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Panipat News: निगम में 30.65 करोड़ रुपये का राजस्व मिला, अब बकायेदारों पर 18 प्रतिशत ब्याज लगेगा
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नगर निगम में टैक्स जमा कराने के लिए लाइन में लगे लोग। संवाद
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पानीपत। नगर निगम में इस साल प्रॉपर्टी टैक्स में 30.65 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है। यह पांच साल में सबसे अधिक और पिछले साल से दोगुना टैक्स है। वहीं निगम की दुकानों का पहली बार 2.51 करोड़ रुपये किराया जमा हुआ है। पिछले साल यह मात्र आठ लाख रुपये था। निगम इसके पीछे प्रॉपर्टी टैक्स के बिल बांटने और बकायेदारों पर सख्त कार्रवाई मानता है। निगम अब बकायेदारों पर 18 प्रतिशत ब्याज के साथ प्रॉपर्टी टैक्स लेगा। निगम के बार-बार नोटिस के बाद भी टैक्स जमा न कराने पर बकायेदारों की प्रॉपर्टी सील करेगा।
नगर निगम के रिकॉर्ड में शहर में करीब 1.80 लाख प्रॉपर्टी हैं। निगम ने 2025-26 में 40 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स तय किया था। निगम ने वित्त वर्ष के अंतिम दिनों में निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स रिकवरी तेज की। निगम ने मंगलवार को अवकाश के दिन भी पांच कैश काउंटर चालू रखे। पालिका बाजार और देवीलाल कांप्लेक्स स्थित कार्यालय पर सुबह ही लाेगों ने पहुंचना शुरू कर दिया। निगम को मंगलवार को 68 लाख रुपये प्रॉपर्टी टैक्स मिला। निगम को इस बार शहर में स्थित 250 दुकानाें का किराया मिला है। यह किराया 2.51 कराेड़ रुपये रहा। मॉडल टाउन के विवेक ने बताया कि उनके मकान का प्रॉपर्टी टैक्स अनुमान से अधिक जोड़ा गया था। उन्होंने इसे ठीक करा लिया है। मंगलवार को छुट्टी के दिन टैक्स जमा कराया है। अग्रसेन कॉलोनी के अजमेर ने बताया कि उनकी दुकान के प्रॉपर्टी टैक्स में त्रुटि थी। वे पहले इसे ठीक कराने के लिए चक्कर काटते रहे। उनका बिल इसी सप्ताह ठीक हुआ है। उन्होंने बिल जमा कराने के बाद राहत की सांस मिली है।
इन सालों में इतना प्रॉपर्टी टैक्स आया
वित्त वर्ष टैक्स राशि (रुपये करोड़ में)
2020-21 23.63
2021-22 18. 20
2022-23 15.27
2023-24 29.72
2024-45 15.66
2025-66 30.65
प्रॉपर्टी टैक्स अधिक के ये दो कारण
कारण नंबर-एक
बिल बांटने के साथ त्रुटि ठीक की
नगर निगम शुरुआत प्रॉपर्टी टैक्स के बिल समय पर नहीं भेज पा रहा था। ऐसे में रिकवरी भी गति नहीं पकड़ पा रहा था। निगम ने आखिरी महीने में बिल बांटने के लिए एजेंसी को ठेका दिया। लोगों तक समय पर बिल पहुंचाए गए। इसके साथ बिलों में त्रुटि को ठीक किया गया। पहले बिल में त्रुटि होने की शिकायत करने पर ठीक करने में समय लगता था। आखिरी दिनों में त्रुटि ठीक करने के साथ बिलों को जमा भी किया गया।
कारण नंबर-दो
बकायेदारों पर सख्त कार्रवाई की
नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स के बड़े बकायेदारों को चिह्नित किया। इनको नोटिस देने के साथ प्रॉपर्टी सील करने की कार्रवाई की गई। कुछ लोगों ने टीम को साथ के साथ के साथ टैक्स जमा करा दिया। किसी ने बाद में बिल जमा कराकर अपनी प्रॉपर्टी मुक्त कराई। निगम ने अपनी दुकानों के किरायेदारों को भी नोटिस दिया और 30 दुकानों को सील तक कर दिया।
वर्जन :
