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Rewari News: अतिक्रमण हटाओ अभियान से व्यापारियों में रोष, पीडब्ल्यूडी पर भेदभाव का आरोप
Sun, 09 Aug 2026 11:48 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 09 Aug 2026 11:48 PM IST
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कोसली में हुआ अतिक्रमण। संवाद
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कोसली। स्थानीय बाजार में लोक निर्माण विभाग की ओर से तीसरे दिन भी अतिक्रमण और अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई की गई। इसको लेकर व्यापारियों में असंतोष है। उनका आरोप है कि विभाग ने दुकानों के बाहर बने पक्के निर्माण और नालियों पर किए गए कब्जे हटाए। रेहड़ी-पटरी और स्थायी कब्जे के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।
विभाग की टीम ने सड़क के साथ दुकानों के बाहर लाखों रुपये की लागत से बने बरसाती पानी के नालों पर किए गए निर्माण को हटाकर नालों को कब्जामुक्त कराया। हालांकि, बाजार में पक्के पहिये लगाकर लंबे समय से बैठे रेहड़ी संचालकों और अन्य स्थायी कब्जाधारियों को कार्रवाई से बाहर रखा गया। इससे व्यापारियों में रोष है।
व्यापारियों का कहना है कि अवैध कब्जों के कारण बाजार में पार्किंग की समस्या बनी रहती है और आए दिन जाम लगता है। उनका कहना है कि कुछ लोग हजारों रुपये किराया देकर दुकानें चला रहे हैं, जबकि अवैध रूप से सड़क किनारे कब्जा करने वालों के कारण उन्हें भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
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तहसील परिसर में आयोजित समाधान शिविर में एक दुकानदार ने बाजार में बढ़ते अतिक्रमण की शिकायत एसडीएम विजय कुमार से की थी। इसके बाद एसडीएम ने लोक निर्माण विभाग को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। विभाग ने दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी संचालकों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में अतिक्रमण हटाने को कहा था।
नोटिस के बाद कुछ दुकानदारों ने दुकानों के आगे बने टीन शेड हटा लिए, लेकिन कई रेहड़ी-पटरी संचालकों ने कब्जे नहीं हटाए। कुछ समय बाद दुकानदारों ने भी दोबारा अपनी दुकानों के आगे सामान रखना शुरू कर दिया। जुलाई के अंतिम सप्ताह में विभाग ने फिर नोटिस जारी कर कब्जे हटाने के निर्देश दिए और कार्रवाई नहीं करने पर मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी भी दी थी। इसके बावजूद व्यापारियों का आरोप है कि इस बार भी कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई।
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विभाग की टीम ने सड़क के साथ दुकानों के बाहर लाखों रुपये की लागत से बने बरसाती पानी के नालों पर किए गए निर्माण को हटाकर नालों को कब्जामुक्त कराया। हालांकि, बाजार में पक्के पहिये लगाकर लंबे समय से बैठे रेहड़ी संचालकों और अन्य स्थायी कब्जाधारियों को कार्रवाई से बाहर रखा गया। इससे व्यापारियों में रोष है।
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व्यापारियों का कहना है कि अवैध कब्जों के कारण बाजार में पार्किंग की समस्या बनी रहती है और आए दिन जाम लगता है। उनका कहना है कि कुछ लोग हजारों रुपये किराया देकर दुकानें चला रहे हैं, जबकि अवैध रूप से सड़क किनारे कब्जा करने वालों के कारण उन्हें भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
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तहसील परिसर में आयोजित समाधान शिविर में एक दुकानदार ने बाजार में बढ़ते अतिक्रमण की शिकायत एसडीएम विजय कुमार से की थी। इसके बाद एसडीएम ने लोक निर्माण विभाग को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। विभाग ने दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी संचालकों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में अतिक्रमण हटाने को कहा था।
नोटिस के बाद कुछ दुकानदारों ने दुकानों के आगे बने टीन शेड हटा लिए, लेकिन कई रेहड़ी-पटरी संचालकों ने कब्जे नहीं हटाए। कुछ समय बाद दुकानदारों ने भी दोबारा अपनी दुकानों के आगे सामान रखना शुरू कर दिया। जुलाई के अंतिम सप्ताह में विभाग ने फिर नोटिस जारी कर कब्जे हटाने के निर्देश दिए और कार्रवाई नहीं करने पर मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी भी दी थी। इसके बावजूद व्यापारियों का आरोप है कि इस बार भी कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई।