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Panipat News: बिना मान्यता चल रहे स्कूलों पर सख्ती, शिक्षा विभाग करेगा पहचान
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पानीपत। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा विभाग ने गैर-मान्यता प्राप्त विद्यालयों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और सीआरसी प्रमुखों को निर्देश जारी कर ऐसे स्कूलों की पहचान कर तुरंत कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।
विभाग के संज्ञान में आया है कि जिले में कई संस्थान बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार जिले में करीब 183 निजी स्कूल बगैर मान्यता के चल रहे हैं। इसके अलावा कुछ प्ले स्कूलों में कक्षा पहली से पांचवीं तक की पढ़ाई कराई जा रही है, जबकि कुछ एनजीओ रेमिडियल क्लासेज के नाम पर नियमित विद्यालय चला रहे हैं। इसे शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 18 का उल्लंघन माना गया है।
निर्देशों के अनुसार ऐसे सभी संस्थानों को तुरंत बंद कराया जाएगा। यदि कोई संस्था कार्रवाई के बाद भी संचालित पाई गई तो संबंधित के खिलाफ धारा 18 के तहत एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। साथ ही ऐसे स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों का दाखिला नजदीकी सरकारी विद्यालयों में कराया जाएगा, चाहे प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो चुकी हो। विभाग ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को दो दिन के भीतर ऐसे संस्थानों की सूची तैयार कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि किसी क्षेत्र में टीचिंग शॉप चलती पाई गई तो संबंधित क्लस्टर प्रभारी के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जिला शिक्षा विभाग के प्रमुख निर्देश-
- बिना मान्यता कोई भी स्कूल संचालित नहीं होगा।
- प्ले स्कूल में कक्षा पहली से पांचवीं तक की पढ़ाई पूर्णतः अवैध।
- एनजीओ द्वारा स्कूल समय में कक्षाएं चलाना प्रतिबंधित।
- गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों के विद्यार्थियों का सरकारी स्कूलों में दाखिला अनिवार्य।
- दो दिन में ऐसे संस्थानों की सूची तैयार कर रिपोर्ट भेजना अनिवार्य।
- उल्लंघन पर एक लाख तक जुर्माना और प्रतिदिन 10,000 रुपये अतिरिक्त दंड।
- आदेशों की अवहेलना पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश।
वर्जन-
शिक्षा का अधिकार अधिनियम का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी संबंधित अधिकारियों को सख्ती से निर्देश दिए गए हैं कि अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे संस्थानों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और मान्यता प्राप्त शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।
- सुभाष चंद्र भारद्वाज, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, पानीपत।
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विभाग के संज्ञान में आया है कि जिले में कई संस्थान बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार जिले में करीब 183 निजी स्कूल बगैर मान्यता के चल रहे हैं। इसके अलावा कुछ प्ले स्कूलों में कक्षा पहली से पांचवीं तक की पढ़ाई कराई जा रही है, जबकि कुछ एनजीओ रेमिडियल क्लासेज के नाम पर नियमित विद्यालय चला रहे हैं। इसे शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 18 का उल्लंघन माना गया है।
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निर्देशों के अनुसार ऐसे सभी संस्थानों को तुरंत बंद कराया जाएगा। यदि कोई संस्था कार्रवाई के बाद भी संचालित पाई गई तो संबंधित के खिलाफ धारा 18 के तहत एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। साथ ही ऐसे स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों का दाखिला नजदीकी सरकारी विद्यालयों में कराया जाएगा, चाहे प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो चुकी हो। विभाग ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को दो दिन के भीतर ऐसे संस्थानों की सूची तैयार कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि किसी क्षेत्र में टीचिंग शॉप चलती पाई गई तो संबंधित क्लस्टर प्रभारी के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जिला शिक्षा विभाग के प्रमुख निर्देश-
- बिना मान्यता कोई भी स्कूल संचालित नहीं होगा।
- प्ले स्कूल में कक्षा पहली से पांचवीं तक की पढ़ाई पूर्णतः अवैध।
- एनजीओ द्वारा स्कूल समय में कक्षाएं चलाना प्रतिबंधित।
- गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों के विद्यार्थियों का सरकारी स्कूलों में दाखिला अनिवार्य।
- दो दिन में ऐसे संस्थानों की सूची तैयार कर रिपोर्ट भेजना अनिवार्य।
- उल्लंघन पर एक लाख तक जुर्माना और प्रतिदिन 10,000 रुपये अतिरिक्त दंड।
- आदेशों की अवहेलना पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश।
वर्जन-
शिक्षा का अधिकार अधिनियम का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी संबंधित अधिकारियों को सख्ती से निर्देश दिए गए हैं कि अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे संस्थानों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और मान्यता प्राप्त शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।
- सुभाष चंद्र भारद्वाज, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, पानीपत।