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Sirsa News: कागजों में कैटल फ्री का दावा, सड़कों पर डर का साया
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सड़कों के बीचों बीच लड़ते अवारा पशु। संवाद
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कालांवाली की सड़कों पर बेसहारा पशुओं के कारण रोजाना हो रहे हादसे, प्रशासन से अभियान चलाने की गुहार
फोटो- 24 से 28
कालांवाली। शहर में बेसहारा पशुओं की बढ़ती समस्या लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बनती जा रही है। सड़कों पर घूम रहे बेसहारा पशु यातायात व्यवस्था को प्रभावित करने के साथ-साथ दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं।
शहरवासियों का कहना है कि दिन-रात मुख्य बाजारों और गलियों में बेसहारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे लोगों का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया। खुह वाला बाजार, पुरानी सब्जी मंडी, दादू रोड, वाटर वर्क्स रोड, डबवाली रोड, ओढ़ां कैंचियां, भगत सिंह मार्केट, पंजाब बस स्टैंड, मॉडल टाउन और हरियाणा बस स्टैंड क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं।
गोशालाओं ने जताई सहयोग की इच्छा
नंद बाबा गो सेवा संस्थान ने नगर पालिका प्रशासन से कई बार अपील की है कि शहर के बेसहारा पशुओं को पकड़कर गोशाला तक पहुंचाया जाए। संस्थान ने सभी पशुओं को रखने की तैयारी भी जताई है लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। संवाद
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शहरवासी बेसहारा पशुओं की समस्या से परेशान हैं। शहर की सड़कों पर आवारा पशु अक्सर आपस में लड़ते रहते हैं और आमजन के साथ-साथ वाहनों को नुकसान पहुंचाते हैं। कई बार राहगीर चोटिल हो चुके हैं। बेसहारा पशु राहगीरों व स्कूली बच्चों के लिए गंभीर खतरा बन गए हैं। प्रशासन को इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना चाहिए। - कविश गर्ग, व्यापारी।
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महिलाओं और बच्चों के लिए यह समस्या ओर भी गंभीर है। बच्चों को स्कूल छोड़ना, मंदिर जाना, बाजार जाना जोखिम भरा हो गया है। हर दिन बेसहारा पशु सड़कों पर लड़ते नजर आते हैं जिससे डर का माहौल बना रहता है। - सुलोचना देवी, पूर्व पार्षद।
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बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए नगर पालिका प्रशासन को कई बार अवगत कराया जा चुका है। प्रशासन ने कागजों में शहर को कैटल फ्री कर रखा है। धरातल पर सच्चाई बिल्कुल अलग है। प्रशासन को बेसहारा पशुओं से मुक्ति के लिए ठोस कदम उठाना चाहिए। - संदीप वर्मा, समाजसेवी।
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बेसहारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए प्रशासन और आमजन को मिलकर प्रयास करने होंगे। प्रशासन पशुपालकों को जागरूक करें कि वे अपने पशुओं को खुले में न छोड़ें। फिर भी पशुपालक नहीं मानते तो प्रशासन सख्ती से कार्रवाई करे। बेसहारा पशुओं को सड़कों से हटवाकर गोशालाओं में भेजा जाए। नितिन गर्ग, पार्षद।
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बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए लगातार अभियान चलाए जाते हैं। जल्द ही शहर में अभियान चलाकर बेसहारा पशुओं की समस्या से निजात दिलाया जाएगा। - गिरधारी लाल, सचिव, नगर पालिका कालांवाली।
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फोटो- 24 से 28
कालांवाली। शहर में बेसहारा पशुओं की बढ़ती समस्या लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बनती जा रही है। सड़कों पर घूम रहे बेसहारा पशु यातायात व्यवस्था को प्रभावित करने के साथ-साथ दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं।
शहरवासियों का कहना है कि दिन-रात मुख्य बाजारों और गलियों में बेसहारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे लोगों का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया। खुह वाला बाजार, पुरानी सब्जी मंडी, दादू रोड, वाटर वर्क्स रोड, डबवाली रोड, ओढ़ां कैंचियां, भगत सिंह मार्केट, पंजाब बस स्टैंड, मॉडल टाउन और हरियाणा बस स्टैंड क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं।
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गोशालाओं ने जताई सहयोग की इच्छा
नंद बाबा गो सेवा संस्थान ने नगर पालिका प्रशासन से कई बार अपील की है कि शहर के बेसहारा पशुओं को पकड़कर गोशाला तक पहुंचाया जाए। संस्थान ने सभी पशुओं को रखने की तैयारी भी जताई है लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। संवाद
शहरवासी बेसहारा पशुओं की समस्या से परेशान हैं। शहर की सड़कों पर आवारा पशु अक्सर आपस में लड़ते रहते हैं और आमजन के साथ-साथ वाहनों को नुकसान पहुंचाते हैं। कई बार राहगीर चोटिल हो चुके हैं। बेसहारा पशु राहगीरों व स्कूली बच्चों के लिए गंभीर खतरा बन गए हैं। प्रशासन को इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना चाहिए। - कविश गर्ग, व्यापारी।
महिलाओं और बच्चों के लिए यह समस्या ओर भी गंभीर है। बच्चों को स्कूल छोड़ना, मंदिर जाना, बाजार जाना जोखिम भरा हो गया है। हर दिन बेसहारा पशु सड़कों पर लड़ते नजर आते हैं जिससे डर का माहौल बना रहता है। - सुलोचना देवी, पूर्व पार्षद।
बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए नगर पालिका प्रशासन को कई बार अवगत कराया जा चुका है। प्रशासन ने कागजों में शहर को कैटल फ्री कर रखा है। धरातल पर सच्चाई बिल्कुल अलग है। प्रशासन को बेसहारा पशुओं से मुक्ति के लिए ठोस कदम उठाना चाहिए। - संदीप वर्मा, समाजसेवी।
बेसहारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए प्रशासन और आमजन को मिलकर प्रयास करने होंगे। प्रशासन पशुपालकों को जागरूक करें कि वे अपने पशुओं को खुले में न छोड़ें। फिर भी पशुपालक नहीं मानते तो प्रशासन सख्ती से कार्रवाई करे। बेसहारा पशुओं को सड़कों से हटवाकर गोशालाओं में भेजा जाए। नितिन गर्ग, पार्षद।
बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए लगातार अभियान चलाए जाते हैं। जल्द ही शहर में अभियान चलाकर बेसहारा पशुओं की समस्या से निजात दिलाया जाएगा। - गिरधारी लाल, सचिव, नगर पालिका कालांवाली।