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Rewari News: भावांतर भरपाई योजना से मधुमक्खी पालकों को मिलेगी आर्थिक सुरक्षा, संरक्षित मूल्य तय
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 01 Mar 2026 11:39 PM IST
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रेवाड़ी। भावांतर भरपाई योजना के तहत शहद का संरक्षित मूल्य 120 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है। इससे मधुमक्खी पालकों को बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव से राहत मिलेगी और उन्हें अपने उत्पाद का उचित मूल्य सुनिश्चित होगा।
डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि हरियाणा सरकार ने भावांतर भरपाई योजना के तहत शहद के लिए संरक्षित मूल्य तय किया है। मधुमक्खी पालन किसानों के लिए आय का महत्वपूर्ण अतिरिक्त स्रोत बनकर उभरा है।
यह न केवल किसानों की आमदनी बढ़ाता है, बल्कि परागण के माध्यम से फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाता है। हरियाणा सरकार कृषि विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
डीसी ने बताया कि योजना के तहत पंजीकरण और सत्यापन की प्रक्रिया मधुक्रांति पोर्टल तथा भावान्तर भरपाई योजना पोर्टल (शहद) के माध्यम से की जाएगी। पंजीकरण की अवधि 30 जून तक निर्धारित की गई है।
योजना का लाभ लेने के लिए हरियाणा राज्य की सीमा के भीतर सत्यापन अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि लाभार्थियों को परिवार पहचान पत्र और बैंक खाते के विवरण के आधार पर सत्यापन कराना होगा।
यह प्रक्रिया अधिकृत अधिकारियों द्वारा पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न की जाएगी, ताकि योजना का लाभ वास्तविक मधुमक्खी पालकों तक पहुंच सके। डीसी ने मधुमक्खी पालकों से आह्वान किया कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पंजीकरण करवाकर योजना का लाभ उठाएं। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 1800-180-2021 पर संपर्क किया जा सकता है।
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डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि हरियाणा सरकार ने भावांतर भरपाई योजना के तहत शहद के लिए संरक्षित मूल्य तय किया है। मधुमक्खी पालन किसानों के लिए आय का महत्वपूर्ण अतिरिक्त स्रोत बनकर उभरा है।
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यह न केवल किसानों की आमदनी बढ़ाता है, बल्कि परागण के माध्यम से फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाता है। हरियाणा सरकार कृषि विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
डीसी ने बताया कि योजना के तहत पंजीकरण और सत्यापन की प्रक्रिया मधुक्रांति पोर्टल तथा भावान्तर भरपाई योजना पोर्टल (शहद) के माध्यम से की जाएगी। पंजीकरण की अवधि 30 जून तक निर्धारित की गई है।
योजना का लाभ लेने के लिए हरियाणा राज्य की सीमा के भीतर सत्यापन अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि लाभार्थियों को परिवार पहचान पत्र और बैंक खाते के विवरण के आधार पर सत्यापन कराना होगा।
यह प्रक्रिया अधिकृत अधिकारियों द्वारा पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न की जाएगी, ताकि योजना का लाभ वास्तविक मधुमक्खी पालकों तक पहुंच सके। डीसी ने मधुमक्खी पालकों से आह्वान किया कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पंजीकरण करवाकर योजना का लाभ उठाएं। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 1800-180-2021 पर संपर्क किया जा सकता है।