{"_id":"6a25a580044f7e32e7006c50","slug":"the-water-level-of-the-future-will-be-improved-from-the-well-of-the-past-the-municipal-council-is-ready-to-tackle-waterlogging-challenges-during-the-monsoon-a-rainwater-harvesting-system-is-being-installed-sirsa-news-c-128-1-svns1027-159656-2026-06-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: अतीत के कुएं से संवरेगा भविष्य का जलस्तर, मानसून में जलभराव की चुनौतियों से निपटने को तैयार नगर परिषद, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम किया जा रहा स्थापित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: अतीत के कुएं से संवरेगा भविष्य का जलस्तर, मानसून में जलभराव की चुनौतियों से निपटने को तैयार नगर परिषद, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम किया जा रहा स्थापित
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 07 Jun 2026 10:38 PM IST
विज्ञापन
नगर परिषद परिसर में यहां बनाया जा रहा रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सिरसा। नगर परिषद ने आगामी मानसून के मद्देनजर जलभराव की गंभीर समस्या से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके तहत नगर परिषद कार्यालय परिसर में स्थित कई दशक पुराने बंद पड़े कुएं को साफ-सफाई के बाद दोबारा चालू किया गया है। साथ ही परिसर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी स्थापित किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इन प्रयासों से जहां बारिश के दौरान जलभराव से मुक्ति मिलेगी वहीं भूजल स्तर को सुधारने में भी बड़ी मदद मिलेगी।
यह ऐतिहासिक कुआं कभी इस क्षेत्र में पानी का मुख्य स्रोत हुआ करता था जिसका उपयोग स्कूल और आसपास के लोग करते थे। समय के साथ यह उपेक्षित और बंद हो गया था। अब परिषद ने इस पारंपरिक जल स्रोत को नया जीवन दिया है। बारिश के दौरान परिसर में जमा होने वाले पानी को पाइपों के जरिए सीधे इस कुएं तक पहुंचाया जाएगा जिससे वर्षा जल सीधे जमीन के भीतर समाहित हो सकेगा।
मुख्य सड़क से नीची है बिल्डिंग, दफ्तरों के आगे बनानी पड़ी थी दीवारें
सरकारी स्कूल का भवन काफी पुराना है और मुख्य सड़क से करीब तीन फीट नीचा है। मजबूत सीवरेज सिस्टम न होने के कारण हल्की बारिश में यहां जलभराव हो जाता है। स्थिति इतनी बदतर हो जाती है कि चेयरमैन से लेकर अन्य अधिकारियों के दफ्तरों में पानी न घुसे इसके लिए गलियारों के आगे दो-दो फीट ऊंची पक्की दीवारें बनानी पड़ी हैं। इसी समस्या के स्थाई समाधान के लिए अब इन दोनों प्रोजेक्टों पर काम शुरू किया गया है।
विज्ञापन
40 लाख का टेंडर, छतों का पानी भी होगा संरक्षित
नगर परिषद ने जल निकासी और मरम्मत कार्यों के लिए 40 लाख रुपये से अधिक का टेंडर जारी किया है। इसके तहत एजेंसी द्वारा परिसर में आधुनिक रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया जा रहा है। इसके माध्यम से छतों और खुले मैदानों में गिरने वाले वर्षा जल को विशेष फिल्टर और पाइपलाइन के जरिए सीधे जमीन के भीतर उतारा जाएगा।
-- -- -- --
कुएं में बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था पूरी कर ली गई है। अब रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का काम चल रहा है जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। - दीपक, ठेकेदार
-- -- -
मानसून शुरू होने से पहले अधिकांश तकनीकी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे ताकि इस बार कार्यालय परिसर में जलभराव न हो। इससे जलभराव की समस्या तो थमेगी साथ ही जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। - राहुल कुमार, जेई, नगर परिषद
यह ऐतिहासिक कुआं कभी इस क्षेत्र में पानी का मुख्य स्रोत हुआ करता था जिसका उपयोग स्कूल और आसपास के लोग करते थे। समय के साथ यह उपेक्षित और बंद हो गया था। अब परिषद ने इस पारंपरिक जल स्रोत को नया जीवन दिया है। बारिश के दौरान परिसर में जमा होने वाले पानी को पाइपों के जरिए सीधे इस कुएं तक पहुंचाया जाएगा जिससे वर्षा जल सीधे जमीन के भीतर समाहित हो सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्य सड़क से नीची है बिल्डिंग, दफ्तरों के आगे बनानी पड़ी थी दीवारें
सरकारी स्कूल का भवन काफी पुराना है और मुख्य सड़क से करीब तीन फीट नीचा है। मजबूत सीवरेज सिस्टम न होने के कारण हल्की बारिश में यहां जलभराव हो जाता है। स्थिति इतनी बदतर हो जाती है कि चेयरमैन से लेकर अन्य अधिकारियों के दफ्तरों में पानी न घुसे इसके लिए गलियारों के आगे दो-दो फीट ऊंची पक्की दीवारें बनानी पड़ी हैं। इसी समस्या के स्थाई समाधान के लिए अब इन दोनों प्रोजेक्टों पर काम शुरू किया गया है।
40 लाख का टेंडर, छतों का पानी भी होगा संरक्षित
नगर परिषद ने जल निकासी और मरम्मत कार्यों के लिए 40 लाख रुपये से अधिक का टेंडर जारी किया है। इसके तहत एजेंसी द्वारा परिसर में आधुनिक रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया जा रहा है। इसके माध्यम से छतों और खुले मैदानों में गिरने वाले वर्षा जल को विशेष फिल्टर और पाइपलाइन के जरिए सीधे जमीन के भीतर उतारा जाएगा।
कुएं में बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था पूरी कर ली गई है। अब रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का काम चल रहा है जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। - दीपक, ठेकेदार
मानसून शुरू होने से पहले अधिकांश तकनीकी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे ताकि इस बार कार्यालय परिसर में जलभराव न हो। इससे जलभराव की समस्या तो थमेगी साथ ही जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। - राहुल कुमार, जेई, नगर परिषद