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Panipat News: 37 लाख की साइबर ठगी में शाखा, सहायक प्रबंधक और रिलेशनशिप मैनेजर गिरफ्तार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 21 Mar 2026 03:46 AM IST
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Branch, assistant manager and relationship manager arrested for cyber fraud of Rs 37 lakh
कंपनी फ्रेंचाइजी के आरोपियों के साथ पुलिस टीम। स्रोत : पुलिस
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पानीपत। थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम ने कंपनी की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर कारोबारी से 37 लाख रुपये ठगने के मामले में वीरवार को तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की पहचान छपरौली गाजियाबाद के दिपेश, बरेली के संजल अग्रवाल व सुहाग नगर फिरोजाबाद यूपी के आशीष पांडेय के रूप में हुई है। आशीष पांडेय बैंक मैनेजर, संजय अग्रवाल सहायक ब्रांच मैनेजर और दिपेश भारद्वाज रिलेशनशिप मैनेजर है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने के साथ ही उनके हिस्से में आई ठगी की नकदी बरामद करने का प्रयास कर रही है। तीनों आरोपियों ने मामले में पीड़ित के बैंक खाते की जानकारी आरोपी रणधीर राठौर को उपलब्ध कराकर ठगी करने में उसकी मदद की थी।
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थाना साइबर क्राइम प्रभारी अजय ने बताया कि अंसल निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी थी कि वह एग्रीटेक बायोटेक्नोलॉजी इंडिया लिमिटेड कंपनी चलाता है। उसके पास 14 अप्रैल 2025 को एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। व्यक्ति ने अपना नाम रणधीर सिंह राठौर बताया। उसने कहा वह हिफान केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का प्रबंधक निदेशक है। वह डीएपी, यूरिया और एनपीके निर्यात करते हैं। उनकी कंपनी फ्रेंचाइजी दे रही है। उनका पहले से ही पेस्टीसाइड बनाने का काम था। उन्होंने हिफान कंपनी की फ्रेंचाइजी लेने का फैसला लिया। रणधीर राठौर ने फ्रेंचाइजी का पूरा मॉडल समझाया और पानीपत व सोनीपत में फ्रेंचाइजी देने की बात कही। इसके बाद 16 अप्रैल 2025 को बुकिंग के दो लाख रुपये एडवांस जमा कराने की बात कहकर उससे एक बैंक खाता नंबर में ट्रांसफर करा ले गए। इसके बाद उससे सिक्योरिटी के नाम पर 50 लाख रुपये के दो ब्लैंक चेक ले लिए। उनकी काफी दिनों तक बातचीत चलती रही। उसने कई बार यूरिया, डीएपी व कंपनी की फ्रेंचाइजी के लिए अनुरोध किया। वह हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर टाल मटोल कर देते। उनको दिसंबर 2025 तक सामान व शर्त पूरी करने का आश्वासन दिया। उसके बैंक खाते से 13 जनवरी 2026 को 35 लाख रुपये कटे गए। उन्होंने बैंक में संपर्क किया। बैंक से जानकारी मिली पैसे चेक से कटे हैं। उन्होंने रणधीर को कॉल किया तो नंबर बंद मिला। हिफान केमिकल्स फर्टिलाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर उससे 37 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली। थाना साइबर क्राइम में व्यवसायी की शिकायत पर बीएनएस की धारा 318(4) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली थी।
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रणधीर राठौर ने तीनों को दिए थे पैसे
थाना प्रभारी अजय ने बताया कि थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम ने 15 फरवरी को आरोपी रणधीर राठौर को यूपी के बुलंदशहर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने कंपनी की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर ठगी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपी ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसने नोएडा में कोटेक महिंद्रा बैंक के मैनेजर आशीष पांडेय, सहायक ब्रांच मैनेजर संजय अग्रवाल व रिलेशनशिप मैनेजर दिपेश भारद्वाज के साथ मिलकर चेक से 30 लाख रुपये कोटक महिंद्रा बैंक व पांच लाख रुपये यूको बैंक के अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए थे। इनमें से काफी रुपये अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिए। आशीष पांडेय ने 1.20 लाख, सजल अग्रवाल ने एक लाख व दिपेश भारद्वाज ने 80 हजार रुपये लिए थे। तीनों के कहने पर ठगी की राशि में से 9.72 लाख रुपये की बैंक में पॉलिसी करा दी थी। इस पॉलिसी में इनका कमीशन था। पुलिस टीम ने आरोपी रणधीर राठौर को रिमांड अवधी पूरी होने पर न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। पुलिस ने बैंक खातों को होल्ड पर रखवा 19.50 लाख रुपये की नकदी प्रक्रिया के तहत पीड़ित के खाते में मंगवाई थी।
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