{"_id":"69bee29090461059660f53fe","slug":"eid-celebrated-sirsa-news-c-128-1-sir1002-155117-2026-03-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: जिले में अकीदत के साथ मनाई गई ईद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: जिले में अकीदत के साथ मनाई गई ईद
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 21 Mar 2026 11:55 PM IST
विज्ञापन
शहर की मस्जिद में नवाज अदा करते हुए । संवाद
विज्ञापन
ईदगाहों में अदा की गई नमाज, एक-दूसरे के गले मिलकर दी पर्व की मुबारकबाद
फोटो- 36, 37
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले में शनिवार को ईद अकीदत के साथ मनाई गई। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ईदगाहों और मस्जिदों में ईद की नमाज अदा की और देश में अमन-चैन की दुआ मांगी। चांद दिखने के बाद से ही मुस्लिम समाज में ईद के लिए खासा उत्साह देखने को मिला। शनिवार सुबह लोग अपने-अपने क्षेत्रों की मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा करने पहुंचे। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी।
जिलेभर में ईद-उल-फितर हर्षोल्लास और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। इस मौके पर सदर बाजार और रानियां रोड स्थित ईदगाह में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एकत्रित होकर ईद की नमाज अदा की। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और खुशियां साझा कीं।
वर्षों से इन स्थानों पर ईद का पर्व मनाने की परंपरा चली आ रही है। जिलेभर से बड़ी संख्या में लोग शहर की ईदगाह में पहुंचे। नमाज से पहले सभी ने वजू किया जिसके बाद सामूहिक रूप से नमाज अदा की गई और अमन-चैन व सामाजिक सौहार्द की दुआ मांगी गई।
ईद का यह पर्व आपसी भाईचारे और एकता का संदेश देता है। इसे सभी ने मिल-जुलकर मनाया। मुस्लिम समुदाय के लोगों को ईद की शुभकामनाएं देने के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी ईदगाह पहुंचे और लोगों से मुलाकात की।
बाजारों में भी दिखी रौनक
बाजारों में भी ईद पर खासा उत्साह देखने को मिला। लोग कपड़े, मिठाइयां और अन्य जरूरत का सामान खरीदते हुए नजर आए। बच्चों और युवाओं में ईद को लेकर विशेष उत्साह रहा। पूरे माह रमजान के रोजे रखने के बाद ईद-उल-फितर का पर्व मनाया जाता है जो खुशी और इबादत का प्रतीक है।
ईद पर सेवइयां बनाना खास
ईद के दिन घरों में विशेष पकवान बनाए जाते हैं। खासतौर पर सेवइयां बनाने की परंपरा इस दिन का अहम हिस्सा है। इसके अलावा, मिठाइयां, नमकीन और शरबत भी तैयार किए जाते हैं। लोग अपने रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों के घर जाकर ईद की बधाई देते हैं। एक-दूसरे के साथ खुशियां बांटते हैं।
मुस्लिम समाज में विशेष प्रकार क्ज्ञ दान देने का महत्व
ईद के अवसर पर फितर का भी विशेष महत्व होता है। फितर वह दान है जो संपन्न लोग जरूरतमंदों की सहायता के लिए देते हैं। इसे ईद की नमाज से पहले अदा करना आवश्यक माना जाता है। इस बार फितर की राशि 45 रुपये प्रति व्यक्ति निर्धारित की गई है। इसके अलावा, एक व्यक्ति के हिसाब से एक किलो 633 ग्राम गेहूं या उसके बराबर की राशि भी दी जा सकती है। यह राशि गरीबों, विधवाओं, यतीमों और जरूरतमंदों को दी जाती है ताकि वे भी ईद की खुशियों में शामिल हो सकें।
वर्जन
ईद का पर्व आपसी भाईचारे का पर्व है। ईद-उल-फितर का पर्व पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शांतिपूर्ण और उल्लासपूर्ण वातावरण में मनाया गया जिसने समाज में एकता और भाईचारे का संदेश दिया। इस दिन लोग पारंपरिक ढंग से ईद को मनाते हैं। सामूहिक नमाज अदा की जाती है। एक-दूसरे से गले मिलकर शांति की दुआ करते हैं।
- मोलाना मोहम्मद सुलेमान, जामा मस्जिद, सदर बाजार सिरसा।
रोड़ी की मदीना मस्जिद में हुई ईद-उल-फितर की नमाज
