी सामान चोरी होने का मामला सामने आया था। इसके अलावा कई बार मरीजों के कमरों से पर्स आदि सामान चोरी होने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
कोट
स्टाफ की कमी के चलते अस्पताल में रोटेशन के आधार पर 3 सुरक्षाकर्मी ड्यूटी दे रहे हैं जबकि स्वीकृत पोस्ट 8 हैं। इस बाबत उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है।
डा. राजीव नरवाल, एसएमओ, एसडीएच कालका
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सुरक्षाकर्मियों की स्वीकृत पोस्ट आठ, तैनाती सिर्फ तीन की
संवाद न्यूज एजेंसी
कालका। कालका अस्पताल में सुरक्षाकर्मियों की भारी कमी एक अत्यंत गंभीर और चिंताजनक मुद्दा है, जो स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की रीढ़ को कमजोर कर रहा है। यह स्थिति न केवल स्वास्थ्यकर्मियों, बल्कि मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बनी हुई है। बता दें कि कालका अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था महज 3 सुरक्षाकर्मियों के भरोसे चल रही है।
असुरक्षा का माहौल:
एसडीएच कालका में रात के समय केवल एक सुरक्षाकर्मी तैनात रहता है, जिसके भरोसे पूरे अस्पताल की जिम्मेदारी रहती है। सुरक्षाकर्मियों की कमी के कारण अस्पताल के वार्डों और परिसर में असुरक्षा का खतरा बढ़ जाता है। इतना ही नहीं, ऐसे में खासकर रात्रि के समय स्वास्थ्यकर्मियों के साथ हिंसा की घटनाएं बढ़ने का भी भय बना रहता है। सुरक्षाकर्मियों की कमी के कारण अवांछित लोगों का प्रवेश, चोरी और मरीजों की जान को जोखिम जैसी घटनाओं की संभावना बनी रहती है।
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3 सुरक्षाकर्मी करते हैं देखरेख:
अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, अस्पताल में सुरक्षाकर्मियों की स्वीकृत पोस्ट तो 8 हैं, लेकिन स्टाफ की कमी के चलते यहां पिछले कई वर्षों से केवल 3 ही सुरक्षाकर्मी कार्य कर रहे हैं। इनमें एक सुरक्षाकर्मी सुबह 8 से शाम 4 बजे तक ड्यूटी पर तैनात रहता है, जबकि शाम 4 से सुबह 8 बजे तक दूसरा सुरक्षाकर्मी ड्यूटी करता है। रात्रि शिफ्ट में ड्यूटी करने वाले कर्मचारी को अगले दिन विश्राम दिया जाता है, जिसकी जगह तीसरा सुरक्षाकर्मी नाइट ड्यूटी संभालता है।
पहले भी घटित हो चुकी हैं कई घटनाएं:
गत रविवार रात को अस्पताल में एक युवक घूम रहा था, जिसने लेबर रूम में पड़े बच्चों की सिरिंज उठा ली थी। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मी ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया और मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को शिकायत दी थी। दो माह पहले भी अस्पताल के एक डॉक्टर के बैग से जरूरी सामान चोरी होने का मामला सामने आया था। इसके अलावा कई बार मरीजों के कमरों से पर्स आदि सामान चोरी होने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
कोट
स्टाफ की कमी के चलते अस्पताल में रोटेशन के आधार पर 3 सुरक्षाकर्मी ड्यूटी दे रहे हैं जबकि स्वीकृत पोस्ट 8 हैं। इस बाबत उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है।
डा. राजीव नरवाल, एसएमओ, एसडीएच कालका