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बजट से उम्मीदें : नए वाटर टैंक की जरूरत, पेयजल संकट बरकरार
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 01 Mar 2026 11:45 PM IST
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बलबीर सिंह यादव, गोपाल देव चौक
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रेवाड़ी। शहर में वर्षों से बरकरार पेयजल संकट को दूर करने के लिए इस बार बजट में नए वाटर टैंक के निर्माण की घोषणा की उम्मीद जगी है। शहर की आबादी करीब पौने तीन लाख है लेकिन इसके अनुसार जल भंडारण क्षमता नहीं है। कई क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है और लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि टैंक पहले की आबादी को ध्यान में रखकर बनाई गई थीं। उस समय शहर का दायरा सीमित था लेकिन अब नई कॉलोनियां बस चुकी हैं और शहरी विस्तार तेजी से हुआ है। इसके बावजूद जल ढांचे का विस्तार उसी अनुपात में नहीं हुआ। गर्मियों के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है, जब पानी की मांग बढ़ जाती है और आपूर्ति बाधित होने लगती है।
लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में बताया था कि रेवाड़ी शहर को वर्तमान में 135 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन (एलपीसीडी) की दर से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
भविष्य की बढ़ती आबादी और जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए भगवानपुर ग्राम में 9 एकड़ 7 कनाल 5 मरला भूमि पर नहरी जल भंडारण टैंक का निर्माण किया जाएगा।
इसका अनुमानित खर्च 26.05 करोड़ रुपये है। टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और विभाग ने अतिरिक्त जल भंडारण के लिए नई भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इससे भी काफी उम्मीद जगी है।
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वर्जन
यदि समय रहते जल संरचना का विस्तार नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में संकट और गहरा सकता है। नए वाटर टैंक के निर्माण से न केवल जल भंडारण क्षमता बढ़ेगी। -जय प्रकाश, शक्ति नगर
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कई वार्डों में लोगों को तय समय से कम पानी मिल रहा है, जबकि कुछ इलाकों में सप्लाई का दबाव इतना कम होता है कि ऊपरी मंजिलों तक पानी पहुंच ही नहीं पाता। मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए यह स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण बन जाती है।-बलबीर सिंह यादव, गोपाल देव चौक
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सुबह के समय पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, लेकिन कई बार सप्लाई बहुत कम समय के लिए आती है। घर के कामकाज और बच्चों के स्कूल जाने के समय पानी न मिले तो परेशानी बढ़ जाती है। -वेद प्रकाश, कालका रोड
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गर्मियों में स्थिति और खराब हो जाती है। मध्यम वर्ग के लिए यह बोझ बन जाता है। जल्द स्थायी समाधान करना चाहिए।-लखन कुमार, केवल बाजार
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स्थानीय नागरिकों का कहना है कि टैंक पहले की आबादी को ध्यान में रखकर बनाई गई थीं। उस समय शहर का दायरा सीमित था लेकिन अब नई कॉलोनियां बस चुकी हैं और शहरी विस्तार तेजी से हुआ है। इसके बावजूद जल ढांचे का विस्तार उसी अनुपात में नहीं हुआ। गर्मियों के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है, जब पानी की मांग बढ़ जाती है और आपूर्ति बाधित होने लगती है।
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लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में बताया था कि रेवाड़ी शहर को वर्तमान में 135 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन (एलपीसीडी) की दर से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
भविष्य की बढ़ती आबादी और जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए भगवानपुर ग्राम में 9 एकड़ 7 कनाल 5 मरला भूमि पर नहरी जल भंडारण टैंक का निर्माण किया जाएगा।
इसका अनुमानित खर्च 26.05 करोड़ रुपये है। टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और विभाग ने अतिरिक्त जल भंडारण के लिए नई भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इससे भी काफी उम्मीद जगी है।
वर्जन
यदि समय रहते जल संरचना का विस्तार नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में संकट और गहरा सकता है। नए वाटर टैंक के निर्माण से न केवल जल भंडारण क्षमता बढ़ेगी। -जय प्रकाश, शक्ति नगर
कई वार्डों में लोगों को तय समय से कम पानी मिल रहा है, जबकि कुछ इलाकों में सप्लाई का दबाव इतना कम होता है कि ऊपरी मंजिलों तक पानी पहुंच ही नहीं पाता। मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए यह स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण बन जाती है।-बलबीर सिंह यादव, गोपाल देव चौक
सुबह के समय पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, लेकिन कई बार सप्लाई बहुत कम समय के लिए आती है। घर के कामकाज और बच्चों के स्कूल जाने के समय पानी न मिले तो परेशानी बढ़ जाती है। -वेद प्रकाश, कालका रोड
गर्मियों में स्थिति और खराब हो जाती है। मध्यम वर्ग के लिए यह बोझ बन जाता है। जल्द स्थायी समाधान करना चाहिए।-लखन कुमार, केवल बाजार

बलबीर सिंह यादव, गोपाल देव चौक

बलबीर सिंह यादव, गोपाल देव चौक