फोटो- 9, 10
संवाद न्यूज एजेंसी
रोड़ी। मदीना मस्जिद में ईद-उल-फितर का पर्व मनाया गया। शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोग मस्जिद परिसर में एकत्रित हुए और सामूहिक रूप से ईद की नमाज अदा की।
नमाज की अगुवाई मौलवी फईम अहमद ने की। नमाज के दौरान क्षेत्र में शांति, अनुशासन और आस्था का माहौल बना रहा। नमाज अदा करने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। इस अवसर पर मौलवी फईम अहमद ने सभी को ईद की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह त्योहार हमें भाईचारे, आपसी सहयोग और शांति का संदेश देता है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से मिल-जुलकर रहने और सद्भाव बनाए रखने की अपील की।
इसके उपरांत मस्जिद परिसर में लंगर का आयोजन किया गया जिसमें सभी ने मिलकर प्रसाद ग्रहण किया। लोगों ने बड़े ही प्रेम और सौहार्द के साथ एक-दूसरे के साथ समय बिताया। इस मौके पर अब्दुल खान, लियास खान, दारा खान, सुखी खान, जुम्मा खान, बग्गा खान और फज्जा खान आदि उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान खुशी, एकता और सामाजिक समरसता का प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला।
कागदाना में छह भाइयों ने एक साथ पढ़ी नमाज
फोटो 50
संवाद न्यूज एजेंसी
चोपटा। गांव कागदाना में शनिवार को ईद-उल-फितर का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद मुबारक कहा और खुशियां साझा कीं।
सुबह ईदगाह में सामूहिक रूप से नमाज अदा की गई। इसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भाग लिया। नमाज के बाद लोगों ने देश और समाज की खुशहाली के लिए दुआ मांगी। इस दौरान गांव में आपसी सौहार्द और एकता का अद्भुत नजारा देखने को मिला।
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि गांव के एक ही परिवार के छह भाई गुलाब मोहम्मद, अली मोहम्मद, नेक मोहम्मद, डॉ. सरजुद्दीन, डॉ. इस्माइल खान और मोहम्मद जलालुद्दीन ने एक साथ ईदगाह में नमाज अदा की। इसके बाद सभी भाइयों ने एक-दूसरे के घर जाकर ईद की मुबारकबाद दी और पूरे गांव में भाईचारे का संदेश फैलाया।
Trending Videos
फोटो- 36, 37
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले में शनिवार को ईद अकीदत के साथ मनाई गई। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ईदगाहों और मस्जिदों में ईद की नमाज अदा की और देश में अमन-चैन की दुआ मांगी। चांद दिखने के बाद से ही मुस्लिम समाज में ईद के लिए खासा उत्साह देखने को मिला। शनिवार सुबह लोग अपने-अपने क्षेत्रों की मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा करने पहुंचे। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी।
जिलेभर में ईद-उल-फितर हर्षोल्लास और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। इस मौके पर सदर बाजार और रानियां रोड स्थित ईदगाह में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एकत्रित होकर ईद की नमाज अदा की। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और खुशियां साझा कीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
वर्षों से इन स्थानों पर ईद का पर्व मनाने की परंपरा चली आ रही है। जिलेभर से बड़ी संख्या में लोग शहर की ईदगाह में पहुंचे। नमाज से पहले सभी ने वजू किया जिसके बाद सामूहिक रूप से नमाज अदा की गई और अमन-चैन व सामाजिक सौहार्द की दुआ मांगी गई।
ईद का यह पर्व आपसी भाईचारे और एकता का संदेश देता है। इसे सभी ने मिल-जुलकर मनाया। मुस्लिम समुदाय के लोगों को ईद की शुभकामनाएं देने के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी ईदगाह पहुंचे और लोगों से मुलाकात की।
बाजारों में भी दिखी रौनक
