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Rewari News: किसान बोले- सरकारी लैब में सरसों की हो जांच, डीसी ने दिए निर्देश
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रेवाड़ी। लघु सचिवालय सभागार में जिला प्रशासन ने भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के किसानों के साथ बैठक की। इस दौरान विभिन्न मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से विचार-विमर्श किया गया।
भाकियू के जिला प्रधान समय सिंह ने अपने संगठन की ओर से किसानों का बकाया मुआवजा दिलवाने, सरसों खरीद के समय सरकारी लैब से इसकी जांच करवाए जाने की मांगें रखीं।
डीसी अभिषेक मीणा ने कृषि विभाग के अधिकारियों को कहा कि रेवाड़ी में कृषि विभाग की सरकारी लैब में सरसों की जांच करवाई जाए जिससे प्राइवेट लैब के किसानों को चक्कर न लगाना पड़े।
उन्होंने कहा कि भावांतर भरपाई योजना के तहत बाजरा की वर्ष 2024 के दौरान हुई खरीद की बकाया राशि का बजट आना बाकी है। बजट उपलब्ध होते ही यह राशि किसानों को वितरित कर दी जाएगी।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे डीसी अभिषेक मीणा ने सुझाव दिया कि साझा भूमि में परिवार का एक सदस्य लोन लेता है तो इससे बाकी सदस्यों को योजना का लाभ नहीं मिल पाता। इसलिए या तो जमीन की तकसीम करवाकर यह लोन लेना चाहिए या फिर खसरा नंबर निर्धारित कर परिवार का एक सदस्य अपना कृषि ऋण ले।
इससे अन्य साझेदारों को बीमा राशि का नुकसान नहीं होने पाएगा। इस अवसर पर जिला राजस्व अधिकारी प्रदीप देशवाल, कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. जितेंद्र अहलावत, तकनीकी सहायक डॉ. मनोज वर्मा, भाकियू महिला विंग की प्रधान मुन्नी देवी, राजेंद्र, सविता, राजकुमार, देशराज मौजूद रहे।
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क्षतिपूर्ति पोर्टल को लेकर किसानों में अभी जागरूकता की कमी : डीसी
डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि क्षतिपूर्ति पोर्टल को लेकर किसानों में अभी जागरूकता की कमी है। इस पोर्टल पर नुकसान होने के 72 घंटों के भीतर ऑनलाइन आवेदन करना जरूरी है। इसलिए इस प्रक्रिया के प्रति किसानों को जागरूक किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि संबंधित पोर्टल पर आवश्यक सुधार किए जाने चाहिए जिससे कि फसल बीमा में तकनीकी समस्या किसान को ना आए। डीसी ने भाकियू संगठन से अनुरोध किया कि अधिक से अधिक किसान एग्रीस्टैक आईडी बनवाना सुनिश्चित करें जिससे उनको सरकारी योजनाओं का समय पर लाभ मिल सके।
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डीसी अभिषेक मीणा ने कृषि विभाग के अधिकारियों को कहा कि रेवाड़ी में कृषि विभाग की सरकारी लैब में सरसों की जांच करवाई जाए जिससे प्राइवेट लैब के किसानों को चक्कर न लगाना पड़े।
उन्होंने कहा कि भावांतर भरपाई योजना के तहत बाजरा की वर्ष 2024 के दौरान हुई खरीद की बकाया राशि का बजट आना बाकी है। बजट उपलब्ध होते ही यह राशि किसानों को वितरित कर दी जाएगी।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे डीसी अभिषेक मीणा ने सुझाव दिया कि साझा भूमि में परिवार का एक सदस्य लोन लेता है तो इससे बाकी सदस्यों को योजना का लाभ नहीं मिल पाता। इसलिए या तो जमीन की तकसीम करवाकर यह लोन लेना चाहिए या फिर खसरा नंबर निर्धारित कर परिवार का एक सदस्य अपना कृषि ऋण ले।
इससे अन्य साझेदारों को बीमा राशि का नुकसान नहीं होने पाएगा। इस अवसर पर जिला राजस्व अधिकारी प्रदीप देशवाल, कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. जितेंद्र अहलावत, तकनीकी सहायक डॉ. मनोज वर्मा, भाकियू महिला विंग की प्रधान मुन्नी देवी, राजेंद्र, सविता, राजकुमार, देशराज मौजूद रहे।
क्षतिपूर्ति पोर्टल को लेकर किसानों में अभी जागरूकता की कमी : डीसी
डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि क्षतिपूर्ति पोर्टल को लेकर किसानों में अभी जागरूकता की कमी है। इस पोर्टल पर नुकसान होने के 72 घंटों के भीतर ऑनलाइन आवेदन करना जरूरी है। इसलिए इस प्रक्रिया के प्रति किसानों को जागरूक किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि संबंधित पोर्टल पर आवश्यक सुधार किए जाने चाहिए जिससे कि फसल बीमा में तकनीकी समस्या किसान को ना आए। डीसी ने भाकियू संगठन से अनुरोध किया कि अधिक से अधिक किसान एग्रीस्टैक आईडी बनवाना सुनिश्चित करें जिससे उनको सरकारी योजनाओं का समय पर लाभ मिल सके।