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Panipat News: बंदी का 52 घंटे बाद पोस्टमार्टम, शव लेकर तीन जिलों में भटकते रहे परिजन
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। जेल में बंद बंदी की मौत के बाद परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए दो दिन से पानीपत, रोहतक और सोनीपत जिले के चक्कर काटते रहे। नागरिक अस्पताल पानीपत में विशेषज्ञ न होने के कारण शव को पीजीआई भेजा तो पीजीआई से विशेषज्ञों की छुट्टी बताकर वापस भेज दिया।
इसके बाद शव को सोनीपत के खानपुर स्थित मेडिकल कॉलेज भेजा गया। जहां पर मौत के बाद 52 घंटे के बाद सोमवार शाम करीब छह बजे डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया।
उधर, परिजनों ने पुलिस और अस्पताल प्रशासन ने पर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि लापरवाही के कारण वह तीन दिन से शव लेकर भटक रहे हैं। जिससे में भी दुर्गंध होनी शुरू हो गई।
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किला थाना क्षेत्र निवासी युवती ने बताया कि दुष्कर्म के आरोप में जेल में बंद उनके पिता की शनिवार दोपहर को मौत हो गई थी। उस समय पुलिस ने उन्हें हार्टअटैक से मौत होने की बात बताई थी और शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए नागरिक अस्पताल बुलाया था।
करीब दो बजे वह अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि शव को नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया गया है। इसके बाद पुलिस बयान दर्ज कर पोस्टमार्टम कराने की बात कहती रही लेकिन शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया। नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों ने विशेषज्ञ न होने की बात कहते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए रोहतक पीजीआई ले जाने के लिए कहा।
रविवार को परिजन शव लेकर पीजीआई पहुंचे लेकिन वहां पर भी विशेषज्ञ न होने की बात कहते हुए शव वापस पानीपत भेज दिया। रविवार शाम को परिजन शव लेकर वापस पानीपत पहुंचे गए। फिर भी शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया जा सका।
इसके बाद सोमवार सुबह को पोस्टमार्टम कराने की बात कही गई लेकिन सोमवार सुबह एक बार फिर चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम के लिए शव को सोनीपत के खानपुर स्थित पीजीआई में भेज दिया। वहां पर दिनभर परिजन इंतजार करते रहे। शाम करीब-करीब छह बजे मजिस्ट्रेट के सामने परिजनों के बयान हुए। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
वर्जन
परिजनों के बयान दर्ज कराकर शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है। -सुभाष, प्रभारी सेक्टर-29
जेल में मौत होने पर तीन विशेषज्ञ डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराए जाने का नियम है। जिला नागरिक अस्पताल में तीन विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं हैं। इस कारण शव पीजीआई रोहतक भेजा गया था। वहां भी दो डॉक्टर छुट्टी पर होने के कारण पैनल नहीं बन पाया। इसके बाद में खानपुर पीजीआई में शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। -डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।
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पानीपत। जेल में बंद बंदी की मौत के बाद परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए दो दिन से पानीपत, रोहतक और सोनीपत जिले के चक्कर काटते रहे। नागरिक अस्पताल पानीपत में विशेषज्ञ न होने के कारण शव को पीजीआई भेजा तो पीजीआई से विशेषज्ञों की छुट्टी बताकर वापस भेज दिया।
इसके बाद शव को सोनीपत के खानपुर स्थित मेडिकल कॉलेज भेजा गया। जहां पर मौत के बाद 52 घंटे के बाद सोमवार शाम करीब छह बजे डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया।
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उधर, परिजनों ने पुलिस और अस्पताल प्रशासन ने पर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि लापरवाही के कारण वह तीन दिन से शव लेकर भटक रहे हैं। जिससे में भी दुर्गंध होनी शुरू हो गई।
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किला थाना क्षेत्र निवासी युवती ने बताया कि दुष्कर्म के आरोप में जेल में बंद उनके पिता की शनिवार दोपहर को मौत हो गई थी। उस समय पुलिस ने उन्हें हार्टअटैक से मौत होने की बात बताई थी और शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए नागरिक अस्पताल बुलाया था।
करीब दो बजे वह अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि शव को नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया गया है। इसके बाद पुलिस बयान दर्ज कर पोस्टमार्टम कराने की बात कहती रही लेकिन शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया। नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों ने विशेषज्ञ न होने की बात कहते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए रोहतक पीजीआई ले जाने के लिए कहा।
रविवार को परिजन शव लेकर पीजीआई पहुंचे लेकिन वहां पर भी विशेषज्ञ न होने की बात कहते हुए शव वापस पानीपत भेज दिया। रविवार शाम को परिजन शव लेकर वापस पानीपत पहुंचे गए। फिर भी शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया जा सका।
इसके बाद सोमवार सुबह को पोस्टमार्टम कराने की बात कही गई लेकिन सोमवार सुबह एक बार फिर चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम के लिए शव को सोनीपत के खानपुर स्थित पीजीआई में भेज दिया। वहां पर दिनभर परिजन इंतजार करते रहे। शाम करीब-करीब छह बजे मजिस्ट्रेट के सामने परिजनों के बयान हुए। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
वर्जन
परिजनों के बयान दर्ज कराकर शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है। -सुभाष, प्रभारी सेक्टर-29
जेल में मौत होने पर तीन विशेषज्ञ डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराए जाने का नियम है। जिला नागरिक अस्पताल में तीन विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं हैं। इस कारण शव पीजीआई रोहतक भेजा गया था। वहां भी दो डॉक्टर छुट्टी पर होने के कारण पैनल नहीं बन पाया। इसके बाद में खानपुर पीजीआई में शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। -डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।