{"_id":"69c2e7ee808a0e45ef04ceb5","slug":"healthcare-services-in-government-hospitals-have-collapsed-devendra-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1018-153325-2026-03-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई : देवेन्द्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई : देवेन्द्र
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 25 Mar 2026 01:07 AM IST
विज्ञापन
वार्ता करते कांग्रेस के शहर जिला अध्यक्ष देवेंद्र सिंह व अन्य। संवाद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने सरकार पर निशाना साधा है। जिला कांग्रेस शहरी प्रधान देवेन्द्र सिंह ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई हुई है और इसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि जिला नागरिक अस्पताल में स्टाफ की भारी कमी के चलते मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रिकॉर्ड के अनुसार सिविल सर्जन का पद भी नियमित रूप से नहीं भरा गया है। अतिरिक्त प्रभार के सहारे काम चल रहा है। सीनियर डॉक्टरों के 17 पदों में से केवल 8 भरे हैं, जबकि कुल 192 पदों में से 93 पद खाली पड़े हैं। इसके कारण डॉक्टरों पर अत्यधिक दबाव है और ओपीडी में मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं। रेडियोग्राफर के 21 पदों में से केवल 2 कार्यरत हैं, जबकि 19 पद खाली हैं। नर्सिंग स्टाफ के 234 पदों में से 103 पद रिक्त हैं। लैब स्टाफ के 61 में से 29 पद खाली हैं और फार्मेसी में 36 पद रिक्त पड़े हैं।
Trending Videos
यमुनानगर। जिले के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने सरकार पर निशाना साधा है। जिला कांग्रेस शहरी प्रधान देवेन्द्र सिंह ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई हुई है और इसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि जिला नागरिक अस्पताल में स्टाफ की भारी कमी के चलते मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रिकॉर्ड के अनुसार सिविल सर्जन का पद भी नियमित रूप से नहीं भरा गया है। अतिरिक्त प्रभार के सहारे काम चल रहा है। सीनियर डॉक्टरों के 17 पदों में से केवल 8 भरे हैं, जबकि कुल 192 पदों में से 93 पद खाली पड़े हैं। इसके कारण डॉक्टरों पर अत्यधिक दबाव है और ओपीडी में मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं। रेडियोग्राफर के 21 पदों में से केवल 2 कार्यरत हैं, जबकि 19 पद खाली हैं। नर्सिंग स्टाफ के 234 पदों में से 103 पद रिक्त हैं। लैब स्टाफ के 61 में से 29 पद खाली हैं और फार्मेसी में 36 पद रिक्त पड़े हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन