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Rewari News: पीपीपी को एआई से जोड़ने की तैयारी, जानकारियां छिपा सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाले नपेंगे

Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 18 Feb 2026 11:09 PM IST
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Preparations are underway to link PPP with AI, those who take advantage of government schemes by hiding information will be punished
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रेवाड़ी। अब हरियाणा सरकार परिवार पहचान पत्र में अहम बदलाव की तैयारी कर रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है। इन बदलावों के लिए हरियाणा पीपीपी अथॉरिटी की टीम ने दिल्ली में चल रहे इंटरनेशनल एआई समिट में एक्सपर्ट की राय ली है।
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इस एक डॉक्यूमेंट से पूरे परिवार की वर्थ वैल्यू यानी पूरी कमाई का पता चलेगा। इससे सबसे ज्यादा खतरा उन लोगों को है जो अभी जानकारियां छिपाकर सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं।
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को-कॉडिनेटर सतीश खोला ने साल के अंत तक नए बदलाव की संभावना जताई है। बताया कि सरकार की योजना है कि एआई की मदद से परिवार के सभी सदस्यों के पैन कार्ड, आधार कार्ड, प्रॉपर्टी आईडी, किसान आईडी, आभा आईडी, बच्चों की स्कूल फीस, बैंक लोन और वित्तीय जानकारियों को एक प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जाए।
इन सभी डाटा को पीपीपी से लिंक किया जाएगा। आगे बताया कि मान लीजिए, किसी ने फैमिली आईडी में कम आय दिखाई है जबकि उनके बच्चे महंगे स्कूलों में पढ़ रहे हैं। परिवार के सदस्यों के बैंक में भी ठीक कमाई दिख रही है तो ऐसे में पूरे परिवार की वर्थ वैल्यू सरकार के सामने आ जाएगी।

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लग्जरी लाइफ के लिए होने वाले खर्च का भी एआई करेगा आंकलन
सतीश खोला ने बताया कि जिन परिवारों के बच्चे बड़े स्कूलों में पढ़ते हैं। बच्चों की स्कूल फीस को भी वर्थ वैल्यू माना जाएगा। 10 हजार रुपये मासिक फीस देने वाले परिवार की वर्थ वैल्यू में 1.20 रुपये जुड़ जाएंगे। लग्जरी लाइफ के लिए होने वाले खर्च का भी एआई आंकलन करेगा। जिन परिवारों ने अपनी जीविका चलाने या घर बनाने जैसी मूलभूत जरूरतों के लिए बैंक लोन लिया है, उसका जिक्र भी रहेगा। परिवार के किसी भी सदस्य के खाते से कटने वाली लोन की किश्त की राशि परिवार की वर्थ वैल्यू से कम हो जाएगी।
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एआई का उपयोग होने से डेटा में संभावित त्रुटियों को पहचानना होगा आसान



डॉ. सतीश खोला ने बताया कि परिवार पहचान पत्र एक ऐसी महत्वपूर्ण व्यवस्था है जिसके माध्यम से प्रदेश के नागरिकों का पारिवारिक डेटा एकत्रित कर सरकारी योजनाओं के लाभ का सही निर्धारण किया जाता है। इस प्रणाली में एआई का उपयोग होने से डेटा में संभावित त्रुटियों को पहचानना आसान होगा और रिकॉर्ड को अपडेट करने की प्रक्रिया भी अधिक तेज हो जाएगी। इसके साथ-साथ डुप्लीकेट डेटा, गलत जानकारी या अपात्र लोगों द्वारा लाभ लेने की संभावना पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।एआई आधारित तकनीक के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन में अधिक पारदर्शिता आएगी। इससे न केवल प्रशासनिक स्तर पर निगरानी बेहतर होगी, बल्कि नागरिकों का विश्वास भी बढ़ेगा।
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सरकार इन अपात्रों का पता लगाना चाह रही

असल में सरकार ऐसे अपात्रों का पता लगाना चाह रही है जो फैमिली आईडी में कम आय दिखा सरकारी योजनाओं का फायदा ले रहे हैं जबकि उनकी आय अधिक है। परिवार के सभी सदस्यों के दस्तावेज जुड़ने से परिवार की वास्तविक वर्थ वैल्यू का निर्धारण किया जाएगा। सरकार भी मान रही है कि इससे प्रॉपर्टी और आय से जुड़ी त्रुटियों को सुधारा जा सकेगा जिससे पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ सही तरीके से मिल सकेगा। साथ ही अपात्र परिवारों को बाहर किया जा सकेगा।
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