नगर निगम को इस साल 30.65 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स में आए हैं। लोगों के बिलों की त्रुटि को भी साथ के साथ ठीक किया गया है। इस वित्त वर्ष के बकायेदारों को 18 प्रतिशत ब्याज के साथ टैक्स रिकवरी की जाएगी। अगले वित्त वर्ष में 40 करोड़ रुपये प्राॅपर्टी टैक्स में राजस्व तय किया है। इसके लिए पहले दिन से ही योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाएगा।
विवेक चाैधरी, अतिरिक्त आयुक्त, नगर निगम।
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नगर निगम के रिकॉर्ड में शहर में करीब 1.80 लाख प्रॉपर्टी हैं। निगम ने 2025-26 में 40 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स तय किया था। निगम ने वित्त वर्ष के अंतिम दिनों में निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स रिकवरी तेज की। निगम ने मंगलवार को अवकाश के दिन भी पांच कैश काउंटर चालू रखे। पालिका बाजार और देवीलाल कांप्लेक्स स्थित कार्यालय पर सुबह ही लाेगों ने पहुंचना शुरू कर दिया। निगम को मंगलवार को 68 लाख रुपये प्रॉपर्टी टैक्स मिला। निगम को इस बार शहर में स्थित 250 दुकानाें का किराया मिला है। यह किराया 2.51 कराेड़ रुपये रहा। मॉडल टाउन के विवेक ने बताया कि उनके मकान का प्रॉपर्टी टैक्स अनुमान से अधिक जोड़ा गया था। उन्होंने इसे ठीक करा लिया है। मंगलवार को छुट्टी के दिन टैक्स जमा कराया है। अग्रसेन कॉलोनी के अजमेर ने बताया कि उनकी दुकान के प्रॉपर्टी टैक्स में त्रुटि थी। वे पहले इसे ठीक कराने के लिए चक्कर काटते रहे। उनका बिल इसी सप्ताह ठीक हुआ है। उन्होंने बिल जमा कराने के बाद राहत की सांस मिली है।
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इन सालों में इतना प्रॉपर्टी टैक्स आया
वित्त वर्ष टैक्स राशि (रुपये करोड़ में)
2020-21 23.63
2021-22 18. 20
2022-23 15.27
2023-24 29.72
2024-45 15.66
2025-66 30.65
प्रॉपर्टी टैक्स अधिक के ये दो कारण
कारण नंबर-एक
बिल बांटने के साथ त्रुटि ठीक की
नगर निगम शुरुआत प्रॉपर्टी टैक्स के बिल समय पर नहीं भेज पा रहा था। ऐसे में रिकवरी भी गति नहीं पकड़ पा रहा था। निगम ने आखिरी महीने में बिल बांटने के लिए एजेंसी को ठेका दिया। लोगों तक समय पर बिल पहुंचाए गए। इसके साथ बिलों में त्रुटि को ठीक किया गया। पहले बिल में त्रुटि होने की शिकायत करने पर ठीक करने में समय लगता था। आखिरी दिनों में त्रुटि ठीक करने के साथ बिलों को जमा भी किया गया।
कारण नंबर-दो
बकायेदारों पर सख्त कार्रवाई की
नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स के बड़े बकायेदारों को चिह्नित किया। इनको नोटिस देने के साथ प्रॉपर्टी सील करने की कार्रवाई की गई। कुछ लोगों ने टीम को साथ के साथ के साथ टैक्स जमा करा दिया। किसी ने बाद में बिल जमा कराकर अपनी प्रॉपर्टी मुक्त कराई। निगम ने अपनी दुकानों के किरायेदारों को भी नोटिस दिया और 30 दुकानों को सील तक कर दिया।
वर्जन :
नगर निगम को इस साल 30.65 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स में आए हैं। लोगों के बिलों की त्रुटि को भी साथ के साथ ठीक किया गया है। इस वित्त वर्ष के बकायेदारों को 18 प्रतिशत ब्याज के साथ टैक्स रिकवरी की जाएगी। अगले वित्त वर्ष में 40 करोड़ रुपये प्राॅपर्टी टैक्स में राजस्व तय किया है। इसके लिए पहले दिन से ही योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाएगा।
विवेक चाैधरी, अतिरिक्त आयुक्त, नगर निगम।