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Panipat News: जिला सचिवालय में माह में दो बार लगेगा बाजार
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जिला सचिवालय में स्टाल पर स्वयं सहायता समूह की महिलाएं। स्रोत : सूचना विभाग
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। ग्रामीण महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और नाबार्ड के सहयोग से अब जिला सचिवालय के भूतल पर प्रत्येक माह दो बार विशेष बिक्री अभियान आयोजित किया जाएगा।
इसके माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों का प्रदर्शन करने और उन्हें सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए स्थायी विपणन मंच मिलेगा। इस विशेष बिक्री अभियान का शुभारंभ उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ के मार्गदर्शन में मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं जिला मिशन निदेशक डॉ. किरण ने किया।
उन्होंने कहा कि इस पहल से ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को व्यापक पहचान मिलेगी। साथ ही महिलाओं को सीधे ग्राहकों से संवाद करने, उनकी पसंद-नापसंद समझने और उत्पादों की गुणवत्ता तथा पैकेजिंग में सुधार करने का अवसर भी मिलेगा।
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नाबार्ड की जिला विकास प्रबंधक ऋतु वर्मा ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल ग्रामीण उद्यमिता को नई दिशा देगी और स्थानीय उत्पादों के लिए स्थायी बाजार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
जिले में 2,207 स्वयं सहायता समूह सक्रिय
हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक मुंतजिर आलम ने बताया कि जिले में वर्तमान में 2,207 स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं। पहले बिक्री अभियान में चार स्वयं सहायता समूहों ने स्टॉल लगाई। इनमें घर का बना अचार, जैविक हल्दी, गाय के गोबर से बनी धूपबत्ती और अगरबत्ती तथा कपड़े के बैग प्रमुख आकर्षण रहे।
अभियान के पहले ही दिन आमजन और अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक खरीदारी की। इससे करीब 8 से 10 हजार रुपये के उत्पादों की सीधे बिक्री हुई, जिससे स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं का उत्साह बढ़ा है।
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पानीपत। ग्रामीण महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और नाबार्ड के सहयोग से अब जिला सचिवालय के भूतल पर प्रत्येक माह दो बार विशेष बिक्री अभियान आयोजित किया जाएगा।
इसके माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों का प्रदर्शन करने और उन्हें सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए स्थायी विपणन मंच मिलेगा। इस विशेष बिक्री अभियान का शुभारंभ उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ के मार्गदर्शन में मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं जिला मिशन निदेशक डॉ. किरण ने किया।
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उन्होंने कहा कि इस पहल से ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को व्यापक पहचान मिलेगी। साथ ही महिलाओं को सीधे ग्राहकों से संवाद करने, उनकी पसंद-नापसंद समझने और उत्पादों की गुणवत्ता तथा पैकेजिंग में सुधार करने का अवसर भी मिलेगा।
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नाबार्ड की जिला विकास प्रबंधक ऋतु वर्मा ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल ग्रामीण उद्यमिता को नई दिशा देगी और स्थानीय उत्पादों के लिए स्थायी बाजार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
जिले में 2,207 स्वयं सहायता समूह सक्रिय
हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक मुंतजिर आलम ने बताया कि जिले में वर्तमान में 2,207 स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं। पहले बिक्री अभियान में चार स्वयं सहायता समूहों ने स्टॉल लगाई। इनमें घर का बना अचार, जैविक हल्दी, गाय के गोबर से बनी धूपबत्ती और अगरबत्ती तथा कपड़े के बैग प्रमुख आकर्षण रहे।
अभियान के पहले ही दिन आमजन और अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक खरीदारी की। इससे करीब 8 से 10 हजार रुपये के उत्पादों की सीधे बिक्री हुई, जिससे स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं का उत्साह बढ़ा है।