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Yamuna Nagar News: हाइटेंशन तार की चपेट में आने से झुलसा बुजुर्ग
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 11 Apr 2026 03:21 AM IST
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हाईटेंशन तारों की चपेट में आए महेंद्र सिंह को पीजीआई लेकर जाते परिजन। संवाद
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यमुनानगर। गांधी नगर क्षेत्र में पेंट का काम कर रहे 75 वर्षीय महेंद्र सिंह हाइटेंशन तार की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गए। वहीं हादसे के बाद समय पर एंबुलेंस सेवा उपलब्ध न होने से स्थानीय लोगों ने महेंद्र सिंह को बाइक पर ही सिविल अस्पताल पहुंचाया।
वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार देने के बाद उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। समय पर एंबुलेस के नहीं पहुंचने से स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि समय रहते सहायता मिल जाती तो हालत इतनी गंभीर नहीं होती। परिजनों के अनुसार महेंद्र सिंह ठेकेदार सुनील के अधीन दुकान पर पेंट का कार्य कर रहे थे।
इसी दौरान अचानक वह हाइटेंशन तारों की चपेट में आ गए और करंट लगने से नीचे गिर पड़े। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन करीब एक घंटे तक कोई सहायता नहीं पहुंची।
महेंद्र सिंह के दामाद अंकित ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि एंबुलेंस समय पर पहुंचती तो हालत इतनी नहीं बिगड़ती। उन्होंने कहा कि देरी के कारण इलाज में भी देर हुई, जिससे जोखिम और बढ़ गया। महेंद्र सिंह के परिवार में केवल एक बेटी है और उनका बेटा पहले ही एक हादसे में जान गंवा चुका है। ऐसे में परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। जैसे ही डॉक्टरों ने उन्हें पीजीआई रेफर किया, इस दौरान उनकी बेटी की तबीयत भी बिगड़ गई और उसे चक्कर आ गया। संवाद
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वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार देने के बाद उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। समय पर एंबुलेस के नहीं पहुंचने से स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि समय रहते सहायता मिल जाती तो हालत इतनी गंभीर नहीं होती। परिजनों के अनुसार महेंद्र सिंह ठेकेदार सुनील के अधीन दुकान पर पेंट का कार्य कर रहे थे।
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इसी दौरान अचानक वह हाइटेंशन तारों की चपेट में आ गए और करंट लगने से नीचे गिर पड़े। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन करीब एक घंटे तक कोई सहायता नहीं पहुंची।
महेंद्र सिंह के दामाद अंकित ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि एंबुलेंस समय पर पहुंचती तो हालत इतनी नहीं बिगड़ती। उन्होंने कहा कि देरी के कारण इलाज में भी देर हुई, जिससे जोखिम और बढ़ गया। महेंद्र सिंह के परिवार में केवल एक बेटी है और उनका बेटा पहले ही एक हादसे में जान गंवा चुका है। ऐसे में परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। जैसे ही डॉक्टरों ने उन्हें पीजीआई रेफर किया, इस दौरान उनकी बेटी की तबीयत भी बिगड़ गई और उसे चक्कर आ गया। संवाद

हाईटेंशन तारों की चपेट में आए महेंद्र सिंह को पीजीआई लेकर जाते परिजन। संवाद