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वेब सीरीज पाताल लोक को सिखों की धार्मिक भावनाएं आहत करने वाला बता रोक की अपील
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चंडीगढ़। अमेजॉन प्राइम पर प्रसारित होने वाली वेब सीरीज पाताल लोक को सिखों की धार्मिक भावनाएं आहत करने वाला बताते हुए इस पर रोक लगाने की पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट से अपील की गई है। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, अभिनेत्री अनुष्का शर्मा समेत अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।
वकील गुरविंदर सिंह ने एडवोकेट आरएस रंधावा के जरिए दाखिल याचिका में हाईकोर्ट को बताया कि वेब सीरीज पाताल लोक सिखों की छवि को खराब करने वाली है और इससे सिखों की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। हाईकोर्ट को बताया गया कि वेब सीरीज ओवर द टॉप प्लेटफार्म नेटफ्लिक्स, अमेजॉन प्राइम, जी5, एटीएल बालाजी, हॉट स्टार, सोनी लिव सहित अन्य पर जारी होती हैं। इस पर सिनेमेटोग्राफी लागू नहीं होता, इस कारण इसमें हिंसा, नग्नता और ऐसा कंटेंट दिखाया जाता है जिससे समाज के बीच मौजूद सौहार्द को खतरा है।
वेब सीरीज में गालियां, हिंसा को बढ़ावा
याची ने कहा कि भले ही इन पर सिनेमेटोग्राफी एक्ट लागू ना होता हो, लेकिन इस प्रकार का कंटेंट इंटरनेट के माध्यम से परोसा जाना सैद्धांतिक और कानून दोनों के अनुरूप सही नहीं है। कोर्ट को बताया गया कि वेब सीरीज के लिए फिल्म प्रमाणन बोर्ड से अनुमति की भी आवश्यकता नहीं होती है। वेब सीरीज में गालियां, हिंसा आदि का महिमामंडन होता है। सेंसर न होने के कारण यह सीधे ही दर्शकों तक पहुंचते हैं और लोगों पर इन वेब सीरीज का बहुत बुरा प्रभाव पड़ रहा है। हाईकोर्ट ने अब इस मामले में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, अभिनेत्री अनुष्का शर्मा, ओटीटी प्लेटफार्म नेटफ्लिक्स, अमेजॉन प्राइम, जी5, एटीएल बालाजी, हॉट स्टार, सोनी लिव सहित अन्य को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब कर लिया है
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वकील गुरविंदर सिंह ने एडवोकेट आरएस रंधावा के जरिए दाखिल याचिका में हाईकोर्ट को बताया कि वेब सीरीज पाताल लोक सिखों की छवि को खराब करने वाली है और इससे सिखों की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। हाईकोर्ट को बताया गया कि वेब सीरीज ओवर द टॉप प्लेटफार्म नेटफ्लिक्स, अमेजॉन प्राइम, जी5, एटीएल बालाजी, हॉट स्टार, सोनी लिव सहित अन्य पर जारी होती हैं। इस पर सिनेमेटोग्राफी लागू नहीं होता, इस कारण इसमें हिंसा, नग्नता और ऐसा कंटेंट दिखाया जाता है जिससे समाज के बीच मौजूद सौहार्द को खतरा है।
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वेब सीरीज में गालियां, हिंसा को बढ़ावा
याची ने कहा कि भले ही इन पर सिनेमेटोग्राफी एक्ट लागू ना होता हो, लेकिन इस प्रकार का कंटेंट इंटरनेट के माध्यम से परोसा जाना सैद्धांतिक और कानून दोनों के अनुरूप सही नहीं है। कोर्ट को बताया गया कि वेब सीरीज के लिए फिल्म प्रमाणन बोर्ड से अनुमति की भी आवश्यकता नहीं होती है। वेब सीरीज में गालियां, हिंसा आदि का महिमामंडन होता है। सेंसर न होने के कारण यह सीधे ही दर्शकों तक पहुंचते हैं और लोगों पर इन वेब सीरीज का बहुत बुरा प्रभाव पड़ रहा है। हाईकोर्ट ने अब इस मामले में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, अभिनेत्री अनुष्का शर्मा, ओटीटी प्लेटफार्म नेटफ्लिक्स, अमेजॉन प्राइम, जी5, एटीएल बालाजी, हॉट स्टार, सोनी लिव सहित अन्य को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब कर लिया है
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