सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Drains Clogged with Filth; Risk of Waterlogging Due to Delayed Cleaning

Yamuna Nagar News: गंदगी से अटे नाले, सफाई में देरी से जलभराव का खतरा

संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Wed, 25 Mar 2026 01:15 AM IST
विज्ञापन
Drains Clogged with Filth; Risk of Waterlogging Due to Delayed Cleaning
जगाधरी के बर्तन बाजार में गंदगी से अटा नाला। संवाद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
Trending Videos

यमुनानगर। शहर में नालों की सफाई का काम इस बार निविदा प्रक्रिया में उलझ गया है। नगर निगम ने फरवरी के पहले सप्ताह में सफाई शुरू कराने का दावा किया गया था। वहीं मार्च के अंत तक भी काम शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में शहर के बड़े और छोटे अधिकांश नाले कचरे, पॉलीथिन और गाद से अटे पड़े हैं, जिससे आने वाले मानसून को लेकर चिंता बढ़ने लगी है।
नगर निगम क्षेत्र में करीब 32 बड़े नाले हैं, जिनकी कुल लंबाई लगभग 58 किलोमीटर है। इसके अलावा शहर में 340 छोटी ड्रेन भी हैं, जिनकी लंबाई करीब 134 किलोमीटर बताई जा रही है। इस बार निगम ने पहली बार छोटी नालियों की सफाई को भी योजना में शामिल किया है, लेकिन इसके लिए अभी तक टेंडर जारी नहीं किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बड़े नालों की सफाई पर करीब 2.06 करोड़ रुपये और छोटी ड्रेन की सफाई पर लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। फिलहाल निगम ने केवल बड़े नालों की सफाई का टेंडर लगाया है, जो अगले महीने खुलेगा। वहीं छोटी ड्रेन के लिए टेंडर प्रक्रिया अभी शुरू ही नहीं हुई है। ऐसे में सफाई कार्य मई महीने से पहले शुरू होने की संभावना बेहद कम है।
जगाधरी से निकलने वाला मुख्य नाला यमुनानगर की करीब एक दर्जन कॉलोनियों से गुजरते हुए पश्चिमी यमुना नहर के किनारे स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में जाकर गिरता है। इस नाले की नियमित सफाई न होने के कारण आसपास के इलाके हर साल जलमग्न हो जाते हैं।
जगाधरी के गौरी शंकर कॉलोनी मंदिर, देवी भवन बाजार, श्मशान घाट रोड, सिविल लाइन, गांधी धाम, मटका चौक से बर्तन बाजार तक का क्षेत्र बारिश होते ही पानी में डूब जाता है। यमुनानगर शहर में प्रोफेसर कॉलोनी, स्वामी विवेकानंद स्कूल के पास का इलाका, एफसीआई गोदाम के आसपास का क्षेत्र, बस स्टैंड के नजदीक लाजपत नगर और अन्य कई मोहल्लों में बरसात के दिनों में नाले ओवरफ्लो हो जाते हैं।
निगम सदन में भी उठ चुका मामला
पार्षद जयंत स्वामी, विक्रम राणा, प्रियांक शर्मा समेत कई पार्षद नालों की सफाई पर पिछले दिनों हुई सदन की बैठक में अधिकारियों को घेर चुके हैं। उनका कहना है कि अब तो मौसम का कुछ पता ही नहीं है कब करवट ले और तेज बारिश होने लगे। अब तो मानसून से पहले भी जोरदार बारिश होने लगती है। ऐसे में अब केवल मानसून सीजन का ही इंतजार नहीं करना चाहिए। समय पर सफाई नहीं होने से बारिश के दौरान जलभराव की समस्या गंभीर हो सकती है।
पहली बार एक साल के लिए निविदा
हर साल मानसून से पहले नालों की सफाई कराना आवश्यक माना जाता है। इस बार निविदा प्रक्रिया में देरी के चलते पूरा शेड्यूल प्रभावित हो गया है। यदि समय रहते सफाई कार्य शुरू नहीं हुआ, तो शहर को जलभराव, बदबू और बीमारियों जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। पिछले साल तक नालों की सफाई केवल मानसून सीजन के दौरान ही करवाई जाती थी। इस बार निगम ने पूरे साल सफाई कराने की योजना बनाई है।
नालों की सफाई के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू हो गई है। पार्षदों से भीसुझाव मांगे हैं ताकि कोई नाला या नाली सफाई से रह न जाए। जलभराव वाले इलाकों में विशेष ध्यान दिया जाएगा। पहली बार पूरे साल के लिए नालों की सफाई करवाई जाएगी। - सुमन बहमनी, मेयर नगर निगम यमुनानगर जगाधरी।

जगाधरी के बर्तन बाजार में गंदगी से अटा नाला। संवाद

जगाधरी के बर्तन बाजार में गंदगी से अटा नाला। संवाद

जगाधरी के बर्तन बाजार में गंदगी से अटा नाला। संवाद

जगाधरी के बर्तन बाजार में गंदगी से अटा नाला। संवाद

जगाधरी के बर्तन बाजार में गंदगी से अटा नाला। संवाद

जगाधरी के बर्तन बाजार में गंदगी से अटा नाला। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed