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Sirsa News: हाउस की बैठक में भाजपा जिंदाबाद के लगे नारे, कांग्रेसी नेताओं ने किया विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 17 Feb 2026 01:06 AM IST
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सिरसा। हाउस की बैठक में चेयरमैन वीर शांति स्वरूप सभी पार्षदों को समझाते हुए। संवाद
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-उपाध्यक्ष से पहले भाजपा पार्षद चेयरमैन के खेमे में आए, 20 मिनट करना पड़ा पार्षदों को इंतजार
- पार्षदों ने कुत्तों से लेकर बेसहारा पशुओं पर चेयरमैन को घेरा
फोटो--
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। लोकनिर्माण विश्राम गृह में सोमवार को हुई नगर परिषद की हाउस की बैठक हंगामेदार रही। उपाध्यक्ष पद के चुनाव से ठीक दो दिन पहले हुई हाउस की बैठक में भाजपा पार्षद व हलोपा पार्षद एकजुट नजर आए। चेयरमैन वीर शांति स्वरूप की अगुवाई में उन्होंने हाउस में भाजपा जिंदाबाद के नारे लगाए। इसके बाद कांग्रेसी पार्षद नाराज हो गए और आपस में विवाद हो गया।
चेयरमैन के कहने पर भाजपा पार्षदों ने माफी मांगी। हालांकि, इस विवाद के बाद चेयरमैन बिना पत्रकारवार्ता किए ही बीच में छोड़कर चले गए। कांग्रेस के पार्षदों ने भाजपा मुर्दाबाद के नारे लगाए। बैठक में 32 में से 30 पार्षद पहुंचे थे। वार्ड एक की आरती रंगा और वार्ड 9 की अनिता रानी मौजूद नहीं रही।
आलम यह रहा है कि 20 मिनट तक पार्षदों को रेस्ट हाउस के रेस्ट रूम में इंतजार करना पड़ा। उन्हें बताया गया कि अब तक कोई हॉल बैठक के लिए बुक नहीं किया गया। 2 बजकर 20 मिनट पर कार्यकारी अधिकारी आए और उन्होंने फोन कर बुकिंग करवाई। इसके साथ ही ठीक ढाई बजे आने पर चेयरमैन पहुंचे और सभी को हॉल में बैठने की अनुमति मिली।
एजेंडों के नाम पर हुई खानापूर्ति
हाउस की बैठक महज खानापूर्ति रही। कांग्रेस और भाजपा के पार्षदों को समझ ही नहीं आया कि आखिरकार हाउस की बैठक बुलाई ही क्यों गई है। हाउस की बैठक में विकास कार्य, पुराने विकास कार्यों की पुष्टि रिपोर्ट जैसे चुनिंदा चार मुद्दे रखे गए थे। चेयरमैन के सामने कई पार्षदों ने अपने विकास के एजेंडे रखे। इससे पूर्व 26 के आसपास पार्षद अपने विकास के एजेंडे दे चुके थे। यही कारण रहा कि किसी ठोस एजेंडे को लेकर बैठक नहीं हो सकी। वहीं, चेयरमैन भी अपने अन्य मद से ही एजेंडे रखते हुए नजर आए।
पार्षदों ने रखी विकास कार्यों और गली निर्माण की मांग
हाउस की बैठक में पार्षदों ने विकास कार्यों को लेकर गंभीरता दिखाई। उन्होंने कहा कि सभी टूटीं गलियां पक्की करवाई जाएं। कई वार्डों के अंदर गलियां कच्ची पड़ी हैं। उन गलियों का समाधान किया जाए, ताकि आमजन को राहत मिले। चेयरमेन ने कहा कि प्रत्येक वार्ड में तीन से चार कार्य प्रमुखता से करवाए जाएंगे। संबंधित कार्य पूर्ण होने के बाद दूसरे टेंडर लगा दिए जाएंगे। इसके अलावा, पार्षदों ने निगरानी कमेटियां बनाने की मांग रखी।
महिला पार्षद बोलीं-पार्कों की राशि जारी करने से पहले पार्षद के हों साइन
पार्कों की राशि को लेकर एक बार फिर हाउस की बैठक में पार्षदों और पार्कों की देखरेख करने वाली एजेंसियों का विवाद सामने आया। पार्क की देखभाल करने वाली संस्था को जारी की जाने वाली राशि पार्षदों के हस्ताक्षर के बिना न हों। ऐसा एजेंडा भाजपा की महिला पार्षद ने रखा। पार्कों को लेकर विज्ञापन जारी करने से पहले ही कई एजेंसियों को टेंडर दिए जा चुके हैं। पार्षदों की स्वीकृति के बिना पेमेंट जारी हुए हैं। इन एजेंसियों ने दूसरी एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए थे। बिना सभी पार्षदों की स्वीकृति से इन संस्थाओं को पार्क गोद देने पर अधिकारियों पर भेदभाव का आरोप लग रहा है। वहीं, बचे हुए पार्कों को लेने वाली एजेंसियां भी बंदरबांट पर नाराजगी जता चुकी हैं। इसके बाद भी चेयरमैन सहित अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।
संस्थाएं पहले पार्षदों के हस्तक्षेप से आ चुकी हैं तंग
पूर्व में संस्थाओं को पार्क गोद दिए गए थे। ऐसे में पार्षदों के बार-बार हस्तक्षेप करने पर विवाद बढ़ा गया था। मामले की जांच सीएम फ्लाइंग के पास चली गई। बार-बार पार्कों को जारी होने वाली पेमेंट पर पार्षदों के हस्तक्षेप करने पर कई तरह के सवाल खड़े होते हैं। कई तरह के आरोप पूर्व में पार्षदों पर एजेंसियां लगा चुकी हैं। अब देखना यह है कि नगर परिषद के अधिकारी विवादों के बाद भी पार्षदों का हस्तक्षेप पेमेंट में रखते हैं या नहीं।
कुत्ते वाले को 20 बार फोन किया, कुत्ते पकड़ने नहीं आए
वार्ड 16 के पार्षद रणधीर सिंह उर्फ धीरू ने बताया कि एमसी कॉलोनी और अग्रसेन कॉलोनी में कुत्ते पकड़वाने थे। पिछले कुछ दिनों में कई लोगों को कुत्ते काट चुके हैं। स्वयं उन्होंने 20 बार जारी किए गए नंबर फोन किया। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। वार्ड में इतने दिनों में एक बार मुश्किल से एजेंसी के बंदे नजर आए हैं। इस पर चेयरमैन बोले कि एजेंसी सही तरीके से काम कर रही है। नंबर भी जारी किया हुआ है। पार्षदों ने कहा कि ऐसी एजेंसी का क्या फायदा है। इसका लाभ किसको हो रहा है। इसका कोई ठोस जवाब चेयरमैन नहीं दे पाए।
फोन पर शिकायत करने पर होती है डोर-टू-डोर सफाई
पार्षद ने कहा कि डोर-टू-डोर सड़कों की सफाई नियमित रूप से नहीं होती है। सप्ताह में एक या मुश्किल से दो बार कर्मचारी आते हैं। उसको लेकर भी एप के माध्यम से शिकायत करनी पड़ती है। ऐसे हालात शहर में सफाई के बने हुए हैं और सबठीक होने की बात कही जा रही है। चेयरमैन ने सीएसआई को निर्देश दिए कि नियमित रूप से सफाई हो।
पुराने विकास कार्यों की नहीं दी जानकारी
पार्षद गोपी सैनी ने बताया कि कैटल फ्री के दावे किए जा रहे हैं। आज तक शहर कैटल फ्री नहीं हुआ है। इसकी जांच होनी चाहिए। कैटल फ्री के ठेके में मिलीभगत है। उससे मोटा लाभ कुछ लोग कमा रहे हैं। यही कारण है कि आज तक बेसहारा पशु मुक्त शहर नहीं हुआ है।
पार्षद दीपक बंसल ने लगाया भाजपा जिंदाबाद का नारा, नेताओं ने जताई नाराजगी
भाजपा पार्षद दीपक बांसल ने भाजपा जिंदाबाद के नारे लगा दिए। इससे कांग्रेसी पार्षद गोपीराम सैनी और पार्षद राजेंद्र सरदाना ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि हाउस की बैठक में आपसी भाईचारा होना चाहिए। इसमें पार्टी की बात कहां आ गई है। राजेंद्र सरदाना ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक बात है। हाउस की बैठक में ऐसा नहीं होना चाहिए। यह शक्तिप्रदर्शन की जगह नहीं है। यह आपसी भाईचारे से शहर के विकास का मंच है।
कोट्स
हाउस की बैठक शांतिपूर्वक हुई है। कुछ पार्षदों ने भाजपा जिंदाबाद के नारे लगा दिए थे। उन्होंने बाद में गलती मान ली। ऐसा दोबारा नहीं होने दिया जाएगा। हाउस में शहर के विकास के मुद्दों के पास किया गया है।
-वीर शांति स्वरूप, चेयरमैन
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- पार्षदों ने कुत्तों से लेकर बेसहारा पशुओं पर चेयरमैन को घेरा
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। लोकनिर्माण विश्राम गृह में सोमवार को हुई नगर परिषद की हाउस की बैठक हंगामेदार रही। उपाध्यक्ष पद के चुनाव से ठीक दो दिन पहले हुई हाउस की बैठक में भाजपा पार्षद व हलोपा पार्षद एकजुट नजर आए। चेयरमैन वीर शांति स्वरूप की अगुवाई में उन्होंने हाउस में भाजपा जिंदाबाद के नारे लगाए। इसके बाद कांग्रेसी पार्षद नाराज हो गए और आपस में विवाद हो गया।
चेयरमैन के कहने पर भाजपा पार्षदों ने माफी मांगी। हालांकि, इस विवाद के बाद चेयरमैन बिना पत्रकारवार्ता किए ही बीच में छोड़कर चले गए। कांग्रेस के पार्षदों ने भाजपा मुर्दाबाद के नारे लगाए। बैठक में 32 में से 30 पार्षद पहुंचे थे। वार्ड एक की आरती रंगा और वार्ड 9 की अनिता रानी मौजूद नहीं रही।
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आलम यह रहा है कि 20 मिनट तक पार्षदों को रेस्ट हाउस के रेस्ट रूम में इंतजार करना पड़ा। उन्हें बताया गया कि अब तक कोई हॉल बैठक के लिए बुक नहीं किया गया। 2 बजकर 20 मिनट पर कार्यकारी अधिकारी आए और उन्होंने फोन कर बुकिंग करवाई। इसके साथ ही ठीक ढाई बजे आने पर चेयरमैन पहुंचे और सभी को हॉल में बैठने की अनुमति मिली।
एजेंडों के नाम पर हुई खानापूर्ति
हाउस की बैठक महज खानापूर्ति रही। कांग्रेस और भाजपा के पार्षदों को समझ ही नहीं आया कि आखिरकार हाउस की बैठक बुलाई ही क्यों गई है। हाउस की बैठक में विकास कार्य, पुराने विकास कार्यों की पुष्टि रिपोर्ट जैसे चुनिंदा चार मुद्दे रखे गए थे। चेयरमैन के सामने कई पार्षदों ने अपने विकास के एजेंडे रखे। इससे पूर्व 26 के आसपास पार्षद अपने विकास के एजेंडे दे चुके थे। यही कारण रहा कि किसी ठोस एजेंडे को लेकर बैठक नहीं हो सकी। वहीं, चेयरमैन भी अपने अन्य मद से ही एजेंडे रखते हुए नजर आए।
पार्षदों ने रखी विकास कार्यों और गली निर्माण की मांग
हाउस की बैठक में पार्षदों ने विकास कार्यों को लेकर गंभीरता दिखाई। उन्होंने कहा कि सभी टूटीं गलियां पक्की करवाई जाएं। कई वार्डों के अंदर गलियां कच्ची पड़ी हैं। उन गलियों का समाधान किया जाए, ताकि आमजन को राहत मिले। चेयरमेन ने कहा कि प्रत्येक वार्ड में तीन से चार कार्य प्रमुखता से करवाए जाएंगे। संबंधित कार्य पूर्ण होने के बाद दूसरे टेंडर लगा दिए जाएंगे। इसके अलावा, पार्षदों ने निगरानी कमेटियां बनाने की मांग रखी।
महिला पार्षद बोलीं-पार्कों की राशि जारी करने से पहले पार्षद के हों साइन
पार्कों की राशि को लेकर एक बार फिर हाउस की बैठक में पार्षदों और पार्कों की देखरेख करने वाली एजेंसियों का विवाद सामने आया। पार्क की देखभाल करने वाली संस्था को जारी की जाने वाली राशि पार्षदों के हस्ताक्षर के बिना न हों। ऐसा एजेंडा भाजपा की महिला पार्षद ने रखा। पार्कों को लेकर विज्ञापन जारी करने से पहले ही कई एजेंसियों को टेंडर दिए जा चुके हैं। पार्षदों की स्वीकृति के बिना पेमेंट जारी हुए हैं। इन एजेंसियों ने दूसरी एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए थे। बिना सभी पार्षदों की स्वीकृति से इन संस्थाओं को पार्क गोद देने पर अधिकारियों पर भेदभाव का आरोप लग रहा है। वहीं, बचे हुए पार्कों को लेने वाली एजेंसियां भी बंदरबांट पर नाराजगी जता चुकी हैं। इसके बाद भी चेयरमैन सहित अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।
संस्थाएं पहले पार्षदों के हस्तक्षेप से आ चुकी हैं तंग
पूर्व में संस्थाओं को पार्क गोद दिए गए थे। ऐसे में पार्षदों के बार-बार हस्तक्षेप करने पर विवाद बढ़ा गया था। मामले की जांच सीएम फ्लाइंग के पास चली गई। बार-बार पार्कों को जारी होने वाली पेमेंट पर पार्षदों के हस्तक्षेप करने पर कई तरह के सवाल खड़े होते हैं। कई तरह के आरोप पूर्व में पार्षदों पर एजेंसियां लगा चुकी हैं। अब देखना यह है कि नगर परिषद के अधिकारी विवादों के बाद भी पार्षदों का हस्तक्षेप पेमेंट में रखते हैं या नहीं।
कुत्ते वाले को 20 बार फोन किया, कुत्ते पकड़ने नहीं आए
वार्ड 16 के पार्षद रणधीर सिंह उर्फ धीरू ने बताया कि एमसी कॉलोनी और अग्रसेन कॉलोनी में कुत्ते पकड़वाने थे। पिछले कुछ दिनों में कई लोगों को कुत्ते काट चुके हैं। स्वयं उन्होंने 20 बार जारी किए गए नंबर फोन किया। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। वार्ड में इतने दिनों में एक बार मुश्किल से एजेंसी के बंदे नजर आए हैं। इस पर चेयरमैन बोले कि एजेंसी सही तरीके से काम कर रही है। नंबर भी जारी किया हुआ है। पार्षदों ने कहा कि ऐसी एजेंसी का क्या फायदा है। इसका लाभ किसको हो रहा है। इसका कोई ठोस जवाब चेयरमैन नहीं दे पाए।
फोन पर शिकायत करने पर होती है डोर-टू-डोर सफाई
पार्षद ने कहा कि डोर-टू-डोर सड़कों की सफाई नियमित रूप से नहीं होती है। सप्ताह में एक या मुश्किल से दो बार कर्मचारी आते हैं। उसको लेकर भी एप के माध्यम से शिकायत करनी पड़ती है। ऐसे हालात शहर में सफाई के बने हुए हैं और सबठीक होने की बात कही जा रही है। चेयरमैन ने सीएसआई को निर्देश दिए कि नियमित रूप से सफाई हो।
पुराने विकास कार्यों की नहीं दी जानकारी
पार्षद गोपी सैनी ने बताया कि कैटल फ्री के दावे किए जा रहे हैं। आज तक शहर कैटल फ्री नहीं हुआ है। इसकी जांच होनी चाहिए। कैटल फ्री के ठेके में मिलीभगत है। उससे मोटा लाभ कुछ लोग कमा रहे हैं। यही कारण है कि आज तक बेसहारा पशु मुक्त शहर नहीं हुआ है।
पार्षद दीपक बंसल ने लगाया भाजपा जिंदाबाद का नारा, नेताओं ने जताई नाराजगी
भाजपा पार्षद दीपक बांसल ने भाजपा जिंदाबाद के नारे लगा दिए। इससे कांग्रेसी पार्षद गोपीराम सैनी और पार्षद राजेंद्र सरदाना ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि हाउस की बैठक में आपसी भाईचारा होना चाहिए। इसमें पार्टी की बात कहां आ गई है। राजेंद्र सरदाना ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक बात है। हाउस की बैठक में ऐसा नहीं होना चाहिए। यह शक्तिप्रदर्शन की जगह नहीं है। यह आपसी भाईचारे से शहर के विकास का मंच है।
कोट्स
हाउस की बैठक शांतिपूर्वक हुई है। कुछ पार्षदों ने भाजपा जिंदाबाद के नारे लगा दिए थे। उन्होंने बाद में गलती मान ली। ऐसा दोबारा नहीं होने दिया जाएगा। हाउस में शहर के विकास के मुद्दों के पास किया गया है।
-वीर शांति स्वरूप, चेयरमैन