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वकीलों को खुद को न्याय पालिका का हिस्सा समझना चाहिए : न्यायमूर्ति
Sat, 01 Aug 2026 01:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 01 Aug 2026 01:09 AM IST
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जिला बार रूम में संबोधित करते न्यायमूर्ति संजय वशिष्ठ। स्रोत : एसोसिएशन
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रेवाड़ी। जिला बार रूम में पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति संजय वशिष्ठ ने कहा कि वकीलों को स्वयं को न्यायपालिका का हिस्सा समझना चाहिए। उन्होंने अधिवक्ताओं को न्यायिक व्यवस्था का मुख्य अंग बताया। वह रेवाड़ी न्यायालय का निरीक्षण करने आए थे।
न्यायमूर्ति ने कहा कि उनका संबंध रेवाड़ी से रहा है क्योंकि उनकी पत्नी गांव गोठड़ा की निवासी हैं। उन्होंने बताया कि अधिवक्ताओं की सभी समस्याओं की वह वकालत करेंगे और जो भी समस्याएं रखी गई हैं उनका निराकरण करने का प्रयास करेंगे।
न्यायमूर्ति ने कहा कि रेवाड़ी बार एसोसिएशन पूरी हरियाणा एवं पंजाब में सबसे कम कार्य स्थगित करती है। उन्होंने बताया कि रेवाड़ी बार ऐसी है जिन्होंने शनिवार को भी अपना कार्य स्थगित नहीं रखा था और कुछ दिनों से ही यह प्रक्रिया चल रही है।
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इससे पूर्व जिला बार एसोसिएशन के प्रधान विश्वामित्र यादव ने न्यायाधीश का बार रूम में पहुंचने पर सभी पदाधिकारी सहित स्वागत किया।
इस अवसर पर विश्वामित्र यादव ने निरीक्षक जज के समक्ष वकीलों के बैठने के लिए स्थान बढ़ाने, चैंबर बिल्डिंग पर पोटा केबिन बनाए जाने, लेबर कोर्ट के लिए अफसर नियुक्त किए जाने, पीएलए भवन में जाने के लिए रास्ता खोलने सहित कई मांगें रखी थी।
न्यायमूर्ति ने आश्वासन दिलाया कि वह सभी मांगें पूरा करने के लिए पूर्ण रूप से कोशिश करेंगे। इसके अलावा न्यायमूर्ति ने अपने अनुभव भी साझा किए।
इस मौके पर जिला बार एसोसिएशन की ओर से प्रधान विश्वामित्र यादव, उप प्रधान सुमन यादव, सचिव मनोज कुमार यादव, सहसचिव मोनू कुमार तथा कोषाध्यक्ष चिराग शर्मा ने स्मृति चिह्न भेंट स्वरूप दिया।
इस अवसर पर कोसली बार एसोसिएशन के प्रधान जय किशन ढिल्लों, वरिष्ठ अधिवक्ता अमरजीत यादव, अश्वनी तिवारी, कैलाश यादव, राजेंद्र, रूपचंद यादव, शौकीन शर्मा, प्रवेश हरित, राजकुमार गेरा, राकेश राव सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।
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न्यायमूर्ति ने कहा कि उनका संबंध रेवाड़ी से रहा है क्योंकि उनकी पत्नी गांव गोठड़ा की निवासी हैं। उन्होंने बताया कि अधिवक्ताओं की सभी समस्याओं की वह वकालत करेंगे और जो भी समस्याएं रखी गई हैं उनका निराकरण करने का प्रयास करेंगे।
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न्यायमूर्ति ने कहा कि रेवाड़ी बार एसोसिएशन पूरी हरियाणा एवं पंजाब में सबसे कम कार्य स्थगित करती है। उन्होंने बताया कि रेवाड़ी बार ऐसी है जिन्होंने शनिवार को भी अपना कार्य स्थगित नहीं रखा था और कुछ दिनों से ही यह प्रक्रिया चल रही है।
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इससे पूर्व जिला बार एसोसिएशन के प्रधान विश्वामित्र यादव ने न्यायाधीश का बार रूम में पहुंचने पर सभी पदाधिकारी सहित स्वागत किया।
इस अवसर पर विश्वामित्र यादव ने निरीक्षक जज के समक्ष वकीलों के बैठने के लिए स्थान बढ़ाने, चैंबर बिल्डिंग पर पोटा केबिन बनाए जाने, लेबर कोर्ट के लिए अफसर नियुक्त किए जाने, पीएलए भवन में जाने के लिए रास्ता खोलने सहित कई मांगें रखी थी।
न्यायमूर्ति ने आश्वासन दिलाया कि वह सभी मांगें पूरा करने के लिए पूर्ण रूप से कोशिश करेंगे। इसके अलावा न्यायमूर्ति ने अपने अनुभव भी साझा किए।
इस मौके पर जिला बार एसोसिएशन की ओर से प्रधान विश्वामित्र यादव, उप प्रधान सुमन यादव, सचिव मनोज कुमार यादव, सहसचिव मोनू कुमार तथा कोषाध्यक्ष चिराग शर्मा ने स्मृति चिह्न भेंट स्वरूप दिया।
इस अवसर पर कोसली बार एसोसिएशन के प्रधान जय किशन ढिल्लों, वरिष्ठ अधिवक्ता अमरजीत यादव, अश्वनी तिवारी, कैलाश यादव, राजेंद्र, रूपचंद यादव, शौकीन शर्मा, प्रवेश हरित, राजकुमार गेरा, राकेश राव सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।