बाजारों में भी ईद पर खासा उत्साह देखने को मिला। लोग कपड़े, मिठाइयां और अन्य जरूरत का सामान खरीदते हुए नजर आए। बच्चों और युवाओं में ईद को लेकर विशेष उत्साह रहा। पूरे माह रमजान के रोजे रखने के बाद ईद-उल-फितर का पर्व मनाया जाता है जो खुशी और इबादत का प्रतीक है।
ईद पर सेवइयां बनाना खास
ईद के दिन घरों में विशेष पकवान बनाए जाते हैं। खासतौर पर सेवइयां बनाने की परंपरा इस दिन का अहम हिस्सा है। इसके अलावा, मिठाइयां, नमकीन और शरबत भी तैयार किए जाते हैं। लोग अपने रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों के घर जाकर ईद की बधाई देते हैं। एक-दूसरे के साथ खुशियां बांटते हैं।
मुस्लिम समाज में विशेष प्रकार क्ज्ञ दान देने का महत्व
ईद के अवसर पर फितर का भी विशेष महत्व होता है। फितर वह दान है जो संपन्न लोग जरूरतमंदों की सहायता के लिए देते हैं। इसे ईद की नमाज से पहले अदा करना आवश्यक माना जाता है। इस बार फितर की राशि 45 रुपये प्रति व्यक्ति निर्धारित की गई है। इसके अलावा, एक व्यक्ति के हिसाब से एक किलो 633 ग्राम गेहूं या उसके बराबर की राशि भी दी जा सकती है। यह राशि गरीबों, विधवाओं, यतीमों और जरूरतमंदों को दी जाती है ताकि वे भी ईद की खुशियों में शामिल हो सकें।
वर्जन
ईद का पर्व आपसी भाईचारे का पर्व है। ईद-उल-फितर का पर्व पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शांतिपूर्ण और उल्लासपूर्ण वातावरण में मनाया गया जिसने समाज में एकता और भाईचारे का संदेश दिया। इस दिन लोग पारंपरिक ढंग से ईद को मनाते हैं। सामूहिक नमाज अदा की जाती है। एक-दूसरे से गले मिलकर शांति की दुआ करते हैं।
- मोलाना मोहम्मद सुलेमान, जामा मस्जिद, सदर बाजार सिरसा।
रोड़ी की मदीना मस्जिद में हुई ईद-उल-फितर की नमाज
फोटो- 9, 10
संवाद न्यूज एजेंसी
रोड़ी। मदीना मस्जिद में ईद-उल-फितर का पर्व मनाया गया। शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोग मस्जिद परिसर में एकत्रित हुए और सामूहिक रूप से ईद की नमाज अदा की।
नमाज की अगुवाई मौलवी फईम अहमद ने की। नमाज के दौरान क्षेत्र में शांति, अनुशासन और आस्था का माहौल बना रहा। नमाज अदा करने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। इस अवसर पर मौलवी फईम अहमद ने सभी को ईद की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह त्योहार हमें भाईचारे, आपसी सहयोग और शांति का संदेश देता है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से मिल-जुलकर रहने और सद्भाव बनाए रखने की अपील की।
इसके उपरांत मस्जिद परिसर में लंगर का आयोजन किया गया जिसमें सभी ने मिलकर प्रसाद ग्रहण किया। लोगों ने बड़े ही प्रेम और सौहार्द के साथ एक-दूसरे के साथ समय बिताया। इस मौके पर अब्दुल खान, लियास खान, दारा खान, सुखी खान, जुम्मा खान, बग्गा खान और फज्जा खान आदि उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान खुशी, एकता और सामाजिक समरसता का प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला।
कागदाना में छह भाइयों ने एक साथ पढ़ी नमाज
फोटो 50
संवाद न्यूज एजेंसी
चोपटा। गांव कागदाना में शनिवार को ईद-उल-फितर का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद मुबारक कहा और खुशियां साझा कीं।
सुबह ईदगाह में सामूहिक रूप से नमाज अदा की गई। इसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भाग लिया। नमाज के बाद लोगों ने देश और समाज की खुशहाली के लिए दुआ मांगी। इस दौरान गांव में आपसी सौहार्द और एकता का अद्भुत नजारा देखने को मिला।
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि गांव के एक ही परिवार के छह भाई गुलाब मोहम्मद, अली मोहम्मद, नेक मोहम्मद, डॉ. सरजुद्दीन, डॉ. इस्माइल खान और मोहम्मद जलालुद्दीन ने एक साथ ईदगाह में नमाज अदा की। इसके बाद सभी भाइयों ने एक-दूसरे के घर जाकर ईद की मुबारकबाद दी और पूरे गांव में भाईचारे का संदेश फैलाया।