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Panipat News: पहली बार पानीपत पहुंची हाइड्रोजन ट्रेन
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प्लेटफार्म नंबर पांच से रवाना होती हुई हाइड्रोजन ट्रेन। स्रोत : सोशल मीडिया
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संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। देश की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन के ट्रायल को लेकर रेलवे की तैयारियां तेज हो गई हैं। ट्रायल के दौरान रविवार को हाइड्रोजन ट्रेन पानीपत रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-5 पर करीब 15 मिनट तक रुकी। इस दौरान रेलवे अधिकारियों ने ट्रेन का तकनीकी निरीक्षण किया और ट्रायल से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और रेल कर्मचारियों ने भी इस अत्याधुनिक ट्रेन को पहली बार करीब से देखा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रायल का उद्देश्य ट्रेन की तकनीकी क्षमता, सुरक्षा व्यवस्था, ब्रेकिंग सिस्टम, गति, सिग्नल प्रणाली तथा विभिन्न स्टेशनों पर परिचालन संबंधी व्यवस्थाओं का परीक्षण करना है। इसी क्रम में ट्रेन निर्धारित रूट के विभिन्न स्टेशनों से होकर गुजरी। पानीपत स्टेशन पर तकनीकी अधिकारियों ने इंजन सहित अन्य उपकरणों का निरीक्षण किया, जिसके बाद ट्रेन निर्धारित समय पर आगे के लिए रवाना हो गई।
हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित यह ट्रेन भारतीय रेलवे की पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इसके संचालन से डीजल पर निर्भरता कम होगी और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। इस तकनीक की खासियत यह है कि इससे केवल जलवाष्प का उत्सर्जन होता है, जिससे पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव पड़ता है।
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रेलवे की योजना के अनुसार, सभी तकनीकी परीक्षण सफल रहने के बाद इस ट्रेन का नियमित संचालन जींद-सोनीपत रेलखंड पर किया जाएगा। करीब 89 किलोमीटर लंबे इस रूट पर ट्रेन सात स्टेशनों से होकर गुजरेगी। इससे यात्रियों को सुरक्षित, आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल यात्रा का विकल्प मिलेगा।
वर्जन
हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार किया जा रहा है। ट्रायल के दौरान विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है। सभी परीक्षण सफल रहने के बाद ट्रेन का नियमित संचालन शुरू किया जाएगा। -रमेश चंद्र, स्टेशन अधीक्षक
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पानीपत। देश की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन के ट्रायल को लेकर रेलवे की तैयारियां तेज हो गई हैं। ट्रायल के दौरान रविवार को हाइड्रोजन ट्रेन पानीपत रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-5 पर करीब 15 मिनट तक रुकी। इस दौरान रेलवे अधिकारियों ने ट्रेन का तकनीकी निरीक्षण किया और ट्रायल से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और रेल कर्मचारियों ने भी इस अत्याधुनिक ट्रेन को पहली बार करीब से देखा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रायल का उद्देश्य ट्रेन की तकनीकी क्षमता, सुरक्षा व्यवस्था, ब्रेकिंग सिस्टम, गति, सिग्नल प्रणाली तथा विभिन्न स्टेशनों पर परिचालन संबंधी व्यवस्थाओं का परीक्षण करना है। इसी क्रम में ट्रेन निर्धारित रूट के विभिन्न स्टेशनों से होकर गुजरी। पानीपत स्टेशन पर तकनीकी अधिकारियों ने इंजन सहित अन्य उपकरणों का निरीक्षण किया, जिसके बाद ट्रेन निर्धारित समय पर आगे के लिए रवाना हो गई।
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हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित यह ट्रेन भारतीय रेलवे की पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इसके संचालन से डीजल पर निर्भरता कम होगी और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। इस तकनीक की खासियत यह है कि इससे केवल जलवाष्प का उत्सर्जन होता है, जिससे पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव पड़ता है।
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रेलवे की योजना के अनुसार, सभी तकनीकी परीक्षण सफल रहने के बाद इस ट्रेन का नियमित संचालन जींद-सोनीपत रेलखंड पर किया जाएगा। करीब 89 किलोमीटर लंबे इस रूट पर ट्रेन सात स्टेशनों से होकर गुजरेगी। इससे यात्रियों को सुरक्षित, आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल यात्रा का विकल्प मिलेगा।
वर्जन
हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार किया जा रहा है। ट्रायल के दौरान विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है। सभी परीक्षण सफल रहने के बाद ट्रेन का नियमित संचालन शुरू किया जाएगा। -रमेश चंद्र, स्टेशन अधीक्षक