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Sonipat News: मुनक नहर एलिवेटेड कॉरिडोर को मिली मंजूरी, तीन साल में काम होगा पूरा
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 09 Jan 2026 02:05 AM IST
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सोनीपत। दिल्ली आवागमन के दौरान जाम से जूझने वाले सोनीपत जिले के हजारों वाहन चालकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुनक नहर के साथ बनने वाले 20 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी मिल गई है।
करीब 4,700 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह कॉरिडोर इंद्रलोक से बवाना होते हुए यूईआर-2 तक जाएगा लेकिन इसका सबसे बड़ा लाभ सोनीपत, कुंडली, मुरथल और गन्नौर क्षेत्र के लोगों को मिलेगा।
वर्तमान में सोनीपत से दिल्ली जाने वाले लोगों को जीटी रोड, कुंडली बॉर्डर, बवाना और आउटर रिंग रोड पर भारी ट्रैफिक जाम झेलना पड़ता है। सुबह-शाम यह सफर कई बार डेढ़ से दो घंटे तक का हो जाता है। एलिवेटेड कॉरिडोर बनने से दिल्ली की दूरी कम समय में तय हो सकेगी।
कुंडली-राई औद्योगिक क्षेत्र को मिलेगा लाभ
इस परियोजना से कुंडली, राई और मुरथल औद्योगिक क्षेत्र को सीधा फायदा होगा। रोजाना दिल्ली, बवाना और नरेला की ओर जाने वाले ट्रक, कंटेनर और कर्मचारियों की आवाजाही आसान हो जाएगी। इससे न केवल समय और ईंधन की बचत होगी बल्कि उद्योगों की लॉजिस्टिक लागत भी घटेगी।
सोनीपत के यात्रियों को प्रदूषण और थकान से निजात की आस
एलिवेटेड कॉरिडोर शुरू होने से दिल्ली के उत्तरी हिस्से में ट्रैफिक का दबाव कम होगा। इसका सीधा असर सोनीपत से आने-जाने वाले यात्रियों पर पड़ेगा। जाम कम होने से वाहन कम समय तक सड़कों पर फंसे रहेंगे। इससे प्रदूषण में कमी आएगी। रोजाना अप-डाउन करने वालों की थकान भी घटेगी।
तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य
टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस परियोजना को तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही इंद्रलोक से कश्मीरी गेट तक टनल निर्माण पर भी अध्ययन चल रहा है। यदि यह योजना साकार होती है तो सोनीपत से आने वाले लोग सीधे मध्य दिल्ली तक बिना ट्रैफिक जाम पहुंच सकेंगे।
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करीब 4,700 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह कॉरिडोर इंद्रलोक से बवाना होते हुए यूईआर-2 तक जाएगा लेकिन इसका सबसे बड़ा लाभ सोनीपत, कुंडली, मुरथल और गन्नौर क्षेत्र के लोगों को मिलेगा।
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वर्तमान में सोनीपत से दिल्ली जाने वाले लोगों को जीटी रोड, कुंडली बॉर्डर, बवाना और आउटर रिंग रोड पर भारी ट्रैफिक जाम झेलना पड़ता है। सुबह-शाम यह सफर कई बार डेढ़ से दो घंटे तक का हो जाता है। एलिवेटेड कॉरिडोर बनने से दिल्ली की दूरी कम समय में तय हो सकेगी।
कुंडली-राई औद्योगिक क्षेत्र को मिलेगा लाभ
इस परियोजना से कुंडली, राई और मुरथल औद्योगिक क्षेत्र को सीधा फायदा होगा। रोजाना दिल्ली, बवाना और नरेला की ओर जाने वाले ट्रक, कंटेनर और कर्मचारियों की आवाजाही आसान हो जाएगी। इससे न केवल समय और ईंधन की बचत होगी बल्कि उद्योगों की लॉजिस्टिक लागत भी घटेगी।
सोनीपत के यात्रियों को प्रदूषण और थकान से निजात की आस
एलिवेटेड कॉरिडोर शुरू होने से दिल्ली के उत्तरी हिस्से में ट्रैफिक का दबाव कम होगा। इसका सीधा असर सोनीपत से आने-जाने वाले यात्रियों पर पड़ेगा। जाम कम होने से वाहन कम समय तक सड़कों पर फंसे रहेंगे। इससे प्रदूषण में कमी आएगी। रोजाना अप-डाउन करने वालों की थकान भी घटेगी।
तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य
टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस परियोजना को तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही इंद्रलोक से कश्मीरी गेट तक टनल निर्माण पर भी अध्ययन चल रहा है। यदि यह योजना साकार होती है तो सोनीपत से आने वाले लोग सीधे मध्य दिल्ली तक बिना ट्रैफिक जाम पहुंच सकेंगे।