{"_id":"69bf0f16ae3c5ed38a01135d","slug":"wishing-happiness-and-prosperity-to-the-worshipers-of-maa-chandraghanta-panipat-news-c-244-1-pnp1007-154129-2026-03-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: मां चंद्रघंटा की पूजाकर की सुख-समृद्धि की कामना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: मां चंद्रघंटा की पूजाकर की सुख-समृद्धि की कामना
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Sun, 22 Mar 2026 03:15 AM IST
विज्ञापन
प्राचीन देवी मंदिर में नवरात्र पर माता के दर्शन के लिए लाइन में लगे श्रद्धालु। संवाद
विज्ञापन
पानीपत। चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन शनिवार को प्राचीन देवी मंदिर में श्रद्धालुओं ने माता चंद्रघंटा का पूजन करने पहुंचे। चंद्रघंटा माता शांति की प्रतीक हैं इसलिए श्रद्धालुओं ने पूजन कर माता के विश्व शांति के लिए प्रार्थना की। मंदिर में सुबह पांच बजे शुरू हुई श्रद्धालुओं की कतार रात दस बजे तक लगी रही। दिन में दो घंटे एक से तीन बजे तक मंदिर बंद रहा। शनिवार के चलते शाम को ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे।
पंडित आचार्य लालमणि पांडेय ने बताया कि माता के नौ स्वरूप अलग-अलग शक्ति के प्रतीक हैं। चंद्रघंटा माता को शांति का प्रतीक माना जाता है। मंदिर में सुबह पांच बजे माता का ताजा फूलों से शृंगार कर श्रद्धालुओं के लिए कपाट खोले गए। प्रतिदिन मां के सभी स्वरूपों का कोलकाता के कई क्विंटल ताजा फूलों से शृंगार किया जा रहा है।
इस दाैरान गायकों ने भजनों से माता की महिमा का गुणगान किया और विश्व व देश में सुख-शांति के लिए प्रार्थना की। मंदिर में तीन समय आरती की जा रही है। शाम को रात के समय श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षाकृत ज्यादा रही। महिला मंडली ने मैया री तने आना होगा... भजन गाया। जिस पर श्रद्धालु जमकर झूमे।
मंदिर के प्रधान काकू बंसल ने बताया कि मंदिर में हर रोज श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ रही है। शनिवार शाम को महिला-पुरुषों के साथ बच्चें भी मंदिर में पहुंचे। श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो इसके लिए लाइन की व्यवस्था बनाई गई है। वहीं मंदिर समिति के सेवादार मंदिर में उपस्थित रहकर प्रत्येक व्यवस्था को बनाकर रखने में सहयोग कर रहे हैं ताकि सभी श्रद्धालु अच्छे से माता के दर्शन और पूजन कर सकें। संवाद
Trending Videos
पंडित आचार्य लालमणि पांडेय ने बताया कि माता के नौ स्वरूप अलग-अलग शक्ति के प्रतीक हैं। चंद्रघंटा माता को शांति का प्रतीक माना जाता है। मंदिर में सुबह पांच बजे माता का ताजा फूलों से शृंगार कर श्रद्धालुओं के लिए कपाट खोले गए। प्रतिदिन मां के सभी स्वरूपों का कोलकाता के कई क्विंटल ताजा फूलों से शृंगार किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस दाैरान गायकों ने भजनों से माता की महिमा का गुणगान किया और विश्व व देश में सुख-शांति के लिए प्रार्थना की। मंदिर में तीन समय आरती की जा रही है। शाम को रात के समय श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षाकृत ज्यादा रही। महिला मंडली ने मैया री तने आना होगा... भजन गाया। जिस पर श्रद्धालु जमकर झूमे।
मंदिर के प्रधान काकू बंसल ने बताया कि मंदिर में हर रोज श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ रही है। शनिवार शाम को महिला-पुरुषों के साथ बच्चें भी मंदिर में पहुंचे। श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो इसके लिए लाइन की व्यवस्था बनाई गई है। वहीं मंदिर समिति के सेवादार मंदिर में उपस्थित रहकर प्रत्येक व्यवस्था को बनाकर रखने में सहयोग कर रहे हैं ताकि सभी श्रद्धालु अच्छे से माता के दर्शन और पूजन कर सकें। संवाद

प्राचीन देवी मंदिर में नवरात्र पर माता के दर्शन के लिए लाइन में लगे श्रद्धालु। संवाद

प्राचीन देवी मंदिर में नवरात्र पर माता के दर्शन के लिए लाइन में लगे श्रद्धालु। संवाद

प्राचीन देवी मंदिर में नवरात्र पर माता के दर्शन के लिए लाइन में लगे श्रद्धालु। संवाद

प्राचीन देवी मंदिर में नवरात्र पर माता के दर्शन के लिए लाइन में लगे श्रद्धालु। संवाद