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Sirsa News: ओढ़ां-नुहियांवाली सड़क पर फिसलन से चोटिल हो रहे दोपहिया वाहन चालक
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 20 Mar 2026 10:39 PM IST
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रोड पर फिसलन होने से गिरा बाइक और पास खड़े लोग।
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ओढां। गांव ओढ़ां से नुहियांवाली जाने वाली सड़क का एक हिस्सा लंबे समय से वाहन चालकों के लिए परेशानी बन गया है। इस मार्ग पर दोमट मिट्टी डालने के कारण बीते वीरवार को हुई बारिश में सड़क फिसलन भरी हो गई। इसके परिणामस्वरूप कई दोपहिया वाहन चालक गिर गए, कुछ को अस्पताल ले जाना पड़ा और कुछ को अपने घर लौटना पड़ा।
स्थानीय लोगों ने विभाग की लापरवाही को लेकर नाराजगी व्यक्त की और इस समस्या को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को ट्वीट भी किया। ओढ़ां-नुहियांवाली सड़क का लगभग 12 मरले का हिस्सा एक किसान की भूमि में आता है। विवाद के चलते विभाग ने पास के खेत में अस्थायी कच्चा रास्ता बनाया था। कुछ हिस्सों पर पत्थर डाल दिया गया लेकिन विवादित हिस्से पर सड़क को यूं ही छोड़ दिया गया।
पहले भी इसी समस्या के लिए एक किसान ने आमरण अनशन किया था जो बीडीपीओ के आश्वासन पर तीन दिन बाद समाप्त हुआ। उस दौरान यह तय हुआ कि जब तक पक्की सड़क नहीं बनती, विभाग दोमट मिट्टी डालकर रोज पानी छिड़काव करेगा ताकि वाहन चालकों की परेशानी कम हो और खेतों को नुकसान न पहुंचे। लेकिन बारिश के कारण यह व्यवस्था उल्टा असर कर गई और दोपहिया वाहन चालक गिरने लगे।
धरने की दी चेतावनी
बुधवार रात और वीरवार दिनभर हुई बारिश में यह कच्चा रास्ता दुर्घटनाओं का केंद्र बन गया। चौपहिया वाहन तो गुजर गए लेकिन 11 मोटरसाइकिल फिसल कर गिर गईं। इनमें कई लोग चोटिल हुए और कुछ को अस्पताल ले जाना पड़ा। सहदेव राजपूत, डॉ. राजपाल वर्मा, सीताराम गोयल, मांगेराम, मनीराम, आतिश सुथार, रणवीर जाखड़ और मनीष कुमार का कहना है कि सड़क की अनदेखी का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो मजबूरन धरना देना पड़ेगा।
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बारिश के कारण समस्या बढ़ गई है। सड़क के दोनों ओर के किसानों से सहमति नहीं बन पा रही है। दोनों खेतों के किसान सड़क वाली भूमि के लिए अधिक रेट मांग रहे हैं जबकि विभाग के पास ऐसा प्रावधान नहीं है। सड़क के करीब 70 फीट क्षेत्र में समस्या अधिक है बाकी जगहों पर पत्थर डाल दिया गया है। सहमति बनते ही सड़क का निर्माण जल्द किया जाएगा। - लखबीर सिंह, एसडीओ, मार्केटिंग बोर्ड कालांवाली।
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स्थानीय लोगों ने विभाग की लापरवाही को लेकर नाराजगी व्यक्त की और इस समस्या को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को ट्वीट भी किया। ओढ़ां-नुहियांवाली सड़क का लगभग 12 मरले का हिस्सा एक किसान की भूमि में आता है। विवाद के चलते विभाग ने पास के खेत में अस्थायी कच्चा रास्ता बनाया था। कुछ हिस्सों पर पत्थर डाल दिया गया लेकिन विवादित हिस्से पर सड़क को यूं ही छोड़ दिया गया।
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पहले भी इसी समस्या के लिए एक किसान ने आमरण अनशन किया था जो बीडीपीओ के आश्वासन पर तीन दिन बाद समाप्त हुआ। उस दौरान यह तय हुआ कि जब तक पक्की सड़क नहीं बनती, विभाग दोमट मिट्टी डालकर रोज पानी छिड़काव करेगा ताकि वाहन चालकों की परेशानी कम हो और खेतों को नुकसान न पहुंचे। लेकिन बारिश के कारण यह व्यवस्था उल्टा असर कर गई और दोपहिया वाहन चालक गिरने लगे।
धरने की दी चेतावनी
बुधवार रात और वीरवार दिनभर हुई बारिश में यह कच्चा रास्ता दुर्घटनाओं का केंद्र बन गया। चौपहिया वाहन तो गुजर गए लेकिन 11 मोटरसाइकिल फिसल कर गिर गईं। इनमें कई लोग चोटिल हुए और कुछ को अस्पताल ले जाना पड़ा। सहदेव राजपूत, डॉ. राजपाल वर्मा, सीताराम गोयल, मांगेराम, मनीराम, आतिश सुथार, रणवीर जाखड़ और मनीष कुमार का कहना है कि सड़क की अनदेखी का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो मजबूरन धरना देना पड़ेगा।
बारिश के कारण समस्या बढ़ गई है। सड़क के दोनों ओर के किसानों से सहमति नहीं बन पा रही है। दोनों खेतों के किसान सड़क वाली भूमि के लिए अधिक रेट मांग रहे हैं जबकि विभाग के पास ऐसा प्रावधान नहीं है। सड़क के करीब 70 फीट क्षेत्र में समस्या अधिक है बाकी जगहों पर पत्थर डाल दिया गया है। सहमति बनते ही सड़क का निर्माण जल्द किया जाएगा। - लखबीर सिंह, एसडीओ, मार्केटिंग बोर्ड कालांवाली।