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Panipat News: फिरौती वसूलकर कबीर की हत्या की थी साजिश
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Mon, 15 Jun 2026 02:34 AM IST
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माई सिटी रिपोर्टरपानीपत। थर्मल पावर स्टेशन से डेढ़ करोड़ की फिरौती के लिए 12 साल के कबीर का अपहरण कर लिए जाने के मामले में रविवार को एक और खुलासा हुआ। अपहर्ताओं की साजिश फिरौती वसूलने के बाद बच्चे की हत्या कर शव ठिकाने लगाने की थी। इसकी वजह यह थी कि मुख्य आरोपी विशाल को कबीर अच्छी तरह से जानता था। जिस पार्क से अपहरण किया गया, दोनों उसी में साथ खेलते थे। विशाल को डर था कि अगर कबीर को जीवित छोड़ दिया तो वह पुलिस को उसका नाम बता देगा।
पुलिस के अनुसार, यह जानकारी गिरफ्तार आरोपी विशाल, आदेश और शारदा से पूछताछ में मिली है। इस मामले में दो और आरोपियों देवेंद्र और प्रिंस की तलाश में पुलिस की चार टीमें पानीपत, सोनीपत, रोहतक समेत यूपी के आस-पास के जिलों में अभियान चला रही हैं। अपहरण के लिए दो कारों का इस्तेमाल किया गया था। किराए की कार से विशाल ने कबीर का अपहरण किया था। उसके साथ आदेश और शारदा इसी कार में थे। देवेंद्र और प्रिंस दूसरी कार में थोड़ी दूरी बनाकर चल रहे थे।
हत्या के लिए दो पिस्तौल और एक चाकू देंवेंद्र और प्रिंस खरीदकर लाए थे। दोनों ने हथियारों की डील पहले से कर रखी थी। खरीदारी शुक्रवार की रात में की। रोहतक पहुंचते ही हथियार विशाल और आदेश को दे दिए थे। आरोपियों ने पहले से ही बी प्लान भी तैयार कर रखा था। इसके तहत अगर पुलिस घेराबंदी करती है तो कबीर की हत्या कर शव को कार से फेंककर भाग जाना है लेकिन इसका मौका ही नहीं मिला। पुलिस ने गाड़ी को इस तरह घेर लिया कि बचकर निकलना मुमकिन नहीं था। ऐसे में अपहर्ता घबरा गए और कबीर को कार से फेंक दिया। इसके बाद गाड़ी से निकलकर भागने की कोशिश की। इसी दौरान उनकी पुलिस से मुठभेड़ हो गई।
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घायल बेटे को लेकर पति के पास पहुंचीं एक्सईएन
घायल बच्चे को पीजीआई रोहतक से छुट्टी मिल गई है। इसके बाद परिजन उसे लेकर पानीपत पहुंचे। कॉलोनी के लोगों ने बताया कि एक्सईएन सुनीता चंद्रावत के पति समीर और बड़ा बेटा जयपुर में रहते हैं। वह भी घायल कबीर को लेकर उनके पास चली गई हैं।
फिरौती की रकम से चुकाना चाहते थे कर्ज
विशाल और आदेश पर भारी कर्ज है। दोनों के महंगे शौक हैं। आदेश ने शारदा की दोस्ती में भी पानी की तरह पैसा बहाया है। पुलिस का कहना है कि आदेश और विशाल पर कर्ज चुकाने का भारी दबाव था। कर्ज चुकाने के लिए ही दोनों ने अपहरण की साजिश रची। दोनों और शारदा मौज मस्ती में कोई कमी नहीं करना चाहते थे। इसलिए, डेढ़ करोड़ की मोटी रकम फिरौती में मांगी। एसपी भूपेंद्र कुमार ने बताया कि शारदा को रविवार को रोहतक पुलिस ने कोर्ट के सामने पेश किया। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। उसे प्रोडक्शन वारंट पर पानीपत लाकर पूछताछ की जाएगी।
गिरफ्तार आरोपी और भूमिका
विशाल : थर्मल पावर स्टेशन में ही रहता है। 20 साल उम्र है। सरकारी नौकरी की तैयारी के लिए कोचिंग कर रहा था। अपहरण की साजिश रची। कबीर को पहले से जानकार था। उसे कार सिखाने के बहाने अगवा कर ले गया। पिता कर्मचारी यूनियन के नेता हैं।
आदेश : थर्मल पावर स्टेशन के पास सुंदर नगर में रहता है। 20 साल का है। सरकारी नौकरी की तैयारी के लिए कोचिंग कर रहा था। विशाल के साथ अपहरण में शामिल रहा। जिस कार में अपहरण कर कबीर को ले जाया गया, उसी में मौजूद था। पिता थर्मल में फोरमैन के पद पर हैं।
शारदा : आदेश की मित्र है। मायका पानीपत के इसराना के ग्वालडा गांव की है। शादी रोहतक के भराण गांव में हुई है। पति से मनमुटाव होने के कारण वह पानीपत में रहती है। शादी के बाद भी आदेश के संपर्क में रही। आदेश और विशाल के साथ अपहरण की साजिश बनाई। फिरौती वसूलने के लिए रोहतक क्षेत्र के ठिकाने बताए।
इसकी प्रबल आशंका थी कि अपहर्ता बच्चे की हत्या कर सकते हैं। इसे ध्यान में रखकर पुलिस ने फूंक-फूंककर कदम रखा। अगर अपहर्ताओं तक पहुंचने में और देर होती या फिर घेराबंदी में चूक होती तो बच्चे को सकुशल छुड़ा पाने की संभावनाएं बहुत कम हो जातीं। - भूपेंद्र कुमार, पुलिस अधीक्षक, पानीपत
इसकी प्रबल आशंका थी कि अपहर्ता बच्चे की हत्या कर सकते हैं। इसे ध्यान में रखकर पुलिस ने फूंक-फूंककर कदम रखा। अगर अपहर्ताओं तक पहुंचने में और देर होती या फिर घेराबंदी में चूक होती तो बच्चे को सकुशल छुड़ा पाने की संभावनाएं बहुत कम हो जातीं। - भूपेंद्र कुमार, पुलिस अधीक्षक, पानीपत
यह था मामला
थर्मल पावर स्टेशन में अधिशाषी अभियंता (एक्सईएन) के पद पर तैनात सुनीता चंद्रावत के बेटे कबीर का 12 जून की शाम करीब साढ़े सात बजे स्टेशन के पार्क से अपहरण कर लिया गया था। सुनीता को व्हाट्सएप काल कर अपहर्ताओं ने 1.5 करोड़ की फिरौती मांगी। जिस किराये की कार से विशाल कबीर को अगवा कर ले गया था, उसमें जीपीएस लगा था। इसे 1500 रुपये में कुटानी रोड से किराये पर लिया गया था। इसी से वे कबीर को लेकर घूमते रहे। पुलिस ने अपहरण के 11 घंटे बाद रोहतक से कबीर को छुड़ा दिया। इसके बाद मुठभेड़ में विशाल, आदेश और शारदा को गिरफ्तार कर लिया। विशाल और आदेश के पैर में गोली लगी है। दोनों रोहतक पीजीआई में भर्ती हैं।
पुलिस के अनुसार, यह जानकारी गिरफ्तार आरोपी विशाल, आदेश और शारदा से पूछताछ में मिली है। इस मामले में दो और आरोपियों देवेंद्र और प्रिंस की तलाश में पुलिस की चार टीमें पानीपत, सोनीपत, रोहतक समेत यूपी के आस-पास के जिलों में अभियान चला रही हैं। अपहरण के लिए दो कारों का इस्तेमाल किया गया था। किराए की कार से विशाल ने कबीर का अपहरण किया था। उसके साथ आदेश और शारदा इसी कार में थे। देवेंद्र और प्रिंस दूसरी कार में थोड़ी दूरी बनाकर चल रहे थे।
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हत्या के लिए दो पिस्तौल और एक चाकू देंवेंद्र और प्रिंस खरीदकर लाए थे। दोनों ने हथियारों की डील पहले से कर रखी थी। खरीदारी शुक्रवार की रात में की। रोहतक पहुंचते ही हथियार विशाल और आदेश को दे दिए थे। आरोपियों ने पहले से ही बी प्लान भी तैयार कर रखा था। इसके तहत अगर पुलिस घेराबंदी करती है तो कबीर की हत्या कर शव को कार से फेंककर भाग जाना है लेकिन इसका मौका ही नहीं मिला। पुलिस ने गाड़ी को इस तरह घेर लिया कि बचकर निकलना मुमकिन नहीं था। ऐसे में अपहर्ता घबरा गए और कबीर को कार से फेंक दिया। इसके बाद गाड़ी से निकलकर भागने की कोशिश की। इसी दौरान उनकी पुलिस से मुठभेड़ हो गई।
घायल बेटे को लेकर पति के पास पहुंचीं एक्सईएन
घायल बच्चे को पीजीआई रोहतक से छुट्टी मिल गई है। इसके बाद परिजन उसे लेकर पानीपत पहुंचे। कॉलोनी के लोगों ने बताया कि एक्सईएन सुनीता चंद्रावत के पति समीर और बड़ा बेटा जयपुर में रहते हैं। वह भी घायल कबीर को लेकर उनके पास चली गई हैं।
फिरौती की रकम से चुकाना चाहते थे कर्ज
विशाल और आदेश पर भारी कर्ज है। दोनों के महंगे शौक हैं। आदेश ने शारदा की दोस्ती में भी पानी की तरह पैसा बहाया है। पुलिस का कहना है कि आदेश और विशाल पर कर्ज चुकाने का भारी दबाव था। कर्ज चुकाने के लिए ही दोनों ने अपहरण की साजिश रची। दोनों और शारदा मौज मस्ती में कोई कमी नहीं करना चाहते थे। इसलिए, डेढ़ करोड़ की मोटी रकम फिरौती में मांगी। एसपी भूपेंद्र कुमार ने बताया कि शारदा को रविवार को रोहतक पुलिस ने कोर्ट के सामने पेश किया। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। उसे प्रोडक्शन वारंट पर पानीपत लाकर पूछताछ की जाएगी।
गिरफ्तार आरोपी और भूमिका
विशाल : थर्मल पावर स्टेशन में ही रहता है। 20 साल उम्र है। सरकारी नौकरी की तैयारी के लिए कोचिंग कर रहा था। अपहरण की साजिश रची। कबीर को पहले से जानकार था। उसे कार सिखाने के बहाने अगवा कर ले गया। पिता कर्मचारी यूनियन के नेता हैं।
आदेश : थर्मल पावर स्टेशन के पास सुंदर नगर में रहता है। 20 साल का है। सरकारी नौकरी की तैयारी के लिए कोचिंग कर रहा था। विशाल के साथ अपहरण में शामिल रहा। जिस कार में अपहरण कर कबीर को ले जाया गया, उसी में मौजूद था। पिता थर्मल में फोरमैन के पद पर हैं।
शारदा : आदेश की मित्र है। मायका पानीपत के इसराना के ग्वालडा गांव की है। शादी रोहतक के भराण गांव में हुई है। पति से मनमुटाव होने के कारण वह पानीपत में रहती है। शादी के बाद भी आदेश के संपर्क में रही। आदेश और विशाल के साथ अपहरण की साजिश बनाई। फिरौती वसूलने के लिए रोहतक क्षेत्र के ठिकाने बताए।
इसकी प्रबल आशंका थी कि अपहर्ता बच्चे की हत्या कर सकते हैं। इसे ध्यान में रखकर पुलिस ने फूंक-फूंककर कदम रखा। अगर अपहर्ताओं तक पहुंचने में और देर होती या फिर घेराबंदी में चूक होती तो बच्चे को सकुशल छुड़ा पाने की संभावनाएं बहुत कम हो जातीं। - भूपेंद्र कुमार, पुलिस अधीक्षक, पानीपत
इसकी प्रबल आशंका थी कि अपहर्ता बच्चे की हत्या कर सकते हैं। इसे ध्यान में रखकर पुलिस ने फूंक-फूंककर कदम रखा। अगर अपहर्ताओं तक पहुंचने में और देर होती या फिर घेराबंदी में चूक होती तो बच्चे को सकुशल छुड़ा पाने की संभावनाएं बहुत कम हो जातीं। - भूपेंद्र कुमार, पुलिस अधीक्षक, पानीपत
यह था मामला
थर्मल पावर स्टेशन में अधिशाषी अभियंता (एक्सईएन) के पद पर तैनात सुनीता चंद्रावत के बेटे कबीर का 12 जून की शाम करीब साढ़े सात बजे स्टेशन के पार्क से अपहरण कर लिया गया था। सुनीता को व्हाट्सएप काल कर अपहर्ताओं ने 1.5 करोड़ की फिरौती मांगी। जिस किराये की कार से विशाल कबीर को अगवा कर ले गया था, उसमें जीपीएस लगा था। इसे 1500 रुपये में कुटानी रोड से किराये पर लिया गया था। इसी से वे कबीर को लेकर घूमते रहे। पुलिस ने अपहरण के 11 घंटे बाद रोहतक से कबीर को छुड़ा दिया। इसके बाद मुठभेड़ में विशाल, आदेश और शारदा को गिरफ्तार कर लिया। विशाल और आदेश के पैर में गोली लगी है। दोनों रोहतक पीजीआई में भर्ती हैं।