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Sonipat News: सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा डाला तो लगेगा 5 से 50 हजार तक जुर्माना
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माई सिटी रिपोर्टर
सोनीपत। उपायुक्त सुशील सारवान रोड के किनारे, खाली प्लॉट और सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ा फेंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन पर 5 से 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश दिया है। उन्होंने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से प्रकाश यादव बनाम हरियाणा राज्य मामले का हवाला दिया है।
उन्होंने ने बताया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के अनुसार कोई भी कचरा उत्पन्न करने वाला व्यक्ति या संस्थान अपनी सीमा से बाहर गलियों, सार्वजनिक स्थानों या नालियों में कचरा नहीं फेंक सकता और न ही उसे जला सकता है।
नियमों के तहत प्रत्येक नागरिक को अपने घर या संस्थान का कचरा गीले, सूखे और घरेलू खतरनाक कचरे के रूप में अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर केवल अधिकृत कचरा संग्रहकर्ताओं को ही सौंपना है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अजय मलिक ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने पर मुआवजा वसूला जाएगा।
सामान्य कचरा फैलाने के पहले मामले में 5 हजार और दोबारा उल्लंघन करने पर पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, बड़ी मात्रा में कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों, निकायों या ठेकेदार पर लापरवाही बरतने पर पहली बार 25 हजार और दूसरी बार 50 हजार रुपये का दंड निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि इस जुर्माना की वसूली के लिए नगर निगम आयुक्त, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारियों और प्रदूषण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों को अधिकृत किया गया है। यदि कोई व्यक्ति जुर्माना नहीं भरता है, तो उससे भू-राजस्व के बकाया की तरह कानूनन वसूला जाएगा।
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सोनीपत। उपायुक्त सुशील सारवान रोड के किनारे, खाली प्लॉट और सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ा फेंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन पर 5 से 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश दिया है। उन्होंने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से प्रकाश यादव बनाम हरियाणा राज्य मामले का हवाला दिया है।
उन्होंने ने बताया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के अनुसार कोई भी कचरा उत्पन्न करने वाला व्यक्ति या संस्थान अपनी सीमा से बाहर गलियों, सार्वजनिक स्थानों या नालियों में कचरा नहीं फेंक सकता और न ही उसे जला सकता है।
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नियमों के तहत प्रत्येक नागरिक को अपने घर या संस्थान का कचरा गीले, सूखे और घरेलू खतरनाक कचरे के रूप में अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर केवल अधिकृत कचरा संग्रहकर्ताओं को ही सौंपना है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अजय मलिक ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने पर मुआवजा वसूला जाएगा।
सामान्य कचरा फैलाने के पहले मामले में 5 हजार और दोबारा उल्लंघन करने पर पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, बड़ी मात्रा में कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थानों, निकायों या ठेकेदार पर लापरवाही बरतने पर पहली बार 25 हजार और दूसरी बार 50 हजार रुपये का दंड निर्धारित किया गया है।
उन्होंने बताया कि इस जुर्माना की वसूली के लिए नगर निगम आयुक्त, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारियों और प्रदूषण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों को अधिकृत किया गया है। यदि कोई व्यक्ति जुर्माना नहीं भरता है, तो उससे भू-राजस्व के बकाया की तरह कानूनन वसूला जाएगा।