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Panchkula News: लुधियाना कोर्ट ब्लास्ट केस के आरोपी को हाईकोर्ट से नहीं मिली जमानत
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चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने लुधियाना जिला अदालत बम विस्फोट 2021 मामले में आरोपी राजन प्रीत सिंह को जमानत देने से इन्कार कर दिया। अदालत ने कहा कि सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील की बार-बार गैरहाजिरी से यह प्रतीत होता है कि मुकदमे को जानबूझकर लंबित रखने की कोशिश की जा रही है।
जस्टिस अनूप चितकारा और जस्टिस सुखविंदर कौर की खंडपीठ के समक्ष आरोपी ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत द्वारा जमानत याचिका खारिज करने के आदेश को चुनौती दी थी।
हाईकोर्ट ने आदेश में कहा कि जिन मामलों में कई आरोपी होते हैं, उनमें कभी-कभी कमजोर पक्ष वाला आरोपी मुकदमे को कृत्रिम रूप से लंबा खींचने की कोशिश करता है ताकि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत त्वरित सुनवाई के अधिकार का आधार बनाकर राहत हासिल की जा सके।
एनआईए के रिकॉर्ड के मुताबिक मामले में अब तक 32 सुनवाई हुईं जिनमें से 27 पर आरोपी का वकील मौजूद नहीं रहा। अदालत ने इसे गंभीर मानते हुए कहा कि इस आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती। रिकॉर्ड में पाकिस्तान आधारित तस्करों से आरोपी के कथित संबंध और हथियार-गोला-बारूद बरामद होने के साक्ष्य सामने आए हैं इसलिए मामले के तथ्यों को देखते हुए आरोपी जमानत का हकदार नहीं है।
23 दिसंबर 2021 को लुधियाना जिला अदालत परिसर में जोरदार विस्फोट हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत और पांच लोग घायल हो गए थे। बाद में मृतक की पहचान पंजाब पुलिस के बर्खास्त हेड कांस्टेबल गगनदीप सिंह के रूप में हुई जिसे जांच में बम का हैंडलर बताया गया। जांच में पाकिस्तान आधारित तस्करों की संलिप्तता और उनके माध्यम से बम मिलने की बात भी सामने आई।
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जस्टिस अनूप चितकारा और जस्टिस सुखविंदर कौर की खंडपीठ के समक्ष आरोपी ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत द्वारा जमानत याचिका खारिज करने के आदेश को चुनौती दी थी।
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हाईकोर्ट ने आदेश में कहा कि जिन मामलों में कई आरोपी होते हैं, उनमें कभी-कभी कमजोर पक्ष वाला आरोपी मुकदमे को कृत्रिम रूप से लंबा खींचने की कोशिश करता है ताकि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत त्वरित सुनवाई के अधिकार का आधार बनाकर राहत हासिल की जा सके।
एनआईए के रिकॉर्ड के मुताबिक मामले में अब तक 32 सुनवाई हुईं जिनमें से 27 पर आरोपी का वकील मौजूद नहीं रहा। अदालत ने इसे गंभीर मानते हुए कहा कि इस आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती। रिकॉर्ड में पाकिस्तान आधारित तस्करों से आरोपी के कथित संबंध और हथियार-गोला-बारूद बरामद होने के साक्ष्य सामने आए हैं इसलिए मामले के तथ्यों को देखते हुए आरोपी जमानत का हकदार नहीं है।
23 दिसंबर 2021 को लुधियाना जिला अदालत परिसर में जोरदार विस्फोट हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत और पांच लोग घायल हो गए थे। बाद में मृतक की पहचान पंजाब पुलिस के बर्खास्त हेड कांस्टेबल गगनदीप सिंह के रूप में हुई जिसे जांच में बम का हैंडलर बताया गया। जांच में पाकिस्तान आधारित तस्करों की संलिप्तता और उनके माध्यम से बम मिलने की बात भी सामने